Target Tv Live

बिजनौर में ‘स्वच्छता ही सेवा’ कार्यक्रम के तहत निकली जागरूकता रैली, पोस्टर प्रतियोगिता और शपथ ग्रहण से गूंजा बादशाहपुर

गंगा स्वच्छता अभियान में बजा जनभागीदारी का बिगुल

बिजनौर में ‘स्वच्छता ही सेवा’ कार्यक्रम के तहत निकली जागरूकता रैली, पोस्टर प्रतियोगिता और शपथ ग्रहण से गूंजा बादशाहपुर

बिजनौर | संवाददाता। जिला गंगा समिति बिजनौर के तत्वावधान में आयोजित “स्वच्छता ही सेवा कार्यक्रम” ने बादशाहपुर को जागरूकता और जनभागीदारी के संदेश से सराबोर कर दिया। वीएमएस जूनियर हाई स्कूल परिसर में आयोजित इस विशेष आयोजन में न केवल बच्चों ने पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी का संकल्प लिया, बल्कि ग्रामीणों ने भी गंगा और प्रकृति की स्वच्छता को अपना कर्तव्य माना।

 कार्यक्रम की झलकियाँ

  • जागरूकता रैली: बादशाहपुर ग्राम की गलियों से निकली रैली ने राहगीरों और ग्रामीणों को संदेश दिया – “नदी बचाओ, पर्यावरण बचाओ”
  • पोस्टर प्रतियोगिता: 80 से अधिक बच्चों ने जल संरक्षण, नदी संरक्षण और पर्यावरण जागरूकता पर संदेशात्मक पोस्टर बनाए। विजेताओं को पुरस्कृत कर उत्साहवर्धन किया गया।
  • जनसंदेश: अधिकारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कचरा प्रबंधन, व्यक्तिगत स्वच्छता और जनभागीदारी के महत्व पर प्रकाश डाला।
  • गंगा शपथ और पौधरोपण: सभी उपस्थित लोगों ने गंगा को स्वच्छ रखने का संकल्प लिया और पौधरोपण से हरियाली का संदेश दिया।

 प्रमुख वक्तव्यों में छुपा संदेश

  • ज्ञान सिंह (उप प्रभागीय वनाधिकारी): “अभियान तभी सफल होता है जब समाज खुद को उसका हिस्सा बनाए। गंगा स्वच्छता के साथ ही गुलदार संरक्षण पर भी सावधानी जरूरी है।”
  • जितेंद्र राजपूत (जिला संयोजक, नमामि गंगे): “कचरा प्रबंधन ही पर्यावरण बचाव की कुंजी है। वैज्ञानिक पद्धति से निपटान न होने पर हर अभियान अधूरा है।”
  • पुलकित जाग्रवाल (जिला परियोजना अधिकारी, नमामि गंगे): “31 अक्टूबर 2025 तक गंगा ग्रामों के विद्यालयों को जोड़ते हुए यह अभियान जन-जागरूकता का जनांदोलन बनेगा।”
  • मास्टर मेहर सिंह (प्रबंधक, विद्यालय): “गंगा हमारी संस्कृति और धरोहर है, स्वच्छता अभियान में हर नागरिक की भागीदारी अनिवार्य है।”

📌 विश्लेषण: अभियान से सीख

इस आयोजन ने यह स्पष्ट किया कि गंगा की स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी योजनाओं से संभव नहीं, बल्कि ग्रामीण स्तर पर जनसहयोग से ही यह आंदोलन मजबूत हो सकता है। बच्चों की भागीदारी से भविष्य की पीढ़ी को भी इस जिम्मेदारी का बोध कराया गया।

🌱 निष्कर्ष

‘स्वच्छता ही सेवा’ केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि यह सामाजिक चेतना का आंदोलन है। बिजनौर के बादशाहपुर से उठी यह गूंज संदेश देती है कि जब गांव, स्कूल, अधिकारी और समाज एक साथ कदम बढ़ाते हैं तो गंगा की धारा ही नहीं, आने वाली पीढ़ियों का भविष्य भी स्वच्छ और सुरक्षित बनता है।

Leave a Comment

यह भी पढ़ें