🌊 बाढ़ की मार पर सरकार का सहारा
बिजनौर में 7,565 किसानों को 2.65 करोड़ की राहत राशि वितरित
बिजनौर।
फसलें बर्बाद, खेत जलमग्न और आजीविका पर संकट… लेकिन उम्मीद की किरण बनी सरकार की राहत योजना। शनिवार को कलेक्ट्रेट स्थित महात्मा विदुर सभागार में आयोजित कार्यक्रम में बाढ़ प्रभावित किसानों को कृषि निवेश अनुदान योजना के अंतर्गत राहत राशि वितरित की गई।
किसानों को मिला आर्थिक संबल
मुख्य अतिथि मा. विधायिका सुची चैधरी ने चेक वितरण करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के साथ हर कदम पर खड़ी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र किसानों को समयबद्ध व पारदर्शी तरीके से सहायता उपलब्ध कराई जाए, ताकि किसी को राहत पाने में दिक्कत न हो।
नुकसान का आंकड़ा और मुआवजा
अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व वान्या सिंह ने जानकारी दी कि हालिया बाढ़ और कटान से जनपद में कुल 7,565 कृषक प्रभावित हुए। लगभग 2,358.91 हेक्टेयर क्षेत्रफल की फसलें बर्बाद हुईं। इसके सापेक्ष प्रभावित किसानों को कुल ₹2,65,44,931 की धनराशि का भुगतान किया जा चुका है।
तहसीलवार आंकड़े इस प्रकार हैं—
- बिजनौर : 550 किसान
- धामपुर : 1,151 किसान
- नगीना : 14 किसान
- नजीबाबाद : 232 किसान
- चांदपुर : 5,618 किसान
कार्यक्रम में रही व्यापक भागीदारी
इस अवसर पर उपजिलाधिकारी सदर रीतू रानी, राजस्व विभाग के अधिकारीगण, जनप्रतिनिधि व बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। किसानों ने कहा कि समय पर मिली यह आर्थिक मदद उनके लिए बेहद राहतकारी है।
👁️ संपादकीय दृष्टिकोण
बाढ़ प्रभावित किसानों के लिए यह मुआवजा तात्कालिक राहत तो है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं। हर साल बाढ़ से फसलों का नुकसान यह बताता है कि अब सिर्फ मुआवजे से आगे बढ़कर दीर्घकालिक रणनीति की आवश्यकता है। जल प्रबंधन, तटबंधों की मजबूती और प्रभावी फसल बीमा योजनाओं पर ठोस काम ही किसानों को वास्तविक सुरक्षा दे पाएगा। सरकार का यह कदम सराहनीय है, मगर चुनौती इस बात की है कि भविष्य में किसान सिर्फ राहत का इंतजार न करें, बल्कि आत्मनिर्भर बन सकें।











