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बिजनौर में कुपोषण पर सख्त हुई DM जसजीत कौर

बिजनौर में कुपोषण पर सख्त हुई DM जसजीत कौर

“निरीक्षण में कमी पाई गई तो होगी कार्रवाई — हर आंगनबाड़ी केंद्र को सुविधाओं से संतृप्त बनाना प्रशासन की प्राथमिकता”

📍बिजनौर, 30 अक्टूबर 2025 | विशेष संवाददाता
बिजनौर में बाल पोषण और मातृ स्वास्थ्य की जमीनी हकीकत को सुधारने के लिए अब प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है।
जिलाधिकारी श्रीमती जसजीत कौर ने गुरुवार को जिला पोषण समिति की बैठक में एक-एक बिंदु पर सख्ती दिखाते हुए स्पष्ट कहा —

“आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों के भविष्य की प्रयोगशाला हैं, यहाँ लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”

बैठक के दौरान डीएम ने आईसीडीएस से जुड़े अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि केंद्रों की स्थिति में सुधार, पोषाहार वितरण की पारदर्शिता और बच्चों की नियमित निगरानी अब प्राथमिक जिम्मेदारी मानी जाएगी।

बैठक की प्रमुख बातें

🔸 कलेक्ट्रेट सभागार में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक

अपराह्न 3:30 बजे हुई बैठक की अध्यक्षता डीएम जसजीत कौर ने की।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी रणविजय सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी शीतल वर्मा, जिला विकास अधिकारी रचना गुप्ता सहित कई विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
डीएम ने बैठक की शुरुआत में ही कहा —

“कागजों में नहीं, जमीनी बदलाव चाहिए — आंगनबाड़ी केंद्रों को बच्चों और माताओं के लिए सशक्त केंद्र बनाइए।”

🔸 निरीक्षण में पारदर्शिता और जवाबदेही का नया पैमाना

डीएम ने निर्देश दिए कि सभी सीडीपीओ अपने-अपने केंद्रों का निरीक्षण निर्धारित चेकलिस्ट के आधार पर करें।
जहां भी कमी मिले, उसे रिपोर्ट में अंकित करें और निरीक्षण रिपोर्ट के साथ फोटो संलग्न करना अनिवार्य करें।
यह व्यवस्था अब केवल कागजी नहीं, बल्कि डिजिटल साक्ष्य आधारित होगी।

🔸 हर केंद्र बने आदर्श — पूरी हों मूलभूत सुविधाएं

डीएम जसजीत कौर ने कहा कि प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र पर

  • स्वच्छ पेयजल, शौचालय, बिजली की व्यवस्था
  • वजन मशीन, इन्फेंटोमीटर और सभी आवश्यक उपकरण
    उपलब्ध होना अनिवार्य है।

यदि किसी केंद्र में सुविधा की कमी है तो तुरंत समायोजन और पूर्ति की जाए।
उन्होंने कहा —

“एक केंद्र की कमी पूरे जिले की छवि को धूमिल करती है, इसलिए हर केंद्र को मॉडल सेंटर की तरह तैयार करें।”

🔸 बच्चों का वजन, स्वास्थ्य और पोषण पर विशेष फोकस

डीएम ने बच्चों के स्वास्थ्य पर चिंता जताते हुए कहा कि वजन और पोषण की निगरानी संवेदनशीलता के साथ की जाए।
यदि किसी केंद्र में बच्चों का वजन नहीं बढ़ रहा या उनका स्वास्थ्य सुधार नहीं हो रहा है, तो संबंधित सीडीपीओ और कार्यकत्री पर कार्रवाई तय होगी।

उन्होंने निर्देश दिए कि ऐसे बच्चों को प्राथमिकता से चिन्हित कर जिला अस्पताल स्थित एनआरसी (पोषण पुनर्वास केंद्र) में भर्ती कराया जाए।
📊 बैठक में बताया गया कि इस माह कुल 17 बच्चों को एनआरसी में भर्ती कराया गया है।

🔸 मॉनिटरिंग और जवाबदेही पर सख्त निगरानी

डीएम ने जिला कार्यक्रम अधिकारी को निर्देशित किया कि वे सभी सीडीपीओ के कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करें।
जहां कार्य में शिथिलता मिले, वहां पहले चेतावनी, और फिर भी सुधार न होने पर जवाब-तलब की कार्यवाही की जाए।
उन्होंने कहा कि अब काम “नाम के लिए नहीं, परिणाम के लिए” होना चाहिए।

🔸 डिजिटल ट्रैकिंग पर प्रशासन का विशेष जोर

बैठक में पोषण ट्रैकर, ई-कवच पोर्टल, और पोषाहार वितरण प्रणाली की बारीकी से समीक्षा की गई।
सैम (कुपोषित) और अन्य बच्चों को दवाओं का शत-प्रतिशत वितरण सुनिश्चित करने के साथ डेटा का ऑनलाइन अपडेट करना अनिवार्य किया गया।
डीएम ने कहा —

“अब तकनीक के जरिए हर बच्चे की पोषण यात्रा पर नज़र रखी जाएगी — कोई भी बच्चा सिस्टम से छूटे नहीं।”

डीएम का सख्त लेकिन संवेदनशील संदेश

डीएम जसजीत कौर ने भावुक शब्दों में कहा —

“आंगनबाड़ी केंद्र केवल भवन नहीं, ये बच्चों की मुस्कान और भविष्य की नींव हैं।
यहाँ की लापरवाही बच्चों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ होगी।
हर केंद्र को एक आदर्श उदाहरण बनाना हमारा सामूहिक कर्तव्य है।”

बैठक में मौजूद प्रशासनिक अधिकारी

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी रणविजय सिंह, जिला विकास अधिकारी रचना गुप्ता, जिला कार्यक्रम अधिकारी शीतल वर्मा, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी लक्ष्मी देवी, डीसी-मनरेगा सहित आईसीडीएस विभाग के सभी अधिकारी उपस्थित रहे।

📌 निष्कर्ष : अब जवाबदेही का दौर शुरू

बिजनौर प्रशासन ने यह स्पष्ट संदेश दे दिया है कि कुपोषण और लापरवाही पर कोई समझौता नहीं होगा।
डीएम जसजीत कौर के निर्देशन में अब जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्र सुविधा, पारदर्शिता और जवाबदेही के नए मॉडल के रूप में विकसित किए जाएंगे।
यह कदम न केवल बच्चों के स्वास्थ्य सुधार की दिशा में बड़ा बदलाव साबित होगा, बल्कि बिजनौर को पोषण के क्षेत्र में आदर्श जिला बनाने की दिशा में निर्णायक कदम भी होगा।

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