प्रतापगढ़ पुलिस ने टप्पेबाजी गिरोह का किया पर्दाफाश — 10 शातिर गिरफ्तार, फर्जी आधार कार्ड और चोरी का माल बरामद!
फर्जी पहचान और फिल्मी अंदाज़ में करते थे टप्पेबाजी
प्रतापगढ़ | संवाददाता: अद्वैत दशरथ तिवारी
प्रतापगढ़ पुलिस ने एक सक्रिय टप्पेबाज गिरोह का खुलासा करते हुए 10 शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी लिफ्ट देने के बहाने लोगों से नकद और कीमती सामान ठगने में माहिर थे। पुलिस ने इनसे फर्जी आधार कार्ड, चोरी की धातुएं और नकद रुपए बरामद किए हैं।
कैसे हुआ खुलासा: सतर्क पुलिस की प्लानिंग
- घटना 15 अक्टूबर 2025 को घटी थी, जब एक व्यक्ति से लिफ्ट के बहाने 17,000 रुपए और बैग ठग लिए गए।
- पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर सर्विलांस, एसओजी और कोतवाली नगर टीम गठित की गई।
- सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और मुखबिर की सूचना के आधार पर गिरोह को रेलवे पुराना माल गोदाम के पास से दबोचा गया।
बरामदगी का ब्यौरा
- 01 पेचकस, 01 पिलास
- 21 चाभियाँ
- सफेद धातु (चोरी की) — 230 ग्राम
- फर्जी आधार कार्ड — 10
- नकद — ₹2,200
- अपराध से जुड़ी सामग्री के साथ सभी अभियुक्त गिरफ्तार
अभियुक्तों का खुलासा: फिल्मी अंदाज़ में बनाते थे नकली आधार कार्ड
पुलिस पूछताछ में मुख्य अभियुक्त मोहम्मद मोसीम ने बताया कि वे अपराध के दौरान अपनी पहचान छिपाने के लिए आधार कार्ड पर फोटो और नाम बदलकर नए दस्तावेज तैयार करते थे।
“हम लोग फिल्मी स्टाइल में आधार कार्ड की फोटो व नाम बदल देते थे ताकि घटना के बाद पुलिस हमें पहचान न सके,” — अभियुक्त मोसीम
गिरफ्तार मोहम्मद नौशाद ने भी कबूल किया कि उसने ठगी के ₹17,000 में से ₹1,200 अपने पास रखे थे।
गंभीर धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा
थाना कोतवाली नगर में अभियुक्तों के खिलाफ धारा 313, 336(3), 340(2), 338, 317(2) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने सभी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया है।
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका
निरीक्षण में:
- अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी शैलेन्द्र लाल
- सीओ नगर प्रशान्त राज
ऑपरेशन लीडर:
- स्वाट/सर्विलांस प्रभारी अमित चौरसिया
- थाना प्रभारी नीरज कुमार यादव
- टीम में उपनिरीक्षक अंकित श्रीवास्तव, अनुपम त्रिपाठी, अखिलेश प्रताप, पुष्पराज सिंह सहित कई पुलिसकर्मी शामिल रहे।
अपराधियों की सूची (संक्षेप में)
| क्रम | नाम | जिला | उम्र |
|---|---|---|---|
| 1 | मोहम्मद मोसीम | मुरादाबाद | 23 |
| 2 | मोहम्मद नौशाद | मुजफ्फरनगर | 20 |
| 3 | नन्हे | मुरादाबाद | 25 |
| 4 | मोहम्मद फईम | मुरादाबाद | 20 |
| 5 | नईम | मुरादाबाद | 42 |
| 6 | मोहम्मद इबरान | मुरादाबाद | 34 |
| 7 | रिजाबुल | मुरादाबाद | 32 |
| 8 | मोहम्मद उस्मान | मुरादाबाद | 38 |
| 9 | आजम | मुजफ्फरनगर | 21 |
| 10 | शहजाद | मुरादाबाद | 19 |
विश्लेषणात्मक दृष्टि से — टप्पेबाजी का बदलता ट्रेंड
- अब अपराधी लिफ्ट देने के बहाने लोगों को फँसाने लगे हैं।
- डिजिटल दस्तावेजों की जालसाजी ने पुलिस जांच को और चुनौतीपूर्ण बना दिया है।
- ग्रामीण व शहरी यात्रियों को अजनबियों से लिफ्ट लेने में सतर्क रहने की जरूरत है।
- पुलिस की तेज़ ट्रैकिंग और इंटर-डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेशन अपराध नियंत्रण की दिशा में प्रभावी साबित हुई है।
निष्कर्ष:
प्रतापगढ़ पुलिस ने जिस तेजी और सटीकता से इस गिरोह का पर्दाफाश किया, वह कानून व्यवस्था और तकनीकी पुलिसिंग का बेहतरीन उदाहरण है। यह कार्रवाई अपराधियों के लिए चेतावनी और जनता के लिए भरोसे का संदेश है —
“कानून के जाल से कोई बच नहीं सकता।”











