बिजनौर में आपदा प्रबंधन की बड़ी तैयार
19 सितंबर को होगा मॉक ड्रिल, DM जसजीत कौर ने दिए सख्त निर्देश
कलेक्ट्रेट में जिला संकट समूह की अहम बैठक
बिजनौर, 03 सितंबर 2025। संभावित आपदाओं से निपटने की तैयारी को परखने के लिए आज दोपहर कलेक्ट्रेट स्थित महात्मा विद्युत सभागार में जिला संकट समूह की महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी जसजीत कौर ने की। इस दौरान एएसपी ग्रामीण विनय कुमार सिंह, सहायक निदेशक कारखाना सुरेंद्र बहादुर, भारत पैट्रोलियम प्रबंधक राकेश कुमार समेत सभी संबंधित विभागीय अधिकारी व औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
DM के निर्देश, “मॉक ड्रिल पूरी तैयारी से हो”
जिलाधिकारी जसजीत कौर ने आगामी 19 सितंबर को प्रस्तावित मॉक ड्रिल को लेकर सभी विभागों को अलर्ट किया और साफ निर्देश दिए कि विभागीय समन्वय के साथ इसे पूरी तैयारी से संपन्न कराया जाए।
- फायर प्रोटेक्शन अधिकारी को – पर्याप्त दमकल वाहन सुनिश्चित करने के लिए मुख्यालय को पत्र भेजने के निर्देश।
- दमकल विभाग से – अग्निशमन वाहन और उपकरणों की अद्यतन स्थिति बताने को कहा।
- चिकित्सा विभाग से – अस्पताल, एंबुलेंस, एंटीडोट और दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश।
- पुलिस विभाग से – यातायात नियंत्रण, प्रभावित क्षेत्रों से सुरक्षित निकासी और सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने की अपील।
- परिवहन विभाग से – वैकल्पिक मार्ग और आपात वाहनों की उपलब्धता पर रिपोर्ट मांगी गई।
- आपदा प्रबंधन विभाग से – राहत शिविर, भोजन, पेयजल और पुनर्वास की तैयारी पर जोर।
- राजस्व विभाग से – प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे, क्षति आकलन और राहत वितरण पर जिम्मेदारी तय।
- कृषि विभाग से – रसायनों से प्रभावित भूमि और मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने के उपाय सुझाने को कहा गया।
पेट्रोलियम प्रबंधन की PPT प्रस्तुति
बैठक में भारत पैट्रोलियम प्रबंधक राकेश कुमार ने पीपीटी के माध्यम से केमिकल एक्सीडेंट इमरजेंसी प्लानिंग और क्रियान्वयन पर जानकारी दी। साथ ही, मई 2025 में की गई मॉक ड्रिल का विस्तृत प्रदर्शन भी प्रस्तुत किया गया।
✅ DM का संदेश – “मानक और गुणवत्ता से निभाएं जिम्मेदारी”
जिलाधिकारी ने भरोसा जताया कि सभी विभाग किसी भी आपात स्थिति में अपने-अपने दायित्वों को पूर्ण मानक और गुणवत्ता के साथ निभाएंगे। उन्होंने कहा कि समय रहते ऐसी मॉक ड्रिल्स जरूरी हैं ताकि वास्तविक संकट के समय मानव जीवन की सुरक्षा और त्वरित राहत सुनिश्चित की जा सके।
बिजनौर प्रशासन ने इस बैठक के जरिए यह स्पष्ट कर दिया है कि आपदा जैसी परिस्थितियों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 19 सितंबर की मॉक ड्रिल जिले की तैयारियों की असली परीक्षा होगी।











