आदेश नहीं माना तो कार्रवाई! बिजनौर शिक्षा विभाग में 11 कर्मचारी रडार पर

बिजनौर | अवनीश त्यागी विशेष, विश्लेषणात्मक रिपोर्ट
बिजनौर जनपद के बेसिक शिक्षा विभाग में लंबे समय से चली आ रही कार्यस्थल अनुशासनहीनता पर आखिरकार जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने सख्त रुख अपना लिया है। शासन और निदेशालय के स्पष्ट आदेशों के बावजूद मूल कार्यालय में उपस्थिति न देने वाले 11 कनिष्ठ एवं वरिष्ठ सहायकों को लेकर विभागीय स्तर पर बड़ा कदम उठाया गया है।
क्या है पूरा मामला?
उत्तर प्रदेश शासन, बेसिक शिक्षा विभाग एवं शिक्षा निदेशक (बेसिक), लखनऊ द्वारा वर्ष 2025 में स्पष्ट निर्देश जारी किए गए थे कि सहायक/कनिष्ठ सहायक अपने नाम के सामने अंकित मूल कार्यालय में ही उपस्थिति सुनिश्चित करेंगे।
इसी क्रम में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, बिजनौर द्वारा 08 नवंबर 2025 को आदेश जारी किया गया, लेकिन इसके बावजूद कई कर्मचारी आदेश की अनदेखी करते रहे।
किन कर्मचारियों पर गिरी गाज?
जारी आदेश के अनुसार—
- कोतवाली, नजीबाबाद, अफजलगढ़, जलीलपुर, किरतपुर, बुढ़नपुर सहित विभिन्न खण्ड शिक्षा अधिकारियों के कार्यालयों में तैनात
- कुल 11 कर्मचारी
- जिनमें वरिष्ठ सहायक और कनिष्ठ सहायक दोनों श्रेणियाँ शामिल
इन सभी को अब तत्काल अपने मूल कार्यालय में उपस्थित होने का अंतिम निर्देश दिया गया है।
स्पष्ट चेतावनी: नहीं माने तो होगी विभागीय कार्रवाई
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने आदेश में दो टूक कहा है कि—
यदि किसी कर्मचारी द्वारा अब भी आदेश का पालन नहीं किया गया, तो उसके विरुद्ध होने वाली समस्त विभागीय कार्रवाई का उत्तरदायित्व स्वयं कर्मचारी का होगा।
यह चेतावनी संकेत देती है कि मामला अब शो-कॉज, वेतन रोक, या अनुशासनात्मक कार्रवाई तक जा सकता है।
प्रशासनिक सख्ती या सिस्टम सुधार की कोशिश?
शिक्षा विभाग से जुड़े जानकारों का मानना है कि—
- लंबे समय से कुछ कर्मचारी मुख्यालय से बाहर सुविधाजनक तैनाती में कार्य कर रहे थे
- इससे न केवल प्रशासनिक संतुलन बिगड़ा, बल्कि कार्य वितरण और जवाबदेही भी प्रभावित हुई
- अब यह कार्रवाई विभाग में पारदर्शिता और अनुशासन स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है
खण्ड शिक्षा अधिकारियों को भी निर्देश
आदेश की प्रतिलिपि के माध्यम से सभी खण्ड शिक्षा अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि—
- संबंधित कर्मचारियों को तत्काल
- मूल कार्यालय में उपस्थिति हेतु कार्यमुक्त किया जाए
- किसी भी स्तर पर लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं होगी
क्या कहता है यह आदेश? (निष्कर्ष)
✔ शासनादेश सर्वोपरि
✔ मनमानी तैनाती पर लगाम
✔ शिक्षा विभाग में अनुशासन का संदेश
✔ भविष्य में और भी सख्त कार्रवाई की संभावना
निष्कर्ष
बिजनौर शिक्षा विभाग का यह आदेश केवल 11 कर्मचारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे विभाग के लिए चेतावनी और संदेश है कि अब नियमों की अनदेखी नहीं चलेगी। आने वाले दिनों में इस फैसले का असर अन्य जनपदों में भी देखने को मिल सकता है।
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