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शतरंज की बिसात पर दिखा बच्चों का दिमागी दमखम, नित्या गौड़ बनीं चैंपियन

बिजनौर में शतरंज की बिसात पर दिखा बच्चों का दिमागी दमखम, नित्या गौड़ बनीं चैंपियन

राष्ट्रीय खेल दिवस पर नेहरू स्टेडियम के चेस क्लब में रोमांचक मुकाबले, युग गौड़ उपविजेता; चार राउंड में खिलाड़ियों ने दिखाई रणनीति और एकाग्रता

बिजनौर। राष्ट्रीय खेल दिवस पर नेहरू स्टेडियम बिजनौर के अंतर्गत संचालित चेस क्लब में आयोजित शतरंज प्रतियोगिता में बच्चों ने अपनी रणनीतिक सोच, धैर्य और एकाग्रता का शानदार प्रदर्शन किया। चार राउंड तक चले मुकाबलों में शतरंज की बिसात पर खिलाड़ियों के बीच ऐसी जोरदार टक्कर देखने को मिली कि कई मुकाबलों में अंतिम चाल तक रोमांच बना रहा।

महान हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद की जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित प्रतियोगिता में विभिन्न आयु वर्ग के खिलाड़ियों ने उत्साह के साथ प्रतिभाग किया। हर खिलाड़ी ने प्रतिद्वंद्वी की चाल को भांपते हुए अपनी रणनीति के अनुसार अगली चाल चलने की कोशिश की। प्रतियोगिता का आयोजन चीफ आर्बिटर नूतन भारद्वाज एवं डिप्टी चीफ आर्बिटर सर्वज्ञ के निर्देशन में कराया गया।

नित्या गौड़ ने जीता खिताब, युग गौड़ दूसरे स्थान पर

रोमांचक मुकाबलों के बाद नित्या गौड़ ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रतियोगिता में प्रथम स्थान हासिल किया और विजेता बनीं। युग गौड़ ने उपविजेता का स्थान प्राप्त किया।

अथर्व वत्स तृतीय, अतिक्षा गुप्ता चतुर्थ और आर्यका सिंह पंचम स्थान पर रहीं। खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने साबित किया कि शतरंज में जीत केवल चाल चलने से नहीं, बल्कि सही समय पर सही निर्णय लेने की क्षमता से मिलती है।

शह-मात के खेल में बच्चों ने दिखाई सोच की ताकत

शतरंज को अक्सर दिमाग का खेल कहा जाता है और प्रतियोगिता में यह बात पूरी तरह नजर आई। खिलाड़ियों को एक ओर अपनी चाल की योजना बनानी थी, तो दूसरी ओर प्रतिद्वंद्वी की अगली रणनीति को भी समझना था। यही वजह रही कि प्रतियोगिता के दौरान कई मुकाबले खासे रोमांचक रहे।

आयोजकों ने कहा कि शतरंज बच्चों में एकाग्रता, धैर्य, तार्किक क्षमता, अनुशासन और निर्णय लेने की क्षमता विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे आयोजनों से बच्चों को अपनी प्रतिभा को प्रतियोगी मंच पर परखने का अवसर मिलता है।

सबसे कम उम्र के प्रतिभागी स्वास्तिक भी बने आकर्षण

प्रतियोगिता में सबसे कम उम्र के प्रतिभागी स्वास्तिक को भी विशेष रूप से मेडल पहनाकर सम्मानित किया गया। आयोजकों और अतिथियों ने उसके उत्साह की सराहना करते हुए उसे आगे भी शतरंज के अभ्यास के लिए प्रेरित किया।

मुख्य अतिथि वरिष्ठ पत्रकार अवनीश गौड़ तथा विशिष्ट अतिथि राजकुमारी यादव, पत्नी डीआईओएस जयकरण यादव ने विजेता खिलाड़ियों को मेडल पहनाकर सम्मानित किया।

कोच ने कहा—लगातार अभ्यास से निखरेगी प्रतिभा

चेस क्लब के कोच नूतन भारद्वाज ने राष्ट्रीय खेल दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए खिलाड़ियों को नियमित अभ्यास के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि शतरंज में बेहतर प्रदर्शन के लिए निरंतर अभ्यास, धैर्य और रणनीतिक सोच जरूरी है।

जिला क्रीड़ा अधिकारी राजकुमार और कनिष्ठ सहायक हिमांशु ने प्रतियोगिता में शामिल सभी खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने उम्मीद जताई कि खिलाड़ी निरंतर अभ्यास करते हुए आगे चलकर जनपद का नाम रोशन करेंगे।

अभिभावकों ने चेस क्लब की पहल को सराहा

प्रतियोगिता में मौजूद अभिभावकों ने बच्चों को शतरंज सीखने और अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए मंच उपलब्ध कराने की पहल की सराहना की। उनका कहना था कि ऐसे आयोजनों से बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ता है और उनमें प्रतियोगिता की भावना के साथ अनुशासन भी विकसित होता है।

ऋचा गुप्ता, संदीप गुप्ता, ज्योति शर्मा, दीपा पवार, नरोत्तम शर्मा, मीनाक्षी प्रजापति, सुरभि गुप्ता और राम शर्मा सहित कई अभिभावक प्रतियोगिता के दौरान मौजूद रहे।

खेल दिवस का संदेश—मैदान हो या शतरंज की बिसात, जीत की पहली सीढ़ी अभ्यास

राष्ट्रीय खेल दिवस पर आयोजित यह प्रतियोगिता सिर्फ शतरंज के मुकाबलों तक सीमित नहीं रही, बल्कि बच्चों में खेल भावना और मानसिक क्षमता विकसित करने का संदेश भी देती नजर आई। शतरंज की बिसात पर चली हर चाल ने यह दिखाया कि खेल बच्चों को जीत-हार से आगे बढ़कर सोचने, धैर्य रखने और सही निर्णय लेने की सीख भी देता है।

TargetTvLive परिवार की ओर से सभी विजेता एवं प्रतिभागी खिलाड़ियों को हार्दिक बधाई एवं उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए अनंत शुभकामनाएं। हमें विश्वास है कि इन बच्चों की प्रतिभा, मेहनत और निरंतर अभ्यास आने वाले समय में उन्हें नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा और वे जनपद बिजनौर का नाम रोशन करेंगे।

रिपोर्ट: अवनीश त्यागी | TargetTvLive

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