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शीत लहर का अलर्ट: सड़क से खेत तक बढ़ा खतरा, प्रशासन ने जारी की हाई-लेवल एडवाइजरी

शीत लहर का अलर्ट: सड़क से खेत तक बढ़ा खतरा, प्रशासन ने जारी की हाई-लेवल एडवाइजरी

 कोहरा, ठंड और पाला—लापरवाही पड़ी भारी तो जान-माल दोनों पर खतरा | वाहन चालक, किसान और पशुपालक रहें सतर्क

बिजनौर | अवनीश त्यागी,डिजिटल डेस्क
जनपद में सर्दी का प्रकोप अब खतरनाक मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है। घने कोहरे और शीत लहर की संभावना के बीच जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी करते हुए आम जनता, वाहन चालकों, किसानों और पशुपालकों के लिए विस्तृत और सख्त एडवाइजरी लागू कर दी है। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) वान्या सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि थोड़ी सी लापरवाही भी बड़ी दुर्घटना, बीमारी या आर्थिक नुकसान का कारण बन सकती है।

सड़कों पर सख्ती: ओवरलोडिंग और कोहरे में लापरवाही नहीं चलेगी

शीत लहर और कोहरे के दौरान सड़क हादसों की बढ़ती आशंका को देखते हुए प्रशासन ने गन्ना और भूसा ढोने वाले वाहनों पर विशेष निगरानी के निर्देश दिए हैं।
ट्रैक्टर-ट्रॉली, ट्रक और बैलगाड़ी पर क्षमता से अधिक भार लादने पर कार्रवाई तय मानी जाएगी।
वाहनों में फॉग लाइट का प्रयोग अनिवार्य किया गया है और यह निर्देश भी दिया गया है कि पीछे से आ रही एम्बुलेंस को तुरंत रास्ता दिया जाए, ताकि आपात सेवाओं में कोई बाधा न आए।

दोपहिया वाहन चालकों के लिए चेतावनी

प्रशासन ने दोपहिया वाहन चालकों से अपील की है कि अत्यंत आवश्यक होने पर ही घर से निकलें
बाहर निकलते समय:

  • गर्म कपड़े
  • दस्ताने
  • चश्मा
  • हेलमेट
    का प्रयोग अनिवार्य रूप से करें।
    कोहरे में तेज रफ्तार जानलेवा साबित हो सकती है।

हीटर और अंगीठी बनी ‘साइलेंट किलर’, सावधानी जरूरी

ठंड से बचने के लिए अंगीठी, कोयले और मिट्टी तेल के चूल्हों का उपयोग आम है, लेकिन यही उपकरण जान के दुश्मन भी बन सकते हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि:

  • कमरों में शुद्ध हवा का वेंटिलेशन अनिवार्य रखें
  • बंद कमरे में अंगीठी जलाना जानलेवा हो सकता है

ठंड लगने के लक्षण जैसे हाथ-पैर सुन्न होना, उंगलियों पर सफेद या नीले दाग दिखने पर तुरंत अस्पताल जाने की सलाह दी गई है।

हाइपोथर्मिया का खतरा: इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज

असामान्य रूप से शरीर का तापमान गिरने यानी हाइपोथर्मिया की आशंका शीत लहर में बढ़ जाती है।
इसके प्रमुख लक्षण हैं:

  • याददाश्त कमजोर होना
  • अत्यधिक ठिठुरन
  • सुस्ती और थकान
  • तुतलाकर बोलना
  • काम में ध्यान भटकना

इनमें से कोई भी लक्षण दिखे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

पशुधन पर शीत लहर का वार, पशुपालक रहें अलर्ट

ठंड के मौसम में पशुओं में थनैला, मिल्क फीवर, निमोनिया जैसी बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
प्रशासन ने पशुपालकों को निर्देश दिए हैं कि:

  • पशुओं को रात में खुले में न रखें
  • जूट की बोरी या पुराने कंबल से ढकें
  • गुड़ और कैल्शियम टॉनिक दें
  • गर्भवती पशुओं के पास अलाव जलाएं, लेकिन सुरक्षित दूरी बनाए रखें

किसानों के लिए बड़ी चेतावनी: फसलों पर पाला और रोगों का हमला

शीत लहर और पाले से फसलों को भारी नुकसान हो सकता है।
विशेष रूप से:

  • काला रतुआ
  • सफेद रतुआ
  • पछेती झुलसा
    जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है, जिससे उपज और भंडारण क्षमता दोनों प्रभावित होती हैं।

कृषि विशेषज्ञों की सलाह पर अमल करें:

  • ठंड प्रतिरोधी किस्मों की खेती करें
  • नर्सरी और युवा पौधों को प्लास्टिक या छप्पर से ढकें
  • पौधों के आसपास तापीय संरक्षण की व्यवस्था करें

विश्लेषण: क्यों अहम है यह एडवाइजरी?

यह एडवाइजरी केवल औपचारिक सूचना नहीं, बल्कि मानव जीवन, पशुधन और कृषि अर्थव्यवस्था की सुरक्षा की रणनीति है।
सड़क हादसों से लेकर हाइपोथर्मिया और फसल नुकसान तक—हर खतरे को चिन्हित कर प्रशासन ने समय रहते चेतावनी जारी की है।

अब जरूरत है जनभागीदारी और सख्त पालन की, ताकि शीत लहर जनपद पर भारी न पड़े।

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