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बिजनौर: भाकियू ने मुख्यमंत्री को सौंपा 17 सूत्रीय किसानों का ज्ञापन, प्रशासन के समक्ष भी उठे अहम मुद्दे

बिजनौर: भाकियू ने मुख्यमंत्री को सौंपा 17 सूत्रीय किसानों का ज्ञापन, प्रशासन के समक्ष भी उठे अहम मुद्दे

विशेष हाईलाइट:

  • 17 सूत्रीय ज्ञापन प्रदेश के लाखों किसानों की मांगों का प्रतिनिधित्व करता है।
  • भिलाई मिल द्वारा भुगतान का आश्वासन किसानों को मिली राहत।
  • गुलदार रेस्क्यू ऑपरेशन से फसलों की सुरक्षा सुनिश्चित।

बिजनौर, 17 अक्टूबर 2025:
भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) की जिला पंचायत आज बिजनौर कलेक्ट्रेट में आयोजित हुई। जिलाध्यक्ष सुनील प्रधान की अध्यक्षता और मुख्य महासचिव मुकेश जंगघाला के नेतृत्व में किसानों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम 17 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा।

किसान पंचायत
भाकियू की पंचायत में किसानों ने अपनी मांगों को रखा।

📌 17 सूत्रीय प्रमुख मांगें

किसानों ने ज्ञापन में प्रदेश सरकार से निम्न प्रमुख माँगें रखीं:

  • गन्ना मूल्य: ₹450 प्रति क्विंटल घोषित किया जाए और बकाया भुगतान ब्याज सहित शीघ्र किया जाए।
  • कृषि ऋण माफी: छोटे और सीमांत किसानों के सभी कृषि ऋण माफ किए जाएँ।
  • बिजली सुविधा: स्मार्ट मीटर प्रणाली समाप्त कर किसानों को मुफ्त या रियायती बिजली दी जाए।
  • आवारा पशु प्रबंधन: हर गाँव में गो-आश्रय स्थल सुचारू रूप से संचालित हों।
  • फसल बीमा सुधार: वास्तविक और शीघ्र मुआवजा सुनिश्चित किया जाए।
  • कृषि इनपुट पर टैक्स छूट: बीज, खाद, डीजल और कीटनाशक पर टैक्स में छूट।
  • कानूनी एमएसपी: न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को कानूनी दर्जा दिया जाए।
  • प्राकृतिक आपदाओं में राहत: बाढ़, सूखा, ओलावृष्टि और कीट प्रकोप में त्वरित राहत राशि।
  • किसान पेंशन योजना: वृद्ध किसानों को सामाजिक सुरक्षा।
  • कृषि मंडी और भंडारण केंद्र: हर जिले में स्थापित किए जाएँ।

अन्य मांगों में भूमि पर दीर्घकालीन लीज़, कृषि अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र, किसानों पर दर्ज झूठे मुकदमे वापस लेना और कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा शामिल हैं।

 जिला स्तरीय वार्ता में उठे मुद्दे

  • भिलाई मिल भुगतान: 18 अक्टूबर तक ₹5 करोड़ का भुगतान करने का आश्वासन।
  • धान क्रय केंद्र: सुचारू संचालन सुनिश्चित करने की मांग।
  • सभी चीनी मिलें: समय पर संचालन पर जोर।

धान खरीद केंद्र
जिला प्रशासन ने धान खरीद केंद्र सुचारू संचालन का आश्वासन दिया।

 गुलदारों के आतंक पर कार्रवाई

  • जिले में गुलदार की गतिविधियों वाले क्षेत्रों में पिंजरे लगाए जा रहे हैं।
  • गन्ना फसल कटने के बाद पूरे जिले में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जाएगा।

 पंचायत में शामिल किसान नेता

लुधियान सिंह, मनप्रीत संधू, कोमन सिंह, महेंद्र सिंह, वीरेंद्र वाट, उपमा चौहान, कुलदीप सिंह, महिपाल सिंह, अजय बालियान, राजेंद्र सिंह, संदीप भुल्लर, जय सिंह, विजय सिंह, कीरत बालियान, धर्मेंद्र सिंह, गजेंद्र सिंह, दिनेश कुमार, नरदेव सिंह, मुनींद्र सिंह काकरान, जितेंद्र सिंह, आशु चौधरी, महावीर सिंह, हर्षवर्धन सिंह, सौरभ काकरान, अमरपाल सिंह, मुनेश अहलावत, कपिल चौधरी, रजनीश अहलावत, सोनू विरक, रवि शेखर तोमर, अजीत, बलजीत सिंह, मुकुल शेरावत, बृजेश कुमार, आकाश चौधरी, देवेंद्र सिंह, मृत बालियां सहित दर्जनों किसान मौजूद रहे।

 किसानों की चेतावनी

भाकियू नेताओं ने कहा कि यदि सरकार ने मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की, तो संगठन आंदोलन का रास्ता अपनाने से पीछे नहीं हटेगा।

“किसान प्रदेश की रीढ़ हैं, लेकिन उपेक्षा के शिकार हैं। सरकार को किसानों की आवाज़ सुननी होगी।”

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