Target Tv Live

बिजनौर में डीएपी कालाबाजारी पर डीएम का सबसे बड़ा एक्शन! CCTV निगरानी, सघन चेकिंग और सख्त कार्रवाई के आदेश

बिजनौर में डीएपी कालाबाजारी पर डीएम का सबसे बड़ा एक्शन! CCTV निगरानी, सघन चेकिंग और सख्त कार्रवाई के आदेश

बिजनौर | TargetTvLive
रिपोर्ट: अवनीश त्यागी

खरीफ सीजन के बीच किसानों के लिए सबसे जरूरी डीएपी उर्वरक को लेकर बिजनौर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। जिले में डीएपी की चोरी, कालाबाजारी, अवैध भंडारण और अनधिकृत बिक्री की आशंकाओं को देखते हुए जिलाधिकारी जसजीत कौर ने सख्त रुख अपनाया है। अब संवेदनशील सहकारी समितियों और उर्वरक वितरण केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, नियमित निगरानी होगी और गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी।

शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित डिस्ट्रिक्ट कोऑपरेटिव डेवलपमेंट कोऑर्डिनेशन (डीसीडीसी) समिति की बैठक में जिलाधिकारी ने सहकारिता विभाग के कार्यों और योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की। बैठक के दौरान उन्होंने साफ कहा कि किसानों के अधिकारों से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा और सरकारी योजनाओं का लाभ पूरी पारदर्शिता के साथ पात्र किसानों तक पहुंचना चाहिए।

किसानों को समय पर मिले डीएपी, यही प्रशासन की प्राथमिकता

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि खरीफ सीजन में किसानों को डीएपी के लिए भटकना न पड़े। सभी सहकारी समितियों पर उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए और वितरण पूरी तरह पारदर्शी तरीके से हो। उन्होंने कहा कि डीएपी केवल उन्हीं किसानों को मिले जो पात्र हैं और उनकी खतौनी के अनुसार निर्धारित मात्रा में ही उर्वरक वितरित किया जाए। किसी भी प्रकार की पक्षपातपूर्ण व्यवस्था या शिकायत की गुंजाइश नहीं रहनी चाहिए।

कालाबाजारी और अवैध भंडारण पर चलेगा सख्त अभियान

बैठक में डीएम ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जिले में डीएपी की कालाबाजारी, चोरी, अवैध भंडारण और अनधिकृत बिक्री पर पूरी तरह रोक लगाई जाए। इसके लिए नियमित निरीक्षण, औचक छापेमारी और सघन चेकिंग अभियान चलाए जाएं। यदि कहीं भी नियमों का उल्लंघन मिलता है तो संबंधित व्यक्ति या संस्था के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाए।

उन्होंने कहा कि किसानों के लिए आने वाला उर्वरक किसी भी कीमत पर गलत हाथों में नहीं जाना चाहिए। प्रशासन की प्राथमिकता है कि हर जरूरतमंद किसान को समय पर उर्वरक उपलब्ध हो।

अब CCTV की निगरानी में होंगे उर्वरक केंद्र

बैठक का सबसे अहम निर्णय संवेदनशील उर्वरक केंद्रों और चोरी की आशंका वाले स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने का रहा। जिलाधिकारी ने कहा कि कैमरे सिर्फ लगाए ही न जाएं, बल्कि उनकी नियमित मॉनिटरिंग भी हो। यदि किसी केंद्र पर संदिग्ध गतिविधि दिखाई देती है तो तत्काल जांच कर कार्रवाई की जाए।

प्रशासन का मानना है कि सीसीटीवी निगरानी से चोरी, फर्जी वितरण और कालाबाजारी जैसी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा तथा पूरी वितरण व्यवस्था अधिक पारदर्शी बनेगी।

सहकारी समितियों को बनाया जाएगा और मजबूत

बैठक में सहकारी समितियों की सदस्यता बढ़ाने, किसानों को समय पर बीज और उर्वरक उपलब्ध कराने, कृषि ऋण वितरण, ऋण वसूली और विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी विस्तार से चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक योजना का लाभ अंतिम पात्र व्यक्ति तक पहुंचे और सभी कार्य तय समयसीमा के भीतर पूरे किए जाएं।

उन्होंने यह भी कहा कि विभागीय अधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करें ताकि किसानों को किसी भी कार्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें और योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सके।

किसानों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह फैसला?

हर वर्ष खरीफ सीजन के दौरान डीएपी उर्वरक की मांग तेजी से बढ़ जाती है। इसी समय कालाबाजारी, जमाखोरी और अनियमित वितरण की शिकायतें भी सामने आती हैं। ऐसे में बिजनौर प्रशासन की यह सख्ती किसानों के लिए राहत भरी मानी जा रही है। यदि निर्देशों का प्रभावी ढंग से पालन होता है तो किसानों को समय पर डीएपी मिलेगी, कालाबाजारी पर रोक लगेगी और वितरण व्यवस्था पहले से अधिक पारदर्शी बन सकेगी।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी रणविजय सिंह, जिला विकास अधिकारी रचना गुप्ता तथा सहकारिता विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

TargetTvLive की नजर इस पूरे अभियान पर बनी रहेगी। किसानों से जुड़े हर महत्वपूर्ण अपडेट के लिए हमारे साथ जुड़े रहें।

#BijnorNews #TargetTvLive #AvnishTyagi #DAP #DAPNews #Fertilizer #Farmers #Bijnor #UPNews #CooperativeDepartment #JasjitKaur #Agriculture #KharifSeason #BreakingNews #HindiNews #GoogleDiscover #SEO #CCTV #BlackMarketing #FarmersFirst

Leave a Comment

यह भी पढ़ें