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बिजनौर में स्वच्छ पेयजल पर डीएम सख्त: सीवर-पेयजल पाइपलाइन जांच के निर्देश, 3 दिन में रिपोर्ट तलब

लीकेज-ब्रेकेज पर ‘जीरो टॉलरेंस’, जल टंकियों की सफाई और पानी की वैज्ञानिक जांच अनिवार्य — डीएम जसजीत कौर

रिपोर्ट । अवनीश त्यागी 
📍 बिजनौर | 07 जनवरी 2026

बिजनौर में आमजन को स्वच्छ, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराने को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सख्त नजर आ रहा है। जिलाधिकारी जसजीत कौर ने नगरीय क्षेत्रों में सीवर लाइन और पेयजल पाइपलाइन की नियमित जांच सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लीकेज या ब्रेकेज पाए जाने पर उसे तत्काल ठीक कराया जाएगा, इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।

यह निर्देश कलेक्ट्रेट स्थित महात्मा विदुर सभागार में आयोजित स्वच्छ पेयजल आपूर्ति से संबंधित समीक्षा बैठक के दौरान दिए गए। डीएम ने कहा कि स्वच्छ पेयजल न केवल मूलभूत सुविधा है, बल्कि जनस्वास्थ्य की रीढ़ भी है, और इसमें कोताही सीधे तौर पर बीमारियों को आमंत्रण देती है।

पेयजल व्यवस्था पर कड़ी निगरानी

जिलाधिकारी ने नगर निकायों को निर्देशित किया कि पेयजल आपूर्ति से जुड़े नलकूप, हैंडपंप, पाइपलाइन, ओवरहेड टैंक और अन्य उपकरणों का संचालन इस तरह हो कि जलापूर्ति निर्बाध बनी रहे।
साथ ही जल टंकियों की नियमित साफ-सफाई कराई जाए और प्रत्येक टंकी पर सफाई की तिथि अंकित करना अनिवार्य होगा।

अब पानी की गुणवत्ता पर भी सख्ती

डीएम जसजीत कौर ने कहा कि उपभोक्ता के उपयोग बिंदु से जल के नमूने एकत्र कर नियमित ओटी टेस्ट कराए जाएं। इसके साथ-साथ
✔ बायोलॉजिकल जांच
✔ बैक्टीरियोलॉजिकल परीक्षण
✔ केमिकल एनालिसिस

अनिवार्य रूप से कराया जाएगा, ताकि दूषित पानी की आपूर्ति रोकी जा सके।

पुरानी पाइपलाइन बदलने के निर्देश

उन्होंने स्पष्ट किया कि पुरानी और जर्जर पाइपलाइन दूषित पानी की बड़ी वजह हैं। इसलिए इन्हें प्राथमिकता के आधार पर बदला जाए
साथ ही सभी अधिशासी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सीवर या पेयजल पाइपलाइन में कहीं भी खराबी मिलने पर तत्काल मरम्मत सुनिश्चित करें।

3 दिन का अल्टीमेटम

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि
👉 की गई जांच
👉 मरम्मत कार्य
👉 जल गुणवत्ता रिपोर्ट

का विस्तृत विवरण 3 दिवस के भीतर जिलाधिकारी कार्यालय, बिजनौर को उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा।

बैठक में रहे मौजूद

बैठक में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) अंशिका दीक्षित, संबंधित विभागीय अधिकारी एवं जनपद के समस्त अधिशासी अधिकारी नगर निकाय उपस्थित रहे।

विश्लेषणात्मक नजरिया

प्रशासन का यह सख्त कदम साफ संकेत देता है कि जनस्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। स्वच्छ पेयजल व्यवस्था मजबूत होने से न केवल बीमारियों पर रोक लगेगी, बल्कि आमजन का प्रशासन पर भरोसा भी मजबूत होगा।

बिजनौर में स्वच्छ पेयजल सुनिश्चित करने के लिए डीएम जसजीत कौर ने सीवर और पेयजल पाइपलाइन की नियमित जांच, जल टंकी सफाई और 3 दिन में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए।

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