योगी सरकार का बड़ा कदम:
10.28 लाख विद्यार्थियों के खातों में पहुँचे ₹297.95 करोड़ — अब छात्रवृत्ति साल में दो बार मिलेगी, भ्रष्टाचार पर डीबीटी से सटीक प्रहार
📍लखनऊ | 17 अक्टूबर, 2025 | विशेष संवाददाता रिपोर्ट
दीपावली से पहले उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों को एक बड़ा तोहफा दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को डीबीटी (Direct Benefit Transfer) प्रणाली के माध्यम से 10,28,205 छात्र-छात्राओं के खातों में ₹297.95 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति हस्तांतरित की।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर विद्यार्थियों से संवाद करते हुए कहा कि “बाबा साहब डॉ. भीमराव आम्बेडकर ने कहा था कि पढ़-लिखकर ही हम आत्मनिर्भर बन सकते हैं। संसाधनों की कमी नहीं, जरूरत है दृढ़ इच्छाशक्ति और मेहनत की।”
कार्यक्रम की मुख्य झलकियाँ
- 🔹 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में आयोजित दशमोत्तर एवं पूर्वदशम छात्रवृत्ति कार्यक्रम में की बड़ी घोषणा।
- 🔹 डीबीटी प्रणाली से 10,28,205 छात्रों के खातों में ₹297.95 करोड़ की छात्रवृत्ति सीधे हस्तांतरित।
- 🔹 मुख्यमंत्री ने स्वयं छात्रवृत्ति स्वीकृति प्रमाणपत्र वितरित किए और छात्रों से संवाद भी किया।
- 🔹 समारोह में छात्रवृत्ति वितरण पर आधारित लघु फिल्म प्रदर्शित की गई।
- 🔹 मंच पर प्रमुख रूप से उपस्थित:
- असीम अरुण (राज्यमंत्री, स्वतंत्र प्रभार – समाज कल्याण)
- संजिव गोंड (राज्यमंत्री, समाज कल्याण)
- दानिश आज़ाद अंसारी (राज्यमंत्री, अल्पसंख्यक कल्याण)
- एल. वेंकटेश्वर लू (अपर मुख्य सचिव, समाज कल्याण)
- सुभाष चंद शर्मा (प्रमुख सचिव, पिछड़ा वर्ग)
- संयुक्ता समद्दार (प्रमुख सचिव, अल्पसंख्यक कल्याण)
वर्गवार छात्रवृत्ति वितरण का विस्तृत विवरण
| वर्ग | लाभार्थी छात्र | वितरित राशि (₹ करोड़) |
|---|---|---|
| अनुसूचित जाति/जनजाति | 3.56 लाख | 114.92 |
| सामान्य वर्ग | 97,000 | 29.18 |
| अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) | 4.83 लाख | 126.69 |
| अल्पसंख्यक वर्ग | 90,758 | 27.16 |
| कुल | 10.28 लाख+ | 297.95 करोड़ |
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि डीबीटी प्रणाली से अब छात्रवृत्ति सीधे छात्रों के बैंक खातों में पहुंच रही है, जिससे भ्रष्टाचार, देरी और बिचौलियों की भूमिका खत्म हुई है।
मुख्यमंत्री ने कहा — “मेहनत और अनुशासन से बदलें अपना भविष्य”
मुख्यमंत्री योगी ने विद्यार्थियों को संदेश दिया कि अब समय संसाधनों की कमी का नहीं, बल्कि आत्म-प्रेरणा और लगन का है। उन्होंने कहा —
“बाबा साहब आम्बेडकर ने सीमित संसाधनों में भी उच्च शिक्षा अर्जित कर देश को नई दिशा दी। आज हमारे पास संसाधनों की कोई कमी नहीं, बस छात्रों को अपने स्तर पर प्रयास करने की जरूरत है।”
योगी ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि —
- उन्हें सरकारी योजनाओं से जुड़ना चाहिए,
- अपने शैक्षणिक संस्थानों में नियमित उपस्थिति बनानी चाहिए,
- पुस्तकालय जाने की आदत डालनी चाहिए,
- और पाठ्यक्रम पर पूरी निष्ठा से ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यूपी के युवाओं में असीम ऊर्जा और प्रतिभा है, जिसे सही दिशा में लगाकर वे न केवल अपना बल्कि देश का भविष्य भी उज्ज्वल बना सकते हैं।
डीबीटी प्रणाली से पारदर्शिता और गति दोनों
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में भ्रष्टाचार पर सटीक प्रहार करने के लिए डीबीटी प्रणाली को लागू किया गया।
अब किसी भी छात्र को न तो फॉर्म जमा करने में परेशानी होती है, न ही बिचौलियों से जूझना पड़ता है।
सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि
👉 अब छात्रवृत्ति साल में दो बार (अक्टूबर और जनवरी) वितरित की जाएगी, ताकि छात्रों को समय पर आर्थिक सहायता मिल सके।
छात्रवृत्ति का दायरा हुआ विस्तृत
मुख्यमंत्री ने बताया कि:
- वर्ष 2016-17 में जहां 46 लाख विद्यार्थी छात्रवृत्ति प्राप्त करते थे,
- वहीं आज 62 लाख से अधिक छात्र-छात्राएँ इसका लाभ उठा रहे हैं।
- पिछले साढ़े 8 वर्षों में 4 करोड़ 27 लाख से अधिक विद्यार्थियों को स्कॉलरशिप दी जा चुकी है।
योगी ने कहा कि यह सब संभव हुआ है क्योंकि राज्य सरकार ने शिक्षा को प्राथमिकता दी और हर वर्ग तक योजनाओं को पहुँचाने में ईमानदारी से काम किया।
शिक्षा और समाज कल्याण की दिशा में सरकार के बड़े कदम
मुख्यमंत्री ने बताया कि शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा को सशक्त बनाने के लिए प्रदेश में अनेक योजनाएँ चल रही हैं —
- अटल आवासीय विद्यालय: बीओसी बोर्ड में पंजीकृत श्रमिकों के बच्चों के लिए निःशुल्क आवास, भोजन व शिक्षा की सुविधा।
- आश्रम पद्धति विद्यालय: अनुसूचित जाति के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एक ही छत के नीचे।
- कस्तूरबा गांधी विद्यालय: गरीब बालिकाओं के लिए इंटरमीडिएट तक निःशुल्क शिक्षा, भोजन व रहने की सुविधा।
- अभ्युदय कोचिंग योजना: प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निशुल्क प्रशिक्षण मंच — जिससे हजारों विद्यार्थियों ने सफलता हासिल की।
- मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना: अब तक 4 लाख बेटियों के विवाह संपन्न कराए गए, हर बेटी को ₹1 लाख की सहायता।
- पेंशन योजनाएँ: 1 करोड़ से अधिक परिवारों को ₹12,000 वार्षिक पेंशन (निराश्रित महिला, वृद्धावस्था, दिव्यांगजन)।
“किसी भी वर्ग के साथ भेदभाव नहीं होगा”
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि
कोई भी छात्र—चाहे वह SC/ST, OBC या अल्पसंख्यक वर्ग का हो—छात्रवृत्ति से वंचित न रहे।
पिछले वर्ष पोर्टल की तकनीकी समस्याओं के कारण जो विद्यार्थी लाभ से वंचित रह गए थे,
उन्हें दोबारा स्कॉलरशिप पोर्टल पर शामिल कर लाभ पहुंचाने की प्रक्रिया चल रही है।
“विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश की नींव शिक्षा से ही संभव”
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर आए हैं,
जिनमें से 6 करोड़ उत्तर प्रदेश के हैं।
उन्होंने कहा —
“जब शिक्षा, योजनाएं और सरकारी प्रयास मिलकर जरूरतमंदों तक पहुंचेंगे, तब विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश का सपना पूरा होगा।”
कार्यक्रम की झलकियाँ
- छात्रवृत्ति वितरण पर आधारित प्रेरक लघु फिल्म प्रदर्शित
- छात्र-छात्राओं को मुख्यमंत्री से सीधा संवाद का अवसर
- सम्मान समारोह में छात्रों को प्रमाणपत्र वितरण
- बड़ी संख्या में अभिभावक, विद्यार्थी और अधिकारी उपस्थित
निष्कर्ष
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह छात्रवृत्ति कार्यक्रम सिर्फ आर्थिक सहायता का प्रतीक नहीं,
बल्कि यह शिक्षा, आत्मनिर्भरता और सामाजिक उत्थान की दिशा में एक दूरदर्शी पहल है।
डीबीटी के माध्यम से पारदर्शिता,
दो बार छात्रवृत्ति वितरण की व्यवस्था,
और सभी वर्गों के विद्यार्थियों को समान अवसर प्रदान कर
योगी सरकार ने यह साबित किया है कि
“शिक्षा ही सशक्त भारत का सबसे मजबूत स्तंभ है।”
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