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रालोद का बढ़ता जनाधार: धनोरी में उमड़ा समर्थन, किसानों ने थामा चौधरी चरण सिंह का परचम

 रालोद का बढ़ता जनाधार: धनोरी में उमड़ा समर्थन, किसानों ने थामा चौधरी चरण सिंह का परचम


 ग्रामीणों ने लिया संकल्प – रालोद की नीतियों को घर-घर तक पहुंचाएंगे, युवाओं को जोड़ेंगे राजनीति की मुख्यधारा से

📍 बिजनौर, धनोरी से रिपोर्ट —

राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) का सदस्यता अभियान अब महज़ एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि यह ग्रामीण चेतना और किसान एकजुटता का आंदोलन बनता जा रहा है। नहटौर विधानसभा क्षेत्र के गांव धनोरी में रविवार को आयोजित रालोद की सदस्यता बैठक में सैकड़ों ग्रामीणों की उपस्थिति ने पार्टी नेतृत्व को उत्साहित कर दिया।
गांव के हर कोने से आए लोगों ने “जय चौधरी चरण सिंह! जय किसान!” के नारों के साथ पार्टी की सदस्यता ग्रहण की और किसान नेता की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।

 नेताओं के सशक्त संदेश

➡ जिला अध्यक्ष नरेंद्र सिंह आचार्य

  • कहा कि रालोद किसान, मजदूर और गरीबों की पार्टी है।
  • चौधरी चरण सिंह की विचारधारा आज भी भारत के विकास का मार्गदर्शक है।
  • पार्टी को मजबूत करने के लिए बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करने की जरूरत है।

➡ विधायक चौधरी सुखबीर सिंह

  • कहा कि चौधरी अजीत सिंह के बाद चौधरी जयंत सिंह किसानों की उम्मीद बने हैं।
  • कौशल विकास के माध्यम से युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की पहल की जा रही है।
  • रालोद का उद्देश्य सर्व समाज के हित में कार्य करना है।

➡ पूर्व जिला अध्यक्ष महावीर सिंह ढाका

  • युवाओं को संगठन से जोड़ने पर दिया बल।
  • कहा कि आज जरूरत है युवाओं और महिलाओं तक पार्टी की नीतियों को पहुंचाने की।
  • दलित, पिछड़ा, अल्पसंख्यक और किसान—सभी को साथ लेकर ही रालोद फिर चमकेगा।

कार्यक्रम की झलकियाँ

  • धनोरी में आयोजित बैठक में सैकड़ों ग्रामीणों ने रालोद की सदस्यता ली।
  • बैठक की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष नरेंद्र सिंह आचार्य ने की।
  • संचालन राकेश सिंह ने किया।
  • कार्यक्रम में पूर्व सांसद मुंशी रामपाल, युवा प्रकोष्ठ के महासचिव शिवम राणा, सुरेंद्र निंदना, जयपाल सिंह, राजपाल भगत, विजयपाल सिंह, जितेंद्र सिंह, मुनेश कुमार, चरण सिंह, और वेदपाल सिंह उपस्थित रहे।

विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण

🔸 राजनीतिक संकेत:
रालोद के इस सदस्यता अभियान से पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में फिर हलचल है। ग्रामीण अंचलों में पार्टी को मिल रहा समर्थन संकेत देता है कि किसान वर्ग में रालोद का प्रभाव पुनः बढ़ रहा है।

🔸 सामाजिक आधार की पुनर्बहाली:
रालोद लंबे समय से किसान और ग्रामीण समाज की आवाज़ रहा है। धनोरी जैसे गांवों में मिल रहा समर्थन दर्शाता है कि यह वर्ग फिर चौधरी चरण सिंह की नीतियों की ओर लौट रहा है।

🔸 युवा फोकस रणनीति:
कार्यक्रम में युवाओं को जोड़ने पर विशेष बल देना दर्शाता है कि पार्टी भविष्य की राजनीति में युवा नेतृत्व और तकनीकी सशक्तिकरण को प्राथमिकता दे रही है।

🔸 जयंत सिंह की छवि:
केंद्रीय मंत्री चौधरी जयंत सिंह के नेतृत्व में रालोद अब “किसान से कौशल तक” की दिशा में बढ़ रहा है — एक ऐसा संदेश जो गांव और शहर दोनों वर्गों में आकर्षण पैदा कर रहा है।

💬 निष्कर्ष

धनोरी की यह सभा सिर्फ सदस्यता कार्यक्रम नहीं, बल्कि रालोद के पुनरुत्थान का प्रतीक बनी।
किसान, मजदूर और युवा वर्ग का एक मंच पर आना यह संकेत देता है कि
“रालोद अब फिर से खेत से संसद तक किसानों की आवाज़ बनने की तैयारी में है।”

 

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