बिजनौर में किसानों का प्रदर्शन, CM योगी के नाम सौंपा 10 सूत्रीय ज्ञापन; ₹550 प्रति क्विंटल गन्ना मूल्य और कर्ज माफी की मांग
बिजनौर, 20 जुलाई 2026 | TargetTvLive
भारतीय किसान यूनियन लोकशक्ति ने सोमवार को बिजनौर में आयोजित मासिक पंचायत के बाद किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम 10 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। संगठन ने गन्ने का मूल्य ₹550 प्रति क्विंटल घोषित करने, किसानों के बैंक ऋण माफ करने, 60 वर्ष से अधिक आयु के किसानों और मजदूरों को ₹10 हजार मासिक पेंशन देने तथा स्मार्ट मीटर की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग उठाई है।
कलेक्ट्रेट तक निकाला जुलूस
गन्ना समिति परिसर में आयोजित पंचायत के बाद बड़ी संख्या में किसान और संगठन के पदाधिकारी जुलूस की शक्ल में कलेक्ट्रेट पहुंचे। जिलाध्यक्ष चौधरी वीर सिंह सहरावत ने उप जिलाधिकारी सदर को मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपते हुए किसानों की समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की।
समाधान नहीं हुआ तो होगा आंदोलन
जिलाध्यक्ष चौधरी वीर सिंह सहरावत ने कहा कि किसान आज आर्थिक और सामाजिक दोनों प्रकार की समस्याओं से जूझ रहा है। अपनी जायज मांगों को लेकर आवाज उठाने वाले किसानों को फर्जी मुकदमों में फंसाने और धमकाने की घटनाएं चिंता का विषय हैं।
उन्होंने कहा कि यदि किसानों की समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया तो भारतीय किसान यूनियन लोकशक्ति पूरे जनपद में व्यापक जनआंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होगी।
किसानों की प्रमुख मांगें
- भारत-अमेरिका ट्रेड डील को किसान हित में रद्द किया जाए।
- पेराई सत्र 2026-27 के लिए गन्ने का मूल्य ₹550 प्रति क्विंटल घोषित किया जाए।
- सभी चीनी मिलों द्वारा 14 दिनों के भीतर गन्ना भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
- किसानों की 4 प्रतिशत लंबित ब्याज सब्सिडी वापस कराई जाए।
- घरेलू बिजली कनेक्शनों पर बढ़ाए गए भार को वापस लेकर पूर्व व्यवस्था लागू की जाए।
- नए बिजली कनेक्शनों पर स्मार्ट मीटर की अनिवार्यता समाप्त की जाए।
- किसानों के सभी बैंक ऋण पूर्ण रूप से माफ किए जाएं।
- 60 वर्ष से अधिक आयु के किसानों एवं मजदूरों को ₹10 हजार प्रतिमाह पेंशन प्रदान की जाए।
- आदमखोर गुलदारों, निराश्रित पशुओं एवं जंगली जानवरों से किसानों के जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
- किसान आंदोलनों के दौरान फर्जी मुकदमे दर्ज करने की प्रवृत्ति पर तत्काल रोक लगाई जाए।
किसानों की सुरक्षा भी बड़ा मुद्दा
संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि जनपद के कई ग्रामीण क्षेत्रों में निराश्रित पशुओं और आदमखोर गुलदारों का आतंक लगातार बढ़ रहा है। किसान अपनी फसलों और परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। इसके अलावा सड़क, बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं भी किसानों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई हैं।
प्रशासन ने दिया आश्वासन
उप जिलाधिकारी सदर ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि जनपद स्तर की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान कराया जाएगा। साथ ही शासन स्तर की मांगों को सरकार तक पहुंचाया जाएगा।
TargetTvLive विश्लेषण
भाकियू लोकशक्ति का यह ज्ञापन केवल गन्ने के मूल्य तक सीमित नहीं है। इसमें किसानों की आर्थिक सुरक्षा, सामाजिक सम्मान और ग्रामीण क्षेत्रों की मूलभूत समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया है। गन्ने का ₹550 प्रति क्विंटल मूल्य, पूर्ण कर्ज माफी और किसान पेंशन जैसी मांगें आगामी समय में किसान राजनीति के महत्वपूर्ण मुद्दे बन सकती हैं।
यदि इन मांगों पर समय रहते सकारात्मक पहल नहीं हुई तो संगठन द्वारा बड़े स्तर पर आंदोलन की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।
रिपोर्ट : अवनीश त्यागी
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