Bijnor Fertilizer Raid:
बिजनौर में उर्वरक माफियाओं पर प्रशासन का बड़ा एक्शन, 42 दुकानों पर छापेमारी, एक लाइसेंस निलंबित

किसानों के हित में सख्त कार्रवाई: 17 उर्वरकों के नमूने जांच को भेजे, कई विक्रेताओं को नोटिस, जिला कृषि अधिकारी ने दी दो टूक चेतावनी
By Avnish Tyagi | TargetTvLive
बिजनौर, 02 जुलाई 2026। खरीफ सीजन के बीच किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उचित मूल्य पर उपलब्ध कराने के लिए बिजनौर प्रशासन ने गुरुवार को जिलेभर में बड़ी कार्रवाई करते हुए उर्वरक विक्रेताओं पर शिकंजा कस दिया। जिलाधिकारी के निर्देश पर कृषि विभाग और राजस्व विभाग की संयुक्त टीमों ने एक साथ कई स्थानों पर छापेमारी कर 42 उर्वरक विक्रय केंद्रों और गोदामों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान 17 उर्वरकों के नमूने गुणवत्ता परीक्षण के लिए लिए गए, जबकि एक उर्वरक लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया और चार विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई की गई।
यह अभियान साफ संकेत देता है कि प्रशासन अब किसानों के साथ किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी, कालाबाजारी और मनमानी कीमतों को कतई बर्दाश्त नहीं करेगा।
निरीक्षण के दौरान सामने आईं अनियमितताएं
जिला कृषि अधिकारी जसवीर सिंह के नेतृत्व में गठित संयुक्त टीमों ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में एक साथ छापेमारी की। निरीक्षण के दौरान कई दुकानों पर अनियमितताएं सामने आईं।
टीम के पहुंचते ही दुकान बंद कर अनुपस्थित मिलने पर धामपुर के कृषक सेवा केंद्र (जैतरा), स्योहारा स्थित कृषि केंद्र एग्री जंक्शन वन स्टॉप शॉप तथा नूरपुर क्षेत्र के श्री बालाजी एग्रीकल्चर स्टोर, रतनगढ़ को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए।
वहीं नगीना क्षेत्र के बून्दकी स्थित भारत बीज भण्डार के अभिलेख अधूरे मिलने पर उसका उर्वरक प्राधिकार पत्र तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया तथा स्पष्टीकरण भी मांगा गया।
किसानों के हितों से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं
निरीक्षण के दौरान सभी उर्वरक विक्रेताओं को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि यूरिया, डीएपी, एनपीके सहित सभी उर्वरकों का वितरण केवल निर्धारित सरकारी दरों पर किया जाए। बिना पॉस मशीन के बिक्री न की जाए तथा प्रत्येक बिक्री का रिकॉर्ड किसान की जोतबही, खतौनी और फसलवार संस्तुति के आधार पर सुरक्षित रखा जाए।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी किसान को उर्वरक खरीदने के लिए अन्य उत्पाद खरीदने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।
राहत की बात भी सामने आई
छापेमारी के दौरान ओवररेटिंग, उर्वरकों के साथ अन्य उत्पादों की अनिवार्य टैगिंग अथवा कालाबाजारी का कोई मामला सामने नहीं आया। हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि भविष्य में यदि ऐसी कोई शिकायत या अनियमितता मिली तो संबंधित विक्रेता के विरुद्ध उर्वरक (नियंत्रण) आदेश-1985 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जिला कृषि अधिकारी की चेतावनी
जिला कृषि अधिकारी जसवीर सिंह ने कहा कि किसानों के हित सर्वोपरि हैं। किसी भी स्तर पर उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी या अधिक कीमत वसूलने की शिकायत मिलने पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जनपद में ऐसे निरीक्षण और छापामार अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे।
TargetTvLive Analysis
खरीफ सीजन में उर्वरकों की मांग बढ़ने के साथ अक्सर कालाबाजारी और कृत्रिम कमी की शिकायतें सामने आती हैं। ऐसे समय में बिजनौर प्रशासन की यह व्यापक कार्रवाई किसानों में भरोसा बढ़ाने वाली मानी जा रही है। यदि इसी प्रकार नियमित निरीक्षण जारी रहे तो न केवल उर्वरकों की उपलब्धता पारदर्शी होगी बल्कि जमाखोरी और मुनाफाखोरी पर भी प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।
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