“अब हर हुनर को मिलेगा रोजगार का हक”
बिजनौर में डीएम जसजीत कौर की बड़ी पहल — रोजगार मिशन से युवाओं को घर के पास नौकरी के अवसर
बिजनौर, 27 अक्टूबर 2025 |
बिजनौर के युवाओं के लिए खुशखबरी है — अब रोजगार की तलाश में बड़े शहरों की दौड़ लगाने की जरूरत नहीं होगी।
जिलाधिकारी जसजीत कौर ने आज कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला स्तरीय रोजगार मिशन समिति की बैठक में यह साफ निर्देश दिए कि—
“हर प्रशिक्षित युवा को उसके हुनर के अनुसार स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलना चाहिए, और हर उद्योग को योग्य कर्मचारी।”
🔹 ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन से खुलेगा रोजगार का नया रास्ता
बैठक में डीएम ने कहा कि जिला सेवायोजन अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि —
- आईटीआई, पॉलिटेक्निक, व्यावसायिक शिक्षण संस्थान, कारखाने व औद्योगिक आस्थान रोजगार पोर्टल पर पंजीकरण कराएं।
- युवाओं को “सेवायोजन पोर्टल” के ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया आसान बनाकर हर संस्थान में राइट-अप (सूचनापत्र) वितरित किए जाएं।
- जिन युवाओं के पास कोई हुनर या डिग्री है, वे सीधे पोर्टल पर जाकर रजिस्ट्रेशन कर सकें।
👉 उद्देश्य है:
हर हुनरमंद हाथ को काम और हर उद्योग को योग्य कर्मचारी मिल सके।
🔹 सरकारी के साथ प्राइवेट संस्थान भी होंगे शामिल
डीएम ने कहा कि केवल सरकारी विभाग ही नहीं, बल्कि निजी औद्योगिक संस्थान भी इस मिशन से जुड़ें।
- अपने मैनपावर रिक्वायरमेंट सेवायोजन पोर्टल पर डालें।
- इससे उद्योगों को प्रशिक्षित श्रमिक और युवाओं को घर के पास रोजगार दोनों मिल सकेंगे।
- विभागीय अधिकारी अपने शासकीय योजनाओं की उपलब्धियों का भी प्रचार-प्रसार करें ताकि अधिक लोग लाभ उठा सकें।
“सरकार की मंशा है — ‘रोजगार घर-घर तक पहुंचे, बेरोजगारी दर घटे।’”
— जसजीत कौर, जिलाधिकारी बिजनौर
🔹 क्या है उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन? जानिए विस्तार से…
जिलाधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा शुरू किया गया उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन युवाओं के लिए सुनहरा अवसर लेकर आया है।
🔸 मिशन के प्रमुख लक्ष्य:
- युवाओं को उनके जिले में ही रोजगार उपलब्ध कराना।
- उद्योगों की मांग के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण प्रदान करना।
- एक वर्ष में 1 लाख युवाओं को देश में और 25–30 हजार युवाओं को विदेशों में रोजगार के अवसर देना।
- स्थानीय रोजगार व स्वरोजगार को प्रोत्साहन देना।
- स्टार्टअप्स और लघु उद्योगों को बढ़ावा देना।
🔸 योजना का फायदा:
इस योजना के तहत युवाओं को रोजगार पाने के लिए महानगरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा।
रोजगार, कौशल विकास और प्रशिक्षण की सुविधाएं अब जिले में ही उपलब्ध होंगी।
“गांव से शहर तक फैलेगी रोजगार की रोशनी”
डीएम जसजीत कौर ने कहा कि —
“अब रोजगार केवल दफ्तर की फाइलों में नहीं रहेगा, बल्कि हर गांव तक पहुंचेगा। जब युवा अपने ही जिले में रोजगार पाएंगे, तो न सिर्फ उनकी आय बढ़ेगी बल्कि जिले का आर्थिक विकास भी गति पकड़ेगा।”
इस योजना से—
- ग्रामीण युवाओं को आत्मनिर्भरता का अवसर मिलेगा।
- शहरी बेरोजगारी पर अंकुश लगेगा।
- स्थानीय अर्थव्यवस्था में नई ऊर्जा का संचार होगा।
बैठक में रहे ये अधिकारी और संस्थान प्रमुख मौजूद
कलेक्ट्रेट स्थित महात्मा विदुर सभागार में हुई इस अहम बैठक में कई विभागीय अधिकारी व औद्योगिक संस्थानों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
बैठक में उपस्थित थे:
- परियोजना निदेशक डीआरडीए दिनकर भारती
- उप कृषि निदेशक डॉ. घनश्याम वर्मा
- जिला सेवायोजन अधिकारी
- उपयुक्त उद्योग व मनरेगा अधिकारी
- सहायक श्रम आयुक्त
- विभिन्न आईटीआई, पॉलिटेक्निक और व्यावसायिक शिक्षण संस्थानों के प्रधानाचार्य व प्रतिनिधि
सभी ने मिलकर “बिजनौर को रोजगार मॉडल जिला” बनाने का संकल्प दोहराया।
विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण: ‘रोजगार मिशन’ बनेगा बिजनौर का गेम चेंजर!
👉 संपादकीय दृष्टि से देखें तो, यह योजना बिजनौर के सामाजिक-आर्थिक ताने-बाने को बदल सकती है।
- पहले युवाओं को नौकरी के लिए मेरठ, नोएडा या दिल्ली जाना पड़ता था।
- अब सेवायोजन पोर्टल व स्थानीय उद्योग साझेदारी के माध्यम से रोजगार उनके ही जिले में मिलेगा।
- इससे न सिर्फ बेरोजगारी घटेगी, बल्कि स्थानीय उद्योगों को भी कुशल मानव संसाधन मिलेगा।
- साथ ही, महिला रोजगार को भी इस मिशन से विशेष बढ़ावा मिलेगा, क्योंकि वे अब अपने गृह क्षेत्र में काम पा सकेंगी।
👉 यदि यह मॉडल सफल हुआ तो बिजनौर जल्द ही “उत्तर प्रदेश का रोजगार हब” कहलाएगा।
निष्कर्ष:
डीएम जसजीत कौर की पहल से बिजनौर में स्थानीय रोजगार क्रांति की नींव रखी जा चुकी है।
अब चुनौती है —
- योजनाओं के ज़मीनी क्रियान्वयन की,
- उद्योगों के सक्रिय जुड़ाव की,
- और युवाओं के भरोसे को मजबूत करने की।
यदि ये तीनों पहिए साथ चले, तो बिजनौर का नाम “रोजगार मिशन के आदर्श जिले” के रूप में पूरे प्रदेश में चमक सकता है।
✍️ रिपोर्ट: अवनीश त्यागी
(डिजिटल न्यूज पोर्टल विशेष रिपोर्ट — “रोजगार से विकास तक” श्रृंखला के तहत)













