किसानों के लिए नई राह: सोलर पैनल और बायोगैस से भी कमाई, मऊ में मंत्री ए.के. शर्मा का बड़ा संदेश

लखनऊ/मऊ | डिजिटल डेस्क
उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री A. K. Sharma ने मऊ जिले के कुशमौर स्थित National Institute of Seed Science and Technology में आयोजित निस्ट किसान मेला 2026 का उद्घाटन करते हुए किसानों को वैज्ञानिक खेती, आधुनिक तकनीक और ऊर्जा उत्पादन से जुड़ने का संदेश दिया।
उन्होंने कहा कि किसानों के अथक परिश्रम के कारण आज भारत खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर बन चुका है और कई कृषि उत्पादों का निर्यात भी तेजी से बढ़ रहा है। मंत्री ने किसानों से अपील की कि वे नई तकनीकों, उन्नत बीजों और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर अपनी आय बढ़ाने की दिशा में कदम बढ़ाएं।
वैज्ञानिक खेती से बढ़ेगी किसानों की आय
किसान मेले को संबोधित करते हुए मंत्री ए.के. शर्मा ने कहा कि ऐसे कृषि मेले किसानों को नई तकनीक, उन्नत बीज और आधुनिक कृषि उपकरणों की जानकारी देने का महत्वपूर्ण मंच होते हैं।
उन्होंने कहा कि यदि किसान कृषि वैज्ञानिकों और संस्थानों के मार्गदर्शन में आधुनिक तकनीक अपनाते हैं, तो उत्पादन और आय दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है।
इंटीग्रेटेड फार्मिंग अपनाने की सलाह
मंत्री ने किसानों को समन्वित खेती (इंटीग्रेटेड फार्मिंग) अपनाने का सुझाव दिया। इसके तहत किसान खेती के साथ-साथ
- पशुपालन
- बागवानी
- मत्स्य पालन
- मधुमक्खी पालन
जैसी गतिविधियों को जोड़कर आय के कई स्रोत विकसित कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि यह मॉडल कम संसाधनों में अधिक उत्पादन और बेहतर आय का प्रभावी तरीका है।
कोल्ड स्टोरेज पर सरकार दे रही सब्सिडी
भंडारण की समस्या को किसानों की बड़ी चुनौती बताते हुए मंत्री ने कहा कि कई बार किसान अपनी फसल को सुरक्षित नहीं रख पाते, जिससे उन्हें उचित मूल्य नहीं मिल पाता।
उन्होंने बताया कि सरकार कोल्ड स्टोरेज स्थापित करने के लिए सब्सिडी आधारित योजनाएं चला रही है। किसानों और उद्यमियों से अपील की गई कि वे इन योजनाओं का लाभ उठाकर भंडारण सुविधाओं का विस्तार करें।
घोसी चीनी मिल पर अफवाहों पर विराम
कार्यक्रम के दौरान मंत्री ए.के. शर्मा ने घोसी चीनी मिल को लेकर चल रही चर्चाओं पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि
“किसी में इतनी ताकत नहीं है कि घोसी चीनी मिल को बंद कर सके। किसान किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें।”
उन्होंने कहा कि कुछ लोग राजनीतिक लाभ के लिए भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
खेती के साथ ऊर्जा उत्पादन की अपील
मंत्री ने किसानों से ऊर्जा क्षेत्र में भी भागीदारी बढ़ाने का आह्वान किया।
उन्होंने सुझाव दिया कि किसान:
- सोलर पैनल लगाकर बिजली उत्पादन करें
- कृषि अवशेष से बायोगैस बनाएं
इससे न केवल किसानों की आय बढ़ेगी बल्कि स्वच्छ ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
प्रगतिशील किसानों ने साझा किए अनुभव
कार्यक्रम में प्रगतिशील किसान देवप्रकाश राय और राकेश सिंह ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि वैज्ञानिक सलाह और आधुनिक तकनीक अपनाकर खेती को अधिक लाभकारी बनाया जा सकता है।
इस अवसर पर मेले के संयोजक डॉ. ए. आनंदन, Central University of Jharkhand के कुलपति डॉ. जे. पी. लाल, डॉ. अंजनी सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
विश्लेषण: किसान मेलों से बदल रहा कृषि का स्वरूप
विशेषज्ञों के अनुसार ऐसे कृषि मेले ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण साबित हो रहे हैं क्योंकि:
- किसानों को नई तकनीक और नवाचार की जानकारी मिलती है
- वैज्ञानिकों और किसानों के बीच सीधा संवाद स्थापित होता है
- सरकार की योजनाओं का जमीनी स्तर पर प्रचार होता है
- किसान आय बढ़ाने के नए मॉडल सीखते हैं
यदि किसानों तक तकनीक और योजनाओं की जानकारी प्रभावी तरीके से पहुंचती है, तो इससे कृषि क्षेत्र में उत्पादकता और ग्रामीण आय दोनों में वृद्धि संभव है।
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