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“अगर 1 सेकंड और देर होती… नदी में समा जाती कार, सामने आया खौफनाक सच!”

“4 साल से टूटी पुलिया, मौत का जाल बनी… कार नदी में गिरते-गिरते बची, PWD पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा!”

📍 नगीना (बिजनौर) | स्पेशल रिपोर्ट

उत्तर प्रदेश के बिजनौर जनपद के नगीना क्षेत्र में पीडब्ल्यूडी विभाग की कथित लापरवाही एक बार फिर बड़े हादसे की वजह बनते-बनते रह गई। कालाखेड़ी रोड पर कड़ूला नदी की वर्षों से टूटी पड़ी पुलिया ने एक परिवार की जान लगभग जोखिम में डाल दी। गनीमत रही कि समय रहते ग्रामीणों की मदद से सभी लोग सुरक्षित बाहर निकाल लिए गए।

कैसे टला बड़ा हादसा?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, अजय कुमार पुत्र काशीराम अपनी कार से नगीना से कालाखेड़ी गांव जा रहे थे। जैसे ही उनकी कार कड़ूला नदी की जर्जर पुलिया पर पहुंची, पुलिया की खराब हालत के कारण वाहन असंतुलित हो गया।

👉 कार सीधे नदी में गिरने ही वाली थी, लेकिन पुलिया के बीच में फंस गई
👉 कार में एक बच्ची समेत 5 लोग सवार थे, जिनमें 2 महिलाएं भी शामिल थीं
👉 मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया

ग्रामीणों का फूटा गुस्सा

घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिला। स्थानीय लोगों—नरेश, मुकेश कुमार सहित कई ग्रामीणों ने बताया कि:

  • यह पुलिया करीब 4-5 साल से टूटी पड़ी है
  • इस मार्ग से कई गांवों के लोग रोजाना गुजरते हैं
  • स्कूली बच्चे भी इसी रास्ते से आते-जाते हैं
  • कई बार पीडब्ल्यूडी विभाग को लिखित शिकायत दी जा चुकी है

👉 बावजूद इसके, विभाग ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की

5PWD की लापरवाही या सिस्टम की विफलता?

यह घटना सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सिस्टम की गंभीर लापरवाही को उजागर करती है। सवाल यह उठता है कि:

  • क्या विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है?
  • क्या ग्रामीण इलाकों की बुनियादी सुविधाएं सिर्फ कागजों तक सीमित हैं?

विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसी जर्जर संरचनाएं किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकती हैं।

ग्रामीणों की मांग

ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि:

✔️ पुलिया का तत्काल पुनर्निर्माण कराया जाए
✔️ जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए
✔️ भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा मानकों का पालन हो

ग्राउंड रिपोर्ट का निष्कर्ष

यह घटना साफ संकेत देती है कि अगर समय रहते सुधार नहीं हुआ, तो अगली बार यह “बाल-बाल बचाव” नहीं बल्कि “बड़ा हादसा” भी हो सकता है।

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