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अब नहीं चलेगी अनफिट स्कूल बस! डीएम जसजीत कौर का बड़ा एक्शन, नियम तोड़े तो सीधे होगी कार्रवाई

स्कूलों की बढ़ीं मुश्किलें! डीएम जसजीत कौर का बड़ा आदेश, अनफिट वाहन मिले तो सीधे होगी कार्रवाई

अब बिना CCTV, GPS और सुरक्षा इंतजाम के नहीं चलेंगे स्कूल वाहन, बच्चों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने अपनाई जीरो टॉलरेंस नीति
TargetTvLive | विशेष रिपोर्ट
रिपोर्ट: अवनीश त्यागी

बिजनौर, 03 जुलाई 2026। अब जिले में स्कूली बच्चों की सुरक्षा के साथ कोई भी लापरवाही भारी पड़ सकती है। जिलाधिकारी जसजीत कौर ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि अनफिट या नियमों के खिलाफ चल रहे स्कूल वाहनों को किसी भी कीमत पर सड़क पर नहीं चलने दिया जाएगा। नियम तोड़ने वाले स्कूलों और वाहन संचालकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला विद्यालय वाहन परिवहन सुरक्षा समिति की बैठक में स्कूल वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था की गहन समीक्षा की गई। बैठक में बच्चों के सुरक्षित आवागमन को लेकर कई अहम फैसले लिए गए, जो आने वाले दिनों में जिले के सभी स्कूलों पर लागू होंगे।

हर स्कूल वाहन की होगी जांच, नियम तोड़ने वालों पर गिरेगी कार्रवाई की गाज

जिलाधिकारी ने जिला विद्यालय निरीक्षक और बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि जिले के सभी स्कूलों में चल रहे चार पहिया वाहनों की फिटनेस, परमिट, बीमा, दस्तावेज और सुरक्षा उपकरणों की विशेष जांच कराई जाए।

उन्होंने कहा कि जहां भी अनफिट वाहन या नियमों की अनदेखी मिले, वहां पहले नोटिस जारी किया जाए। यदि इसके बाद भी लापरवाही जारी रहती है तो ऐसे वाहनों का संचालन तुरंत बंद कराया जाए और संबंधित स्कूल प्रबंधन व वाहन संचालकों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए।

अब इन सुरक्षा सुविधाओं के बिना नहीं चलेगा कोई भी स्कूल वाहन

डीएम ने स्पष्ट किया कि हर स्कूल वाहन में निम्नलिखित व्यवस्थाएं अनिवार्य होंगी—

 सीसीटीवी कैमरा
 जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम
 फर्स्ट एड बॉक्स
अग्निशमन यंत्र
 इमरजेंसी एग्जिट
 प्रशिक्षित चालक
 वैध ड्राइविंग लाइसेंस
पुलिस सत्यापन
 वाहन परिचालक (अटेंडेंट)

उन्होंने कहा कि यदि इनमें से किसी भी सुरक्षा मानक की अनदेखी मिली तो संबंधित विद्यालय और वाहन संचालक के खिलाफ बिना किसी ढिलाई के कार्रवाई होगी।

अभिभावकों को मिलेगी राहत, बच्चों की सुरक्षा होगी और मजबूत

प्रशासन की इस सख्ती को अभिभावकों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। अक्सर ओवरलोडिंग, अनफिट वाहन और सुरक्षा उपकरणों की कमी के कारण हादसों की आशंका बनी रहती है। ऐसे में प्रशासन का यह अभियान बच्चों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

प्रशासन का स्पष्ट संदेश—’बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं’

बैठक में जिलाधिकारी जसजीत कौर ने दो टूक कहा कि “विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी विद्यालय या वाहन संचालक को नियमों से खिलवाड़ करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।” उन्होंने सभी संबंधित विभागों को नियमित निरीक्षण और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी रणविजय सिंह, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, बेसिक शिक्षा अधिकारी, पुलिस एवं परिवहन विभाग के अधिकारी तथा विभिन्न विद्यालयों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

TargetTvLive Analysis

बिजनौर प्रशासन का यह फैसला केवल एक सरकारी बैठक नहीं, बल्कि जिले के हजारों स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की ठोस पहल है। यदि निर्देशों का ईमानदारी से पालन कराया गया, तो अनफिट स्कूल वाहनों पर रोक लगेगी, नियमों का पालन बढ़ेगा और अभिभावकों का भरोसा भी मजबूत होगा। साफ है कि अब बच्चों की सुरक्षा के मामले में प्रशासन किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार करने के मूड में नहीं है।

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