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उद्योग बंधु बैठक में जिलाधिकारी का सख्त संदेश: लंबित प्रकरण नहीं, परिणाम चाहिए

उद्योग बंधु बैठक में जिलाधिकारी का सख्त संदेश: लंबित प्रकरण नहीं, परिणाम चाहिए


निवेश, रोजगार और इन्फ्रास्ट्रक्चर पर फोकस—रेल ओवरब्रिज से लेकर एमओयू क्रियान्वयन तक अधिकारियों को टाइमलाइन में काम के निर्देश

बिजनौर | 22 दिसंबर 2025 | विशेष रिपोर्ट

जिले के औद्योगिक विकास को गति देने और निवेशकों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आयोजित जिला स्तरीय उद्योग बंधु बैठक में जिलाधिकारी श्रीमती जसजीत कौर ने अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया—बैठकें औपचारिकता नहीं, नतीजों का मंच बनें।
कलेक्ट्रेट स्थित महात्मा विदुर सभागार में आयोजित बैठक में उन्होंने निर्देश दिए कि जिला स्तरीय अधिकारी अद्यतन सूचनाओं के साथ अनिवार्य रूप से प्रतिभाग करें, ताकि विचाराधीन प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण और स्थायी निस्तारण हो सके।

पर्यटन और इन्फ्रास्ट्रक्चर पर विशेष जोर

जिलाधिकारी ने उपायुक्त उद्योग को निर्देशित किया कि जिला मुख्यालय पर पर्यटन से जुड़ी समस्याओं के समाधान हेतु विभाग को अर्द्धशासकीय पत्र भेजकर जिला स्तरीय अधिकारी की नियुक्ति सुनिश्चित कराई जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि पर्यटन, उद्योग और आधारभूत संरचना—तीनों को जोड़कर ही स्थायी आर्थिक विकास संभव है।

रेलवे क्रॉसिंग ओवरब्रिज: पुराने मुद्दे का स्थायी समाधान

नगीना स्थित बिजनौर-कोतवाली मार्ग पर रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज निर्माण के संबंध में लंबे समय से चली आ रही समस्याओं पर जिलाधिकारी ने सख्त रुख अपनाया।
रेलवे, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने के निर्देश दिए गए, ताकि यह मुद्दा अब और न लटके।

निवेश मित्र पोर्टल: लंबित फाइलें तुरंत निस्तारित हों

बैठक में निवेश मित्र पोर्टल पर लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने विभागीय अधिकारियों को तत्काल निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एक ही प्रकरण की पुनरावृत्ति अगली बैठक में स्वीकार्य नहीं होगी।

एमओयू क्रियान्वयन की तस्वीर: रोजगार की ठोस उपलब्धि

एमओयू क्रियान्वयन तंत्र की समीक्षा में सामने आए आंकड़े जिले की औद्योगिक दिशा को रेखांकित करते हैं—

  • कुल हस्ताक्षरित एमओयू: 294
  • जीबीसी के लिए तैयार: 124
  • व्यावसायिक उत्पादन शुरू: 89
  • पेंडिंग: 35
  • निर्माणाधीन/प्रगति पर: 20
  • रुचि न दिखाने वाले: 02

जिलाधिकारी ने नए एमओयू तलाशने और निवेशकों को सक्रिय रूप से आकर्षित करने के निर्देश दिए। समीक्षा में यह भी सामने आया कि एमओयू आधारित इकाइयों से 58 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिल चुका है—जो जिले के लिए बड़ी उपलब्धि है।

पीएम विश्वकर्मा योजना: सत्यापन से स्वीकृति तक प्रगति

  • कुल आवेदन: 578
  • प्रथम स्तरीय सत्यापन: 227
  • द्वितीय स्तरीय सत्यापन: 108
  • तृतीय स्तरीय स्वीकृति: 85

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि पात्र लाभार्थियों को समयबद्ध लाभ मिले और प्रक्रियात्मक अड़चनें न्यूनतम हों।

मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान: ऋण वितरण पर जोर

  • लक्ष्य: 1750
  • बैंकों को प्रेषित आवेदन: 2443
  • स्वीकृत: 944
  • ऋण वितरित: 940
  • बैंक स्तर पर लंबित: 611
  • अस्वीकृत: 909

जिलाधिकारी ने बैंकों से लंबित आवेदनों के शीघ्र निस्तारण और पात्र युवाओं को उद्यमिता के लिए सक्षम बनाने पर बल दिया।

कौन-कौन रहा मौजूद

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी रणविजय सिंह, उपायुक्त उद्योग अमित कुमार, अग्रणी बैंक प्रबंधक निखिल कुमार सहित जीएसटी, उद्योग, खादी ग्राम उद्योग, पंचायत राज, खाद्य सुरक्षा, पशुपालन, विद्युत विभाग के अधिकारी तथा उद्योग एवं व्यापार बंधु उपस्थित रहे।

उद्योग बंधु बैठक में जिलाधिकारी का रुख साफ है—डेटा, डेडलाइन और डिलीवरी
एमओयू से रोजगार, निवेश मित्र से पारदर्शिता और युवा उद्यमिता से आत्मनिर्भरता—तीनों मोर्चों पर प्रशासन परिणामोन्मुख रणनीति के साथ आगे बढ़ता दिख रहा है। यदि निर्देशों का जमीन पर प्रभावी पालन हुआ, तो बिजनौर औद्योगिक विकास के नए मानक स्थापित कर सकता है।

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