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आदर्श ग्राम योजना की रफ्तार पर ब्रेक! DM जसजीत कौर सख्त, धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी

आदर्श ग्राम योजना की रफ्तार पर ब्रेक! डीएम जसजीत कौर सख्त, धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी

114 में सिर्फ 28 गांवों में पूरे हुए काम, भूमि विवाद बने बड़ी बाधा — समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण कार्यों के निर्देश

बिजनौर |से अवनीश त्यागी की विशेष विश्लेषणात्मक रिपोर्ट

प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत जनपद बिजनौर में कराए जा रहे विकास कार्यों की जमीनी हकीकत एक बार फिर प्रशासनिक समीक्षा में उजागर हो गई। शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी जसजीत कौर ने निर्माण कार्यों की धीमी रफ्तार पर गहरी नाराजगी जताते हुए संबंधित कार्यदाई संस्थाओं को स्पष्ट चेतावनी दी कि अब किसी भी तरह की लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी

आंकड़े जो सवाल खड़े करते हैं

बैठक में समाज कल्याण अधिकारी द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट के अनुसार—

  • कुल 114 आदर्श ग्राम चिन्हित
  • केवल 28 ग्रामों में कार्य पूर्ण
  • 39 ग्रामों में कार्य प्रगति पर
  • शेष ग्रामों में कार्य अब भी अधर में

ये आंकड़े साफ संकेत देते हैं कि योजना की रफ्तार अपेक्षित लक्ष्य से काफी पीछे है।

भूमि विवाद: विकास की सबसे बड़ी अड़चन

डीएम ने समीक्षा के दौरान यह भी रेखांकित किया कि कई आदर्श ग्रामों में भूमि विवाद निर्माण कार्यों में सबसे बड़ी बाधा बनकर सामने आ रहे हैं। इस पर उन्होंने निर्देश दिए कि जहां भी भूमि संबंधी समस्याएं हैं, वहां संबंधित उप जिलाधिकारी से तत्काल समन्वय कर समाधान कराया जाए, ताकि विकास कार्य बाधित न हों।

साथ ही, समाज कल्याण अधिकारी को निर्देशित किया गया कि सभी आदर्श ग्रामों से जुड़ी भूमि विवाद शिकायतों की समेकित सूची तैयार कर प्रशासन को उपलब्ध कराई जाए।

 गुणवत्ता और समयसीमा पर सख्त रुख

जिलाधिकारी ने दो टूक शब्दों में कहा कि निर्माण कार्य केवल पूरे करना ही नहीं, बल्कि निर्धारित मानकों और गुणवत्ता के अनुरूप होना अनिवार्य है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे नियमित रूप से कार्यों की गुणवत्ता की जांच करें और किसी भी स्तर पर समझौता न होने दें।

 प्रशासनिक संदेश साफ

यह समीक्षा बैठक महज औपचारिकता नहीं, बल्कि एक कड़ा प्रशासनिक संदेश है कि आदर्श ग्राम योजना को कागजों से निकालकर जमीन पर उतारना अब प्राथमिकता है। यदि कार्यदाई संस्थाएं समय रहते अपनी कार्यशैली नहीं सुधारतीं, तो आने वाले समय में कड़ी कार्रवाई से भी इनकार नहीं किया जा सकता।

 बैठक में रहे मौजूद

इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में मुख्य विकास अधिकारी रणविजय सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला समाज कल्याण अधिकारी सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

📌 निष्कर्ष:
प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना का उद्देश्य गांवों को विकास का मॉडल बनाना है, लेकिन बिजनौर में धीमी प्रगति और भूमि विवाद इस लक्ष्य को चुनौती दे रहे हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन की सख्ती के बाद ज़मीनी स्तर पर बदलाव कितनी तेजी से दिखाई देता है।

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