“बिजनौर में गूंजी राष्ट्रीय एकता की प्रतिज्ञा,सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर अधिकारियों ने ली एकजुट भारत की शपथ”
“अपर जिलाधिकारी वान्या सिंह ने दिलाई राष्ट्रीय एकता दिवस की शपथ — कहा, सरदार पटेल की दूरदर्शिता ही भारत की अखंडता की पहचान”
📍बिजनौर | 31 अक्टूबर 2025
सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती पर आज बिजनौर कलेक्ट्रेट परिसर देशभक्ति के स्वर से गूंज उठा।
महात्मा विद्युत सभागार में आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) वान्या सिंह ने कलेक्ट्रेट के अधिकारियों व कर्मचारियों को सामूहिक रूप से राष्ट्रीय एकता की शपथ दिलाई।
कार्यक्रम की मुख्य बातें
- 🏛️ कार्यक्रम का आयोजन महात्मा विद्युत सभागार में किया गया।
- 👩💼 अपर जिलाधिकारी वान्या सिंह ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को एकता की शपथ दिलाई।
- 📜 शपथ के दौरान सभी ने दृढ़ संकल्प लिया कि वे राष्ट्र की एकता, अखंडता और सुरक्षा को बनाए रखने में पूर्ण योगदान देंगे।
- 🇮🇳 सरदार पटेल के जीवन और योगदान पर संक्षिप्त परिचर्चा का भी आयोजन हुआ।
वान्या सिंह ने कहा —
“राष्ट्रीय एकता दिवस कोई औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि यह हर भारतीय को यह याद दिलाता है कि हमारी विविधता ही हमारी सबसे बड़ी शक्ति है।
सरदार पटेल ने जिस भारत का सपना देखा था, उसकी आत्मा आज भी ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के रूप में जीवंत है।”
सरदार पटेल की प्रेरणा —
- ‘लौह पुरुष’ सरदार पटेल ने 500 से अधिक रियासतों को एकीकृत कर आधुनिक भारत की नींव रखी।
- उनकी राजनीतिक सूझबूझ और राष्ट्रीय दृष्टि ने स्वतंत्र भारत को एकता के सूत्र में पिरोया।
- आज भी उनका आदर्श प्रशासन, एकजुटता और जिम्मेदारी का प्रतीक है।
जनपद में एकता का संदेश
कलेक्ट्रेट के अधिकारियों व कर्मचारियों ने सामूहिक स्वर में यह शपथ ली कि वे
“देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा के लिए स्वयं को समर्पित करेंगे और देशवासियों में यह संदेश फैलाने का प्रयास करेंगे।”
निष्कर्ष
राष्ट्रीय एकता दिवस के इस अवसर पर बिजनौर प्रशासन ने एक सशक्त संदेश दिया —
“एकता में ही शक्ति है, और यही शक्ति भारत की पहचान है।”
सरदार पटेल की जयंती के इस अवसर पर बिजनौर ने दिखाया कि भारत की आत्मा आज भी एकता, समरसता और राष्ट्रप्रेम से स्पंदित है।











