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धान क्रय में पारदर्शिता पर प्रशासन का फोकस — बिजनौर में 30 क्रय केंद्रों से किसानों को मिलेगा लाभ

धान क्रय में पारदर्शिता पर प्रशासन का फोकस — बिजनौर में 30 क्रय केंद्रों से किसानों को मिलेगा लाभ

भुगतान सीधे खातों में, गीले धान को सुधारने का मिलेगा अवसर — किसानों की सुविधा पर जिला प्रशासन का विशेष ध्यान

 

बिजनौर, 08 अक्टूबर 2025।
जिलाधिकारी जसजीत कौर के निर्देशन में जिला प्रशासन किसानों को राहत देने और पारदर्शी खरीद प्रणाली सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह सक्रिय है।
इसी क्रम में आज अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) वान्या सिंह की अध्यक्षता में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत धान क्रय कार्य में प्रशिक्षित कार्मिकों की कार्यशाला कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई।

बैठक में जिला खाद्य विपणन अधिकारी, सहायक आयुक्त सहकारिता, भा.खा.नि., पीसीएफ, मंडी निरीक्षक व क्रय केंद्र प्रभारी उपस्थित रहे।

📍 बिजनौर में खुले 30 धान क्रय केंद्र

धान खरीद कार्य को सुचारू रूप से चलाने के लिए जनपद में कुल 30 धान क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं —

  • खाद्य विभाग : 16 केंद्र
  • पीसीएफ : 13 केंद्र
  • भा.खा.नि. : 1 केंद्र

🕘 समय: प्रतिदिन सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक
📅 अवधि: 1 अक्टूबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक
🎯 लक्ष्य: 53,000 मीट्रिक टन धान क्रय

समर्थन मूल्य:

  • सामान्य धान (Common) – ₹2369/- प्रति क्विंटल
  • ग्रेड ए धान – ₹2389/- प्रति क्विंटल

भुगतान सीधे किसानों के बैंक खातों में

अपर जिलाधिकारी ने सभी केंद्र प्रभारियों को निर्देश दिए कि किसानों को भुगतान पीएफएमएस (PFMS) के माध्यम से सीधे आधार-लिंक बैंक खातों में किया जाए।
किसानों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनका बैंक खाता एनपीसीआई (NPCI) पोर्टल पर सीडेड व मैप्ड हो।

“किसानों को धान बिक्री का पूरा भुगतान बिना किसी देरी के सीधे उनके खातों में भेजा जाएगा।” — वान्या सिंह, अपर जिलाधिकारी

बटाईदारों को भी मिलेगी भागीदारी

प्रशासन ने बटाईदार किसानों को भी लाभ देने का निर्णय लिया है।

  • बटाईदार किसान मूल भूमि स्वामी की सहमति पत्र के साथ पंजीकरण करा सकेंगे।
  • सत्यापन के लिए भूलेख और आधार-लिंक मोबाइल नंबर पर ओटीपी भेजा जाएगा।
  • मूल स्वामी को SMS के माध्यम से सूचना दी जाएगी ताकि प्रक्रिया पूर्ण पारदर्शी रहे।

गीले या गंदे धान को तुरंत अस्वीकृत नहीं किया जाएगा

अपर जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि यदि किसान द्वारा लाया गया धान गीला या गंदा हो, तो उसे तुरंत अस्वीकार न किया जाए।
किसान को धान सुखाने और साफ करने का अवसर दिया जाएगा, ताकि मानक के अनुरूप आने पर उसे खरीदा जा सके।

“पहले आओ, पहले पाओ” पर होगी खरीद — ऑफलाइन टोकन की सुविधा भी

धान क्रय प्रक्रिया “पहले आओ, पहले पाओ” के सिद्धांत पर होगी।
यदि किसी केंद्र पर किसानों की संख्या निर्धारित क्षमता से अधिक हो जाती है, तो ऑफलाइन टोकन प्रणाली के माध्यम से सुविधा दी जाएगी।

श्रमिक भुगतान में पारदर्शिता — ₹20 प्रति क्विंटल तक की दर तय

धान की उतराई, छनाई व सफाई का कार्य किसान स्वयं या क्रय केंद्र के श्रमिकों से करा सकते हैं।

  • श्रमिकों को अधिकतम ₹20 प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किया जाएगा।
  • यह भुगतान पीएफएमएस के माध्यम से किसानों को वापस किया जाएगा।

ई-पॉस मशीनें और ठेकेदार व्यवस्था जल्द पूरी करने के निर्देश

अपर जिलाधिकारी ने सभी केंद्र प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिए —

  • सभी ई-पॉस मशीनें कल तक सक्रिय हों।
  • हैंडलिंग और ट्रांसपोर्ट ठेकेदारों की नियुक्ति पूरी की जाए।
  • पिछले वर्षों के किसानों से संपर्क स्थापित कर पंजीकरण कार्य में तेजी लाई जाए।
  • सभी क्रय केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाएं पूर्ण कर नियमानुसार धान खरीद की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए।

किसानों की सुविधा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता

बैठक के अंत में यह स्पष्ट किया गया कि धान खरीद प्रक्रिया में किसी किसान को असुविधा न हो।
प्रशासन का मुख्य उद्देश्य है —
✅ पारदर्शी खरीद
✅ समयबद्ध भुगतान
✅ किसानों की सुविधा और संतुष्टि

धान खरीद सत्र 2025-26 में बिजनौर प्रशासन ने एक बार फिर किसानों के हितों को सर्वोपरि रखा है।
पारदर्शिता, तकनीकी व्यवस्था और जनसुविधा के समन्वय से इस बार की खरीद प्रक्रिया किसानों के लिए पहले से अधिक सहज और भरोसेमंद मानी जा रही है।

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