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“वोटर लिस्ट अपडेट का मेगा ड्राइव: 25 नवंबर तक 100% डिजिटाइजेशन का डीएम का सख्त निर्देश

“वोटर लिस्ट अपडेट का मेगा ड्राइव: 25 नवंबर तक 100% डिजिटाइजेशन का डीएम का सख्त निर्देश

 घर-घर अभियान पूरा, अब ऑनलाइन सत्यापन पर जोर

मतदाताओं से प्रशासन की विशेष अपील—गणना प्रपत्र तुरंत जमा करें, दोहराव से बचें, ऑनलाइन सत्यापन कर लोकतांत्रिक भागीदारी सुनिश्चित करें

बिजनौर, 18 नवंबर 2025
आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए बिजनौर जिले में मतदाता सूची को अद्यतन बनाने की प्रक्रिया को लेकर प्रशासन पूरी सक्रियता के साथ जुट गया है। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जारी निर्देशों के बाद जिलाधिकारी जसजीत कौर ने स्पष्ट किया है कि विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण 2025 के तहत 4 नवंबर से बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) के घर-घर सर्वे का कार्य अब तेजी से समापन की ओर है।

इस अभियान के तहत BLO ने हर घर पर पहुंचकर गणना प्रपत्र (Enumeration Forms) वितरित और संग्रहित किए—यह वह आधारभूत दस्तावेज है, जिसके सहारे जिले की नई और संशोधित मतदाता सूची तैयार की जाएगी।

अब प्रशासन का अगला लक्ष्य है—
➡️ 25 नवंबर 2025 तक शत-प्रतिशत गणना प्रपत्रों का ऑनलाइन डिजिटाइजेशन
➡️ मतदाताओं के नाम, पते, जन्म तिथि, स्थानांतरण, त्रुटि सुधार आदि का सटीक रिकॉर्ड अपडेट करना

जिलाधिकारी ने साफ किया कि किसी भी किंतु-परंतु के बावजूद यह समयसीमा हर हालत में निभाई जाएगी।

📍 प्रमुख बिंदु — विस्तारपूर्वक

🔸 1. BLO का घर-घर अभियान क्यों महत्वपूर्ण?

मतदाता सूची की प्रक्रिया केवल कार्यालयी काम नहीं, बल्कि लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत करने वाली बुनियादी कवायद है। BLO का घर-घर जाकर गणना प्रपत्र भरवाना यह सुनिश्चित करता है कि:

  • नए मतदाता शामिल हों,
  • पुराने मतदाताओं की जानकारी सही हो,
  • मृतक या स्थानांतरित व्यक्तियों के नाम हट सकें,
  • दोहराव खत्म हो।

यह अभियान शत-प्रतिशत कवरेज पर निर्भर करता है, इसलिए BLO की फील्ड विज़िट लोकतंत्र की अखंडता के लिए निर्णायक भूमिका निभाती है।

🔸 2. 25 नवंबर तक 100% डिजिटाइजेशन—समयसीमा क्यों तंग?

डीएम जसजीत कौर ने सभी BLO और संबंधित सेक्टर अधिकारियों को यह निर्देश दिया है कि 25 नवंबर तक हर हाल में सभी फॉर्म ऑनलाइन अपलोड होने चाहिए।
यह इसलिए जरूरी है कि:

  • निर्वाचन आयोग की नई वार्षिक मतदाता सूची समय पर प्रकाशित हो सके,
  • डिजिटल रिकॉर्डिंग के चलते त्रुटियों की संभावना कम हो,
  • भविष्य में संशोधन की प्रक्रिया सरल और तेज रहे।

जिला प्रशासन ने इसके लिए एक विशेष मॉनिटरिंग सेल भी सक्रिय रखा है, जो हर दिन प्रगति रिपोर्ट ले रहा है।

🔸 3. एक मतदाता—एक गणना प्रपत्र का नियम

अक्सर ऐसा होता है कि मतदाताओं को कार्यस्थल, किराये का मकान, पैतृक निवास आदि कई स्थानों से प्रपत्र मिल जाते हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया:

“ऐसे सभी मामलों में मतदाता केवल एक प्रपत्र ही भरें। दो फॉर्म भरने से डुप्लिकेट एंट्री बनती है, जिससे बाद में नाम हटाने या संशोधन की प्रक्रिया जटिल हो जाती है।”

🔸 4. ऑनलाइन पोर्टल—जनता के लिए बड़ी सुविधा

मतदाताओं को अब लंबी कतारों या फॉर्म भरने की झंझट से बचाने के लिए आयोग ने दो बड़े पोर्टल उपलब्ध कराए हैं:

अपना नाम देखने और पुराने रिकॉर्ड सत्यापित करने के लिए:

👉 ceouttarpradesh.nic.in
यहाँ 2003 तक की मतदाता सूचियों को डाउनलोड कर देखा जा सकता है — पुरानी और नई एंट्री का मिलान बेहद आसान।

गणना प्रपत्र सीधे ऑनलाइन भरने के लिए:

👉 voters.eci.gov.in
यह Enumeration Form का आधिकारिक पोर्टल है, जहाँ:

  • नया मतदाता पंजीकरण,
  • पता परिवर्तन,
  • नाम हटाने,
  • सुधार—सभी ऑनलाइन उपलब्ध हैं।

🔸 5. SIR पोर्टल से ‘स्वयं अपलोड’ की विशेष सुविधा

जिलाधिकारी ने जनसाधारण से यह भी कहा कि लोग स्वयं SIR (Self Initiated Requests) पोर्टल पर अपने विवरण अपलोड करें।
इससे:

  • BLO का बोझ कम होता है,
  • प्रक्रिया तेज होती है,
  • गलतियों की संभावना घटती है,
  • और मतदाता की सहभागिता बढ़ती है।

विश्लेषण: मतदाता सूची को शुद्ध करने से क्या बदलता है?

1. चुनाव की विश्वसनीयता बढ़ती है

जब सूची सटीक होती है, तो फर्जी मतदान, दोहराव या मृतक मतदाताओं के नाम शामिल होने की संभावना लगभग खत्म।

2. नए मतदाताओं की भागीदारी सुनिश्चित होती है

युवा मतदाताओं की संख्या लगातार बढ़ रही है, और उनकी एंट्री राजनीतिक प्रक्रिया को नया आकार देती है।

3. स्थानांतरण करने वालों को सही बूथ मिलता है

गलत बूथ पर नाम दर्ज हो जाने से लोगों को मतदान से वंचित होना पड़ता है। अपडेटेड सूची से यह समस्या खत्म होती है।

4. प्रशासनिक लागत घटती है

डिजिटल और त्रुटिहीन सूची से भविष्य के चुनावों में खर्च और मेहनत दोनों कम होती है।

 मतदाताओं के लिए विशेष अपील

जिलाधिकारी की सीधी अपील:

  • गणना प्रपत्र भरने में देरी न करें।
  • गलत या अपूर्ण जानकारी न दें।
  • BLO को सहयोग करें।
  • पोर्टल पर अपना नाम चेक करें।
  • स्वयं ऑनलाइन आवेदन करें—सुविधाजनक, तेज और त्रुटि-मुक्त।

📌 निष्कर्ष

जिले में चल रहा मतदाता सूची अद्यतन का यह विशेष अभियान केवल तकनीकी प्रक्रिया नहीं, बल्कि लोकतंत्र की बुनियाद को दुरुस्त करने का बड़ा अवसर है।
प्रशासन पूरी तत्परता से जुटा है और अब जिम्मेदारी हर मतदाता की भी है कि वह इस राष्ट्रव्यापी प्रक्रिया में अपनी भूमिका निभाए।

यदि जिले में यह अभियान 100% सफलता पाता है, तो बिजनौर पारदर्शी और आधुनिक चुनाव प्रक्रिया में एक आदर्श जिला बनकर उभर सकता है।

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