“IIT कानपुर में ‘Samanvay 2025’: उद्योग–शिक्षा को जोड़ने का संकल्प,मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ”
कार्यक्रम की रूपरेखा और उद्देश्य
- Samanvay 2025: यह दो दिवसीय कॉर्पोरेट-अकादमिक समिट है, जो 2 व 3 सितंबर, 2025 को IIT कानपुर परिसर में आयोजित हुआ, जिसका उद्देश्य उद्योगों और तकनीकी संस्थानों के बीच नवाचार को बल देना था ।
- कार्यक्रम के मुख्य विषय: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सतत विकास (Sustainability), साइबर सुरक्षा, और CSR-फंडिंग के माध्यम से शोध एवं नवाचार को प्रोत्साहित करना ।
केंद्रीय अतिथि: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
- मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन किया और “उद्योग और शिक्षा जगत के बीच एक पुल” बनाए जाने पर जोर दिया ।
- उन्होंने “चेतन, अवचेतन और अचेतन मन के फॉर्मूले” से नवाचार और शोध की जरूरत पर बल दिया—जहाँ चेतन मन आधुनिक अध्ययन, अवचेतन मन नवाचार, और अचेतन मन उत्कृष्ट शोध का आधार हैं ।
- प्रदेश सरकार की प्रतिबद्धता को उन्होंने दोहराया कि स्टार्ट-अप और नई तकनीकों को बढ़ावा देना उनकी प्राथमिकता है ।
IIT-कैनुपुर की प्रमुख पहलें और सहयोग
- TCS के CTO Dr. Harrick Vin ने मुख्य भाषण (Keynote) दिया, साथ ही एक स्टार्ट-अप के साथ MoU पर हस्ताक्षर भी हुए ।
- IIT-K ने 300 से अधिक उद्योग प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया, ताकि AI-सस्टेनेबिलिटी-साइबर सुरक्षा से जुड़े नए विचार साझा हो सकें ।
- कार्यक्रम का ढाँचा इस तरह रखा गया कि पहले दिन AI, Sustainability और Cybersecurity के उद्योग-प्रभाव की समीक्षा हुई, वहीं दूसरे दिन CSR-फंडिंग की भूमिका पर चर्चा रही ।
- IIT-K ने Translational Research में लगे शोधकर्ताओं का सम्मान किया और उन्हें अनुदान और स्टार्ट-अप लॉन्च में सहायता प्रदान करने की योजना भी बनाई ।
बुलेट-पॉइंट्स: एक दृष्टिगत रूप में
- • ** कार्यक्रम का नाम:** Samanvay 2025 – उद्योग-शिक्षा समन्वय समिट, IIT कानपुर (2–3 सितंबर 2025)
- • मुख्य उद्देश्यों में शामिल: AI, Sustainability, Cybersecurity, CSR-funding
- • मुख्य अतिथि: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ — दीप प्रज्वलन, नवाचार हेतु “चेतन-अवचेतन-अचेतन मन” फॉर्मूले की संकल्पना
- • Keynote: Dr. Harrick Vin, CTO, TCS
- • MoU: TCS और एक स्टार्ट-अप के बीच
- • उपस्थित: 300+ उद्योग प्रतिनिधि, शोधकर्ता, विद्यार्थियों और स्टार्ट-अप्स की भागीदारी
- • सम्मान: Translational researchers को सम्मानित कर अनुदान एवं स्टार्ट-अप सहायता की घोषणा
- • द्वि-दिवसीय विभाजन: पहला दिन – तकनीकी शोध; दूसरा दिन – CSR-सहयोग की चर्चा
समापन टिप्पणी
यह कार्यक्रम न केवल एक भाषण-मंच था, बल्कि यह नए विचारों और शैक्षणिक–औद्योगिक साझेदारी की नींव बनने का एक प्रेरणादायक प्रयास था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी ने स्पष्ट संदेश दिया कि उत्तर प्रदेश सरकार स्टार्ट-अप संस्कृति, तकनीकी नवाचार और शिक्षा-उद्योग के समन्वय को राष्ट्रीय प्राथमिकता मानती है।













