आइजीआरएस शिकायतों पर एडीएम बिजनौर की कड़ी चेतावनी, अधिकारियों को दी सख्त निर्देश
— शिकायतकर्ता की संतुष्टि ही होगी निस्तारण का मापदंड
बिजनौर, 13 अक्टूबर 2025:
जिलाधिकारी जसजीत कौर के निर्देश पर अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) आंशिका दीक्षित ने आज कलेक्ट्रेट सभागार में आइजीआरएस शिकायतों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में कई विभागों की शिकायत निस्तारण प्रक्रिया पर असंतोषजनक प्रतिक्रिया मिलने पर एडीएम ने अधिकारियों को कड़ा निर्देश दिया कि शिकायतों का निस्तारण समयबद्ध और गुणवत्ता के साथ किया जाए।
मुख्य निर्देश और अहम बातें
- संतुष्टि अनिवार्य: केवल वही शिकायत निस्तारित मानी जाएगी, जिस पर शिकायतकर्ता की संतुष्टि प्राप्त हो।
- दोनों पक्षों को सूचित करें: जांच से पहले शिकायतकर्ता और शिकायत किए गए पक्ष दोनों को जानकारी दी जाए।
- जांच प्रक्रिया: मौके पर जांच कर दोनों पक्षों से पूछताछ करने के बाद ही निस्तारण किया जाए।
- ओटीपी सत्यापन: शिकायतकर्ता को कॉल कर ओटीपी नंबर सहित संतुष्टि प्राप्त करने के बाद ही पोर्टल पर निस्तारित दर्ज करें।
- अदालत विचाराधीन मामलों की जानकारी: यदि मामला अदालत में विचाराधीन है तो शिकायतकर्ता को स्पष्ट कारण बताते हुए संतुष्टि प्राप्त करें।
- सीएमओ मॉनिटरिंग: मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा आइजीआरएस पोर्टल पर निस्तारण की नियमित मॉनिटरिंग होती है।
बैठक में शामिल विभाग
बैठक में विकास, स्वास्थ्य, पंचायत राज, बेसिक शिक्षा, आईसीडीएस, लोक निर्माण विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
एडीएम आंशिका दीक्षित का संदेश
“शिकायतों का निस्तारण केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि शिकायतकर्ता की पूर्ण संतुष्टि के साथ होना चाहिए। सभी अधिकारी गंभीरता और गुणवत्ता के साथ इस प्रक्रिया को सुनिश्चित करें।”
क्या आप जानते हैं?
आइजीआरएस (Integrated Grievance Redressal System) पोर्टल का उद्देश्य है नागरिकों की शिकायतों का त्वरित और पारदर्शी निस्तारण, जिससे सरकारी कार्यों में जवाबदेही बढ़े।










