जनगणना 2027 पर प्रशासन ‘एक्शन मोड’ में: बिजनौर कलेक्ट्रेट से साफ संदेश—अब कोई चूक नहीं चलेगी!
तहसील-तहसील बनेगा जनगणना कंट्रोल रूम, टेक्निकल टीम अनिवार्य, डिजिटल डाटा पर प्रशासन की पैनी नजर
बिजनौर | 12 जनवरी 2026
जनगणना 2027 को लेकर बिजनौर प्रशासन ने पूरी तरह कमर कस ली है। कलेक्ट्रेट सभागार में हुई उच्चस्तरीय बैठक में जनगणना प्रभारी जिला बिजनौर जयप्रकाश यादव ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह प्रक्रिया सिर्फ आंकड़े जुटाने का काम नहीं, बल्कि देश की नीतियों, योजनाओं और संसाधनों की दिशा तय करने वाला महाअभियान है। ऐसे में किसी भी स्तर पर लापरवाही या ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
शाम 4 बजे शुरू हुई इस बैठक में जनगणना को समयबद्ध, पारदर्शी और शत-प्रतिशत त्रुटिरहित तरीके से संपन्न कराने की रणनीति पर विस्तार से मंथन किया गया।
हर तहसील बनेगी ‘मिनी हेडक्वार्टर’, जनगणना सेल अनिवार्य
बैठक में सबसे अहम फैसला यह रहा कि जिले की प्रत्येक तहसील पर अलग से जनगणना सेल की स्थापना की जाएगी। जनगणना प्रभारी ने निर्देश दिए कि तहसील स्तर पर गठित टीम में एक टेक्निकल सदस्य की अनिवार्य तैनाती की जाए, ताकि डिजिटल डाटा फीडिंग में किसी भी तरह की तकनीकी बाधा न आए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल सिस्टम पर आधारित होगी, इसलिए तकनीकी दक्षता ही सफलता की कुंजी है।
डिजिटल जनगणना पर फोकस, रियल-टाइम मॉनिटरिंग की तैयारी
जयप्रकाश यादव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि भारत सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन किया जाए। डिजिटल माध्यमों के अधिकतम उपयोग से डाटा संग्रह, सत्यापन और विश्लेषण किया जाएगा, जिससे रियल-टाइम मॉनिटरिंग संभव हो सके।
उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी अपने-अपने जनगणना रजिस्टर नियमित रूप से अपडेट रखें, ताकि फील्ड और डिजिटल डाटा में कोई विरोधाभास न रहे।
जनता से तालमेल ही सफलता की कुंजी
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि जनगणना की सफलता सीधे तौर पर आम नागरिकों के सहयोग पर निर्भर करती है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे नागरिकों से सकारात्मक संवाद और समन्वय बनाए रखें, सही और पूरी जानकारी एकत्र करें तथा किसी भी भ्रम या आशंका को तुरंत दूर करें।
प्रशिक्षण, मानव संसाधन और समस्या समाधान पर गहन चर्चा
बैठक के दौरान जनगणना 2027 की कार्ययोजना, मानव संसाधन की उपलब्धता, प्रशिक्षण व्यवस्था, तकनीकी सहयोग और फील्ड स्तर पर होने वाले कार्यों पर गहराई से चर्चा हुई। जनगणना प्रभारी ने कहा कि किसी भी स्तर पर आने वाली समस्या का त्वरित और प्रभावी समाधान किया जाएगा।
उन्होंने अधिकारियों से आपसी तालमेल के साथ काम करने का आह्वान करते हुए कहा कि यह सामूहिक जिम्मेदारी है, जिसमें हर कड़ी का मजबूत होना जरूरी है।
प्रशासन का दो-टूक संदेश: जनगणना में लापरवाही नहीं, सिर्फ परफेक्शन
बैठक के अंत में जनगणना प्रभारी जयप्रकाश यादव ने साफ कहा कि जनगणना 2027 बिजनौर के लिए एक मॉडल जनगणना बननी चाहिए। इसके लिए सभी अधिकारी पूरी निष्ठा, ईमानदारी और तकनीकी समझ के साथ कार्य करें।
प्रशासन का संदेश स्पष्ट है—अब तैयारी नहीं, परफेक्ट एक्जीक्यूशन का वक्त है।
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