प्रोजेक्ट अलंकार पर प्रशासन सख्त, स्कूलों के निर्माण कार्यों में लापरवाही नहीं चलेगी

डीएम जसजीत कौर ने तय की समय-सीमा, बाउंड्री वॉल से लेकर शौचालय तक हर पैरामीटर पर पैनी नजर
बिजनौर | अवनीश त्यागी,डिजिटल डेस्क
जनपद के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों की तस्वीर बदलने के लिए संचालित प्रोजेक्ट अलंकार अब प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता में है। इसी क्रम में गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी जसजीत कौर की अध्यक्षता में जनपदीय समिति और कार्यदाई संस्थाओं के साथ एक अहम समीक्षा बैठक हुई, जिसमें निर्माण कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता और समयबद्धता को लेकर कड़े निर्देश जारी किए गए।
📌 हर स्कूल तक पहुंचे सुविधाएं, यही लक्ष्य
बैठक में जिलाधिकारी ने साफ शब्दों में कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रोजेक्ट अलंकार के तहत तय सभी पैरामीटरों से विद्यालयों को संतृप्त किया जाना अनिवार्य है। उन्होंने विशेष रूप से बाउंड्री वॉल के अधूरे कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश देते हुए कहा कि सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
कमियों वाले स्कूल होंगे चिन्हित
डीएम ने जिला विद्यालय निरीक्षक को निर्देशित किया कि जिन विद्यालयों में अब भी निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्य शेष हैं, उनकी सूची तैयार कर चरणबद्ध तरीके से कार्य पूर्ण कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सिर्फ कागजी प्रगति नहीं, बल्कि मैदानी स्तर पर गुणवत्तापूर्ण कार्य ही स्वीकार्य होगा।
कार्यदाई संस्थाओं को सख्त चेतावनी
बैठक के दौरान कार्यदाई संस्थाओं को चेतावनी देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समय सीमा का उल्लंघन या गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।
शौचालयों की खामियों पर फोकस
प्रोजेक्ट अलंकार के तहत विद्यालयों में बने शौचालयों की गैपिंग और तकनीकी खामियों को तत्काल सुधारने के निर्देश भी दिए गए। डीएम ने कहा कि स्वच्छता और सुविधाएं केवल औपचारिकता न होकर बच्चों के दैनिक उपयोग के अनुकूल होनी चाहिए।
निरंतर निगरानी के निर्देश
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों पर निरंतर निगरानी रखी जाए और प्रत्येक स्तर पर जवाबदेही तय हो। उन्होंने कहा कि यह योजना सिर्फ भवन निर्माण नहीं, बल्कि शिक्षा के माहौल को बेहतर बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।
कौन-कौन रहा मौजूद
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी रणविजय सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक जयकरण यादव, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
विश्लेषण:
प्रोजेक्ट अलंकार को लेकर यह बैठक साफ संकेत देती है कि अब स्कूलों के अधूरे और गुणवत्ताहीन निर्माण कार्यों पर प्रशासन की जीरो टॉलरेंस नीति लागू होने जा रही है। यदि निर्देशों का सही क्रियान्वयन हुआ, तो जनपद के सरकारी माध्यमिक विद्यालयों की आधारभूत संरचना में बड़ा और सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है।











