‘रात की ड्यूटी में बड़ा खेल?’ बिजनौर महिला अस्पताल में DM का छापा, स्टाफ रजिस्टर में भारी गड़बड़ी उजागर

बिजनौर में जिलाधिकारी जसजीत कौर के देर रात औचक निरीक्षण में जिला महिला अस्पताल में स्टाफ की कमी और ड्यूटी टाइम दर्ज न होने की गंभीर लापरवाही सामने आई। शिफ्टवार उपस्थिति रजिस्टर बनाने के कड़े निर्देश।
बिजनौर महिला अस्पताल में आधी रात का सच: DM जसजीत कौर के औचक निरीक्षण से मचा हड़कंप
📍 बिजनौर | 12 फरवरी 2026। रिपोर्ट अवनीश त्यागी
बिजनौर के जिला महिला अस्पताल में उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया जब जिलाधिकारी जसजीत कौर ने देर रात औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की हकीकत परखी। निरीक्षण के दौरान जो तस्वीर सामने आई, उसने प्रशासन को सख्त कदम उठाने पर मजबूर कर दिया।
अस्पताल में स्टाफ की कमी और उपस्थिति पंजिका में ड्यूटी समय दर्ज न होना गंभीर लापरवाही के रूप में सामने आया।
निरीक्षण में क्या-क्या खुलासा हुआ?
जिलाधिकारी द्वारा जांच के दौरान पाया गया—
- कर्मचारियों के नाम उपस्थिति पंजिका में दर्ज थे
- लेकिन ड्यूटी का समय (Day/Night Shift) अंकित नहीं था
- यह स्पष्ट नहीं था कि कौन कर्मचारी किस शिफ्ट में तैनात है
- रात के समय स्टाफ की उपलब्धता अपेक्षा से कम पाई गई
इस अव्यवस्था पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताई और इसे प्रशासनिक लापरवाही बताया।
मातृ एवं शिशु सुरक्षा पर संभावित खतरा?
महिला अस्पताल जैसे संवेदनशील संस्थान में रात्रिकालीन सेवाएं अत्यंत महत्वपूर्ण होती हैं। यहां—
- प्रसव सेवाएं
- नवजात शिशुओं की देखभाल
- आपातकालीन स्त्री रोग उपचार
लगातार उपलब्ध रहना आवश्यक है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि रात में पर्याप्त स्टाफ न हो तो मरीजों की सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
NICU और चाइल्ड वार्ड का लिया जायजा
डीएम जसजीत कौर ने निरीक्षण के दौरान—
- एनआईसीयू (NICU)
- चाइल्ड वार्ड
का विस्तृत निरीक्षण किया।
उन्होंने निर्देश दिए कि—
✔️ वार्डों में साफ-सफाई की व्यवस्था बेहतर रखी जाए
✔️ किसी भी प्रकार की गंदगी बर्दाश्त नहीं की जाएगी
✔️ भर्ती मरीजों को समय पर दवाएं और उपचार उपलब्ध कराया जाए
मरीजों और परिजनों से सीधा संवाद
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने मरीजों और बच्चों के अभिभावकों से बातचीत कर अस्पताल की सुविधाओं की जानकारी ली।
परिजनों ने बताया कि—
- दवाएं निशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं
- आवश्यक जांच सुविधाएं मिल रही हैं
हालांकि, स्टाफ की कमी को लेकर प्रशासन को तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए।
DM के सख्त निर्देश
जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को निर्देशित किया कि—
- शिफ्टवार ड्यूटी रोस्टर तैयार किया जाए
- उपस्थिति पंजिका में स्पष्ट रूप से ड्यूटी समय अंकित किया जाए
- रात और दिन के स्टाफ की अलग-अलग स्पष्ट सूची हो
- नियमित निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए
उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में ऐसी लापरवाही मिलने पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।
प्रशासनिक सख्ती या स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार की शुरुआत?
जिलाधिकारी का यह औचक निरीक्षण प्रशासन की सक्रियता को दर्शाता है। हाल के समय में स्वास्थ्य संस्थानों की जवाबदेही और पारदर्शिता को लेकर प्रशासन गंभीर नजर आ रहा है।
यह कार्रवाई संकेत देती है कि अब सरकारी अस्पतालों में ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बिजनौर जिला महिला अस्पताल में देर रात हुआ यह औचक निरीक्षण स्वास्थ्य व्यवस्था की वास्तविक स्थिति को उजागर करता है। स्टाफ प्रबंधन और रिकॉर्ड में पारदर्शिता सुनिश्चित करना अब प्रशासन की प्राथमिकता बन गया है।
अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि अस्पताल प्रशासन कितनी तेजी से सुधारात्मक कदम उठाता है।
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