गढ़मुक्तेश्वर मेला बनेगा “मिनी कुंभ”!
मुख्यमंत्री योगी ने की तैयारियों की समीक्षा, बोले — “आस्था, अनुशासन और स्वच्छता से सम्पन्न हो आयोजन”

लखनऊ / हापुड़ | 26 अक्टूबर 2025
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को गढ़मुक्तेश्वर और अमरोहा के तिगरी मेले की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि कार्तिक पूर्णिमा मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की आस्था, अध्यात्म और सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रतीक है।
इस वर्ष 30 अक्टूबर से 5 नवम्बर तक चलने वाला यह मेला “मिनी कुंभ” के रूप में आयोजित किया जाएगा, जिसमें लगभग 45 लाख श्रद्धालुओं के पहुँचने की संभावना है।
मुख्यमंत्री का मेला स्थल पर निरीक्षण व गंगा पूजन
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गढ़ गंगा मेला स्थल का हवाई सर्वेक्षण किया।
- गंगा तट पर गंगा पूजन कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।
- उन्होंने सदर बाजार क्षेत्र का निरीक्षण किया और मेला तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की।
- मुख्यमंत्री ने स्थानीय कारीगरों द्वारा बनाए जा रहे मोढ़ों (परंपरागत कुर्सियों) की गुणवत्ता की सराहना भी की।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि : योगी आदित्यनाथ
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा में कोई कमी नहीं रहनी चाहिए।
- एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की तैनाती घाटों पर सुनिश्चित की जाए।
- सीसीटीवी, ड्रोन निगरानी और पब्लिक एड्रेस सिस्टम के जरिए निरंतर मॉनिटरिंग हो।
- रेस्क्यू बोट्स और हेल्पलाइन सेंटर हमेशा सक्रिय रहें।
- गहराई वाले जल क्षेत्रों में बैरिकेडिंग और सतर्क फ्लड यूनिट की तैनाती की जाए।
यातायात और भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान
- मुख्यमंत्री ने कहा कि 20–25 किलोमीटर के दायरे में ट्रैफिक डायवर्जन योजना लागू की जाए ताकि किसी प्रकार का जाम न लगे।
- पार्किंग स्थलों की सुरक्षा, रौशनी और सफाई व्यवस्था को प्राथमिकता दी जाए।
- स्वयंसेवकों के खान-पान और विश्राम की उचित व्यवस्था की जाए।
- किसी भी श्रद्धालु से अतिरिक्त शुल्क न वसूला जाए।
स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण पर सख्त निर्देश
- मेला क्षेत्र को सिंगल यूज़ प्लास्टिक फ्री बनाया जाएगा।
- अस्थायी शौचालयों में जीरो लिक्विड डिस्चार्ज सिस्टम लागू होगा।
- कचरा संग्रहण, चेंजिंग रूम और स्वच्छ शौचालयों की पर्याप्त व्यवस्था की जा रही है।
- सिंचाई विभाग को निर्देश — कटान क्षेत्रों में ड्रेजिंग कार्य शीघ्र पूर्ण करें।
विद्युत, स्वास्थ्य और सजावट पर विशेष फोकस
- निर्बाध बिजली आपूर्ति और इलेक्ट्रिक सेफ्टी सिस्टम की जांच अनिवार्य।
- अस्थायी अस्पताल, फायर सेफ्टी सिस्टम, एंटी स्नेक वेनम और एंटी रेबीज वैक्सीन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।
- मेला परिसर को आकर्षक सजावट और रोशनी से आलोकित किया जाएगा।
- जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार हेतु होर्डिंग्स लगाई जाएंगी।
गढ़मुक्तेश्वर: आस्था और इतिहास का संगम
गढ़मुक्तेश्वर का उल्लेख स्कन्द पुराण और महाभारत दोनों में मिलता है।
मान्यता है कि महाभारत युद्ध के बाद युधिष्ठिर, अर्जुन और भगवान श्रीकृष्ण ने यहीं गंगा स्नान कर पितृ तर्पण किया था।
यहाँ भगवान परशुराम द्वारा स्थापित मुक्तेश्वर महादेव मंदिर भी स्थित है।
हर वर्ष ब्रजघाट और मुक्तेश्वर घाट पर लाखों श्रद्धालु स्नान, दीपदान और पितृ तर्पण कर मोक्ष की कामना करते हैं।
मुख्यमंत्री के प्रमुख निर्देश—एक नज़र में
✅ श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
✅ सीसीटीवी, ड्रोन और कंट्रोल रूम से सतत निगरानी
✅ स्वच्छता, प्रकाश व स्वास्थ्य सुविधाओं की गारंटी
✅ ट्रैफिक डायवर्जन व भीड़ नियंत्रण की ठोस योजना
✅ सिंगल यूज प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध
✅ सभी विभागों में आपसी समन्वय और पारदर्शिता
✅ श्रद्धालुओं से कोई अतिरिक्त शुल्क न वसूला जाए
योगी बोले — “गढ़मुक्तेश्वर बने स्वच्छता और अनुशासन का आदर्श”
मुख्यमंत्री ने कहा —
“हमारा लक्ष्य है कि यह मेला श्रद्धा, अनुशासन और स्वच्छता के साथ सम्पन्न हो। हर श्रद्धालु यहाँ से शांति और आशीर्वाद लेकर लौटे। गढ़मुक्तेश्वर का यह मेला आस्था के साथ-साथ व्यवस्था का भी प्रतीक बने।”
📍रिपोर्ट: पत्र सूचना शाखा, सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग, उत्तर प्रदेश
🗓️ दिनांक: 26 अक्टूबर 2025
🏞️ स्थान: गढ़मुक्तेश्वर / हापुड़ / अमरोहा










