बिजनौर में लोकतंत्र का नया अध्याय: दो दशक बाद फिर शुरू हुआ विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (SIR) अभियान
सटीक मतदाता सूची और पारदर्शी निर्वाचन के लिए प्रशासन ने कसी कमर, एडीएम वान्या ने दी विस्तृत जानकारी
📍बिजनौर | 03 नवम्बर 2025 | अवनीश त्यागी की रिपोर्ट
लोकतंत्र की बुनियाद जनता है, और जनता की असली ताकत उसका “वोट”।
इसी वोट को पवित्र, पारदर्शी और सटीक बनाए रखने के लिए बिजनौर में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) की प्रक्रिया की औपचारिक शुरुआत कर दी गई।
जिला निर्वाचन अधिकारी श्रीमती जसजीत कौर के निर्देश पर सोमवार को अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) श्रीमती वान्या की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित हुआ।
इसमें जनपद के सभी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) एवं सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (AERO) को SIR के सभी चरणों की बारीकियां समझाई गईं।
लक्ष्य: हर पात्र मतदाता सूची में हो – कोई अयोग्य न बचे शामिल
प्रशासन का मकसद साफ है —
“हर योग्य नागरिक का नाम मतदाता सूची में जुड़ना चाहिए और कोई भी अयोग्य नाम हटाया जाना चाहिए।”
अपर जिलाधिकारी वान्या ने कहा कि दो दशकों बाद फिर से यह विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण इसलिए शुरू किया जा रहा है, ताकि मतदाता सूची पूर्ण, सटीक और निर्विवाद बन सके।
उन्होंने बताया कि वर्ष 1951 से 2004 के बीच आठ बार विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण किया जा चुका है, जबकि प्रदेश में आखिरी बार वर्ष 2003 में यह अभियान चला था।
अब 22 साल बाद फिर से पूरा राज्य मतदाता सूची के इतिहास के सबसे बड़े डेटा शुद्धिकरण अभियान की ओर बढ़ रहा है।
कलेक्ट्रेट में हुआ गंभीर मंथन: प्रशासन ने बनाई रणनीति
कलेक्ट्रेट सभागार में हुई इस बैठक में प्रशासन ने मतदाता सूची को “एकदम पारदर्शी और त्रुटिरहित” बनाने के लिए रोडमैप तैयार किया।
इस दौरान एडीएम वान्या ने उपस्थित अधिकारियों से कहा —
“बूथ लेवल अधिकारियों (BLOs) को केवल कागज भरने वाला कर्मचारी न समझें, वे लोकतंत्र के प्रहरी हैं।
उनका एक सही कदम आने वाले चुनावों की साख को तय करता है।”
क्या है विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (SIR)?
यह एक संपूर्ण मतदाता सूची पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया है, जिसके तहत—
- हर मतदाता के नाम, पते, उम्र, और पहचान का भौतिक व डिजिटल सत्यापन किया जाता है।
- मृत, स्थायी रूप से स्थानांतरित या दोहरी प्रविष्टि वाले नामों को सूची से हटाया जाता है।
- पात्र लेकिन अब तक शामिल न हुए नागरिकों के नाम जोड़े जाते हैं।
यह पूरी प्रक्रिया “भौतिक गणना प्रपत्र” और “ईसीआई के ऑनलाइन डेटा पोर्टल (voters.eci.gov.in)” के संयुक्त प्रयोग से की जाएगी।
BLO की भूमिका सबसे अहम
एडीएम वान्या ने बताया कि बूथ लेवल अधिकारी (BLO) इस पूरी प्रक्रिया की रीढ़ की हड्डी हैं।
उनकी जिम्मेदारी होगी—
- प्रत्येक घर तक जाकर गणना प्रपत्र (Enumeration Form) बांटना।
- पुराने रिकॉर्ड (2003 की सूची) से मतदाताओं के नामों का मिलान या लिंकिंग करना।
- नए मतदाताओं के लिए Form-6 और घोषणा प्रपत्र भरवाना।
- प्रत्येक घर का कम से कम तीन बार भ्रमण कर सुनिश्चित करना कि कोई भी नागरिक छूटे नहीं।
- शहरी क्षेत्रों और प्रवासी मतदाता चाहें तो ऑनलाइन भी फॉर्म भर सकेंगे।
- BLO मृत, स्थानांतरित या दोहरी प्रविष्टि वाले नामों की पहचान कर सूची को शुद्ध करेंगे।
निर्वाचक अधिकारियों की जिम्मेदारियाँ
निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ERO) और सहायक अधिकारी (AERO) का कार्य है—
- BLO द्वारा प्राप्त प्रपत्रों की जांच कर ड्राफ्ट रोल तैयार करना।
- जिनका मिलान नहीं हुआ, उन्हें नोटिस जारी करना और पात्रता की सुनवाई करना।
- यह सुनिश्चित करना कि कोई पात्र नागरिक सूची से बाहर न रह जाए और अयोग्य नाम शामिल न हों।
- यदि किसी को आपत्ति है, तो वह पहली अपील डीएम के पास और दूसरी अपील मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के पास कर सकता है।
SIR प्रक्रिया के सात चरण: एक नजर में
- पूर्व-गणना प्रशिक्षण – BLO, ERO, DEO को प्रशिक्षित किया जाएगा।
- भौतिक मिलान (Physical Linking) – BLO स्तर पर मतदाताओं का मिलान।
- डिजिटल मिलान (ECI Net) – पोर्टल के माध्यम से कंप्यूटर आधारित सत्यापन।
- राजनीतिक दलों की सहभागिता – पारदर्शिता के लिए मान्यता प्राप्त दलों की भूमिका।
- BLA (Booth Level Agents) का प्रशिक्षण और भागीदारी।
- गणना प्रपत्र संग्रहण – BLA प्रतिदिन अधिकतम 50 फॉर्म BLO को दे सकेंगे।
- सुनवाई और अंतिम सूची प्रकाशन – पात्रता तय होने के बाद अंतिम रोल तैयार होगा।
राजनीतिक दलों से भी सहयोग की अपील
अपर जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि यह प्रक्रिया तभी सफल होगी जब इसमें राजनीतिक दलों, बीएलए और स्थानीय प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी होगी।
“यह केवल सरकारी औपचारिकता नहीं, बल्कि लोकतंत्र की रीढ़ को मजबूत करने का प्रयास है,”
— वान्या, एडीएम वित्त एवं राजस्व
बैठक में मौजूद अधिकारी
इस प्रशिक्षण सत्र में उप जिलाधिकारी धामपुर स्मृति मिश्रा, सभी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, सहायक अधिकारी, तथा निर्वाचन शाखा के कर्मचारी मौजूद रहे।
बैठक का वातावरण गंभीर, शिक्षाप्रद और उद्देश्यपूर्ण रहा।
📌 मुख्य बिंदु एक नजर में
- 22 साल बाद दोबारा शुरू हुआ Special Intensive Revision अभियान।
- मतदाता सूची के शुद्धिकरण और पारदर्शिता पर फोकस।
- BLO घर-घर जाकर करेंगे सर्वेक्षण और फॉर्म वितरण।
- मृत या स्थानांतरित मतदाताओं की पहचान कर हटाया जाएगा।
- राजनीतिक दलों और बीएलए की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित।
- अपील की दो-स्तरीय व्यवस्था: डीएम → मुख्य निर्वाचन अधिकारी।
समाज के लिए इसका महत्व
इस अभियान का असर सीधे आम नागरिकों पर पड़ेगा।
मतदाता सूची की सटीकता यह तय करेगी कि आने वाले चुनाव कितने पारदर्शी और विश्वसनीय होंगे।
प्रशासनिक दृष्टि से यह केवल एक “डेटा सुधार” नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक आत्मा को पुनर्जीवित करने वाला “सच्चा जनसंपर्क अभियान” है।
निष्कर्ष: मतदाता सूची की सर्जरी शुरू
बिजनौर प्रशासन ने यह दिखा दिया है कि लोकतंत्र में “सटीक मतदाता सूची ही सही मतदान की आत्मा है।”
SIR अभियान के साथ अब हर बूथ, हर नाम और हर वोट की शुद्धता सुनिश्चित की जाएगी।
यह केवल प्रशासनिक कार्यवाही नहीं, बल्कि आने वाले चुनावों की विश्वसनीयता की गारंटी है।










