नजीबाबाद में अवैध मिट्टी खनन पर बड़ी कार्रवाई: JCB व डंपर सीज, पर्यावरण को हो रहा था बड़ा नुकसान
प्रतीकात्मक चित्र
ग्रामीणों की शिकायत पर प्रशासन की त्वरित छापेमारी; मिट्टी माफियाओं के खिलाफ कठोर कार्रवाई, प्रदूषण और पर्यावरणीय क्षति उजागर
बिजनौर, 18 नवम्बर 2025—नजीबाबाद क्षेत्र में अवैध मिट्टी खनन पर जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए खनन माफियाओं की कमर तोड़ दी है। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व वान्या सिंह के अनुसार मोटा महादेव चौकी के पास सक्रिय अवैध खनन गिरोह पर छापेमारी की गई, जिसमें एक जेसीबी मशीन और मिट्टी से भरा एक डंपर मौके से पकड़ा गया और तुरंत सीज कर दिया गया।
ग्रामीणों द्वारा लगातार शिकायत दी जा रही थी कि रात के अंधेरे में दर्जनों ट्रैक्टर और डंपर शोरगुल के साथ अवैध मिट्टी ढोते हुए गुजरते हैं, जिससे प्रदूषण, असुरक्षा और सड़क क्षति बढ़ रही है।
अंधेरे में सक्रिय था मिट्टी माफिया नेटवर्क
स्थानीय नागरिकों ने बताया कि:
रात के समय तेज़ रफ़्तार में ओवरलोडेड वाहन गुजरते थे
धूल इतनी उड़ती थी कि घरों में तक जमा हो जाती थी
लगातार शोरगुल से नींद और स्वास्थ्य दोनों प्रभावित
गांव की सड़कें भारी वाहनों के दबाव से टूट चुकी हैं
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने तुरंत खनन विभाग को मौके पर भेजा।
ऑन–स्पॉट रेड: जेसीबी और डंपर सीज
जांच के दौरान खनन विभाग ने पाया कि
जेसीबी मशीन सक्रिय रूप से मिट्टी काट रही थी
डंपर ओवरलोड मिट्टी के साथ खड़ा था
दोनों वाहनों को कब्जे में लेकर कानूनी कार्रवाई शुरू
अवैध खनन में शामिल अन्य वाहनों और व्यक्तियों की जांच भी जारी है।
अवैध खनन का पर्यावरणीय प्रभाव: एक बड़ा बढ़ता खतरा
अवैध मिट्टी खनन न केवल कानून तोड़ता है, बल्कि क्षेत्र के पर्यावरण और ग्रामीण जीवन को गंभीर रूप से प्रभावित करता है। इसका वैज्ञानिक आकलन न होने से कई नुकसान सामने आते हैं:
1️⃣ मिट्टी का तेज़ कटाव
टॉप–सॉइल की परत खत्म होती है, जिससे भूमि की उर्वरता घटती है और भविष्य की खेती जोखिम में पड़ती है।
2️⃣ भूजल स्तर में गिरावट
गड्ढों का अनियंत्रित निर्माण भूजल पुनर्भरण को रोकता है, जिससे लंबे समय में जल संकट बढ़ता है।
3️⃣ वनस्पति और जैव विविधता को नुकसान
स्थानीय पौधे, झाड़ियाँ और जीव–जंतु अपनी प्राकृतिक संरचना खो देते हैं, जिससे पूरा पारिस्थितिकी तंत्र प्रभावित होता है।
4️⃣ धूल और ध्वनि प्रदूषण
ओवरलोडेड वाहनों से उड़ती धूल PM10/PM2.5 बढ़ाती है, जिसके कारण
सांस की दिक्कतें
एलर्जी
आंखों में जलन सामान्य होती जा रही थीं।
5️⃣ ग्रामीण सड़कों का विध्वंस
भारी वाहनों के दबाव से सड़कें टूटती हैं, जिससे ग्रामीणों की आवाजाही प्रभावित होने के साथ प्रदूषण भी कई गुना बढ़ता है।
6️⃣ नदियों व जलधाराओं पर असर
मिट्टी हटने से जलधाराओं के प्राकृतिक मार्ग बदलते हैं, जिससे मानसून में बाढ़ का खतरा बढ़ता है और तालाब–पोखर सूखने लगते हैं।
प्रशासन का सख्त संदेश: “अवैध खनन किसी भी कीमत पर नहीं”
ADMs वान्या सिंह ने स्पष्ट चेतावनी दी:
“जिले में किसी भी प्रकार का अवैध मिट्टी खनन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कोई भी प्रकरण संज्ञान में आने पर दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।”
उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी गतिविधियाँ पर्यावरण के लिए खतरा हैं और सरकारी राजस्व को नुकसान पहुँचाती हैं।
📌 निष्कर्ष
जिला प्रशासन की इस कार्रवाई ने मिट्टी माफियाओं को स्पष्ट संदेश दे दिया है कि कानून और पर्यावरण दोनों के साथ खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा। ग्रामीणों को राहत और प्रशासन की सक्रियता से नजीबाबाद क्षेत्र में व्यवस्था की वापसी की उम्मीद है।