8वें वेतन आयोग, एरियर और पेंशन कटौती पर गरजे पेंशनर्स — 21 अप्रैल को देशभर में बड़ा आंदोलन!
अमरोहा से बड़ी खबर | पेंशनर्स का अल्टीमेटम — मांगे नहीं मानीं तो सड़क पर उतरेंगे
अमरोहा, 28 मार्च 2026। जनपद अमरोहा में पेंशनर्स एसोसिएशन की मासिक बैठक ने एक बड़े आंदोलन की रूपरेखा तय कर दी है। गांधी सभागार, कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित इस बैठक में पेंशनर्स ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए 21 अप्रैल को राष्ट्रव्यापी धरना-प्रदर्शन का ऐलान किया।
बैठक की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष अनूप सिंह पैसल ने की, जबकि संचालन वरिष्ठ उपाध्यक्ष शिवेंद्र सिंह चिकारा ने किया। बड़ी संख्या में उपस्थित पेंशनर्स ने अपनी समस्याओं को लेकर तीखा आक्रोश व्यक्त किया और हस्ताक्षरयुक्त याचिका प्रपत्र एकत्र कर प्रधानमंत्री को भेजने का निर्णय लिया।
क्या हैं पेंशनर्स की प्रमुख मांगें?
बैठक में तय किए गए 12 सूत्रीय मांगपत्र में शामिल प्रमुख मुद्दे:
- ✔️ 8वें वेतन आयोग का लाभ तुरंत लागू किया जाए
- ✔️ वित्त विधेयक 2025 वापस लिया जाए
- ✔️ कोरोना काल के 18 माह का डीए एरियर भुगतान किया जाए
- ✔️ राशिकरण कटौती 15 वर्ष से घटाकर 10 वर्ष की जाए
- ✔️ हर 5 वर्ष पर 5%, 10%, 15% और 80 वर्ष पर 20% पेंशन वृद्धि सुनिश्चित की जाए
पेंशनर्स का आरोप है कि सरकार वृद्धावस्था में मिलने वाली इस आर्थिक सुरक्षा को कमजोर करने की दिशा में काम कर रही है, जिससे उन्हें मजबूरन सड़कों पर उतरना पड़ रहा है।
21 अप्रैल को क्या होगा?
- स्थान: शहीद पार्क, कलेक्ट्रेट अमरोहा के सामने
- समय: सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक
- इसके बाद जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपा जाएगा
यह प्रदर्शन केवल अमरोहा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे देश के जिला मुख्यालयों पर एक साथ धरना-प्रदर्शन होगा।
स्थानीय मुद्दों पर भी भड़का गुस्सा
बैठक में स्थानीय प्रशासन पर भी सवाल उठाए गए:
- ❗ पेंशनर्स कक्ष निर्माण में देरी पर नाराजगी
- 17 दिसंबर 2025 को जिलाधिकारी द्वारा दिया गया आश्वासन अब तक पूरा नहीं
- बजट मिलने के बावजूद निर्माण कार्य शुरू नहीं
- ❗ पेंशनर्स दिवस की समस्याओं का समाधान नहीं
- संबंधित अधिकारियों की बैठक तक नहीं बुलाई गई
पेंशनर्स ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो कोषागार के सामने भी धरना दिया जाएगा।
बैठक में इन नेताओं ने रखे विचार
बैठक को अनिल माहेश्वरी, पुरुषोत्तम मित्तल, शिशुपाल सिंह, मास्टर जयपाल सिंह, श्योनाथ सिंह प्रजापति, राजेंद्र सिंह राणा, अमीपाल सिंह, कुंवरपाल सिंह, लोकेंद्र सिंह, खुर्शीद हैदर जैदी, मकसूद अहमद, सोमदत्त, विपिन त्यागी, उदयराम सिंह, सोमपाल सिंह सहित कई पदाधिकारियों ने संबोधित किया।
सभी ने संगठन को मजबूत करने और 21 अप्रैल के आंदोलन में अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की।
प्रशासन की अपील भी आई सामने
बैठक में जिला आपदा राहत अधिकारी और अग्निशमन विभाग के अधिकारी भी पहुंचे और आपदा के समय पेंशनर्स से सहयोग की अपील की।
विश्लेषण: क्यों बढ़ रहा है पेंशनर्स का असंतोष?
देशभर में पेंशनर्स के बीच असंतोष लगातार बढ़ रहा है। महंगाई, लंबित एरियर, और नीतिगत बदलावों के कारण वरिष्ठ नागरिकों की आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है। ऐसे में 21 अप्रैल का प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी आंदोलन सरकार के लिए एक बड़ा संकेत माना जा रहा है।
यदि सरकार समय रहते समाधान नहीं निकालती, तो यह आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है, जिसका असर राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर देखने को मिल सकता है।
निष्कर्ष
पेंशनर्स अब केवल मांग नहीं कर रहे, बल्कि निर्णायक लड़ाई के मूड में दिख रहे हैं। 21 अप्रैल का दिन इस संघर्ष की दिशा तय करेगा — क्या सरकार झुकेगी या आंदोलन और तेज होगा?
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