किसान दिवस पर जनपद का बड़ा संदेश: 23 दिसंबर को 93 प्रगतिशील किसान होंगे सम्मानित
चौधरी चरण सिंह जयंती पर खेती, पशुपालन, मत्स्य और बागवानी के नायकों को मिलेगा मंच
प्राकृतिक खेती, मिलेट्स और नवाचार करने वाले किसान बने बदलाव की पहचान
बिजनौर से अवनीश त्यागी की स्पेशल रिपोर्ट
किसान मसीहा एवं देश के पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की जयंती 23 दिसंबर (किसान दिवस) पर जनपद में किसानों के सम्मान का ऐसा आयोजन होने जा रहा है, जो केवल पुरस्कार वितरण नहीं बल्कि कृषि परिवर्तन की दिशा में एक ठोस संदेश है। इस अवसर पर कृषि और संबद्ध विभागों द्वारा चयनित कुल 93 प्रगतिशील किसानों को सार्वजनिक मंच से सम्मानित किया जाएगा।
यह कार्यक्रम किसानों के परिश्रम, नवाचार और आत्मनिर्भरता को मान्यता देने के साथ-साथ यह भी दर्शाता है कि खेती अब केवल परंपरा नहीं, बल्कि तकनीक, विविधीकरण और सतत विकास का क्षेत्र बन चुकी है।
कृषि विभाग की अग्रणी भूमिका: फसल से भविष्य तक
कृषि विभाग के अंतर्गत सबसे अधिक 31 किसानों का चयन किया गया है, जो यह दर्शाता है कि जनपद में खेती के स्वरूप में व्यापक बदलाव आ रहा है।
🔹 जनपद स्तर पर सम्मानित किसान
- फसलोत्पादन – 08
- प्राकृतिक खेती – 02
- मिलेट्स उत्पादन – 10
🔹 विकास खण्ड स्तर
- फसलोत्पादन – 11
➡️ यह चयन साफ संकेत देता है कि प्रशासन अब प्राकृतिक खेती और मोटे अनाज (मिलेट्स) को भविष्य की कृषि के रूप में देख रहा है।
गन्ना विभाग: परंपरागत फसल, नई सोच
गन्ना विभाग से 12 किसानों को सम्मानित किया जाएगा।
➡️ यह चयन उत्पादकता, गुणवत्ता और समयबद्ध आपूर्ति जैसे मानकों पर आधारित है।
➡️ इससे गन्ना उत्पादक किसानों को नई ऊर्जा और पहचान मिलेगी।
पशुपालन: खेती की रीढ़ को मजबूती
पशुपालन विभाग से चयनित 17 किसान यह साबित करते हैं कि खेती अब केवल फसल तक सीमित नहीं है।
➡️ दुग्ध उत्पादन, पशु स्वास्थ्य और वैज्ञानिक पशुपालन अपनाने वाले किसानों को सम्मान मिलना ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत है।
उद्यान विभाग: फलों-सब्जियों से बढ़ती आमदनी
उद्यान विभाग के 17 किसान यह दिखाते हैं कि बागवानी किसानों की आय दोगुनी करने का मजबूत माध्यम बन रही है।
➡️ फल, सब्जी और फूल उत्पादन से जुड़े किसानों का सम्मान युवाओं को भी इस क्षेत्र की ओर आकर्षित करेगा।
मत्स्य पालन: पानी से पैदा हो रही समृद्धि
मत्स्य विभाग से 11 किसानों का चयन बताता है कि मत्स्य पालन अब वैकल्पिक नहीं, बल्कि मुख्य आजीविका बनता जा रहा है।
➡️ यह सम्मान जल संसाधनों के बेहतर उपयोग और ग्रामीण रोजगार सृजन को बढ़ावा देगा।
केवीके नगीना: तकनीक से खेती तक
कृषि विज्ञान केंद्र (K.V.K.), नगीना से 5 किसान सम्मानित होंगे।
➡️ ये किसान प्रशिक्षण, नई तकनीक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर दूसरों के लिए उदाहरण बने हैं।
93 किसान, एक संदेश
➡️ कुल 93 किसानों का चयन यह साबित करता है कि प्रशासन अब किसान-केंद्रित, नवाचार-आधारित और बहुआयामी कृषि नीति पर आगे बढ़ रहा है।
➡️ उप निदेशक कृषि प्रसार के अनुसार यह आयोजन किसानों को सम्मान, प्रेरणा और पहचान देने के उद्देश्य से किया जा रहा है।
किसान दिवस का असली अर्थ
यह सम्मान समारोह चौधरी चरण सिंह के विचारों—
“किसान मजबूत होगा, तभी देश मजबूत होगा”—को साकार करने की दिशा में एक सार्थक प्रयास है।
यह आयोजन आने वाले वर्षों में किसानों के लिए प्रेरणास्रोत मॉडल बन सकता है, जहां सम्मान केवल पुरस्कार नहीं बल्कि नीति और सोच में बदलाव का संकेत है।











