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बिजनौर बाढ़ संकट: किसानों की फसलें डूबीं, जिला प्रशासन ने तेज़ किए राहत कार्य

बिजनौर बाढ़ संकट: किसानों की फसलें डूबीं, जिला प्रशासन ने तेज़ किए राहत कार्य

 200 से अधिक गांव प्रभावित, राहत कार्य युद्ध स्तर पर
हाइलाइटर:
  • 200 गांव बाढ़ से प्रभावित।
  • अब तक 2450 राशन किट वितरित।
  • 11 मेडिकल कैंप और 15 पशु स्वास्थ्य शिविर सक्रिय।
  • फसलों और सड़कों के नुकसान का त्वरित आकलन जारी।

बिजनौर जिले में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है। सोमवार शाम जिलाधिकारी जसजीत कौर की अध्यक्षता में कैंप कार्यालय पर आयोजित बैठक में बाढ़ से निपटने और प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाने के लिए कई अहम फैसले लिए गए।

 किसानों की फसलें बर्बाद, मिलेगा मुआवज़ा

  • धान, उड़द और गन्ने की फसलों को सबसे ज़्यादा नुकसान।
  • 200 गांवों में फसलें प्रभावित, सर्वे जारी।
  • इंश्योरेंस कंपनियों से क्लेम सुनिश्चित कराए जाएंगे।
  • जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक, उप निदेशक कृषि और कृषि अधिकारी को संयुक्त रूप से क्षतिपूर्ति भुगतान की जिम्मेदारी

 सड़कें टूटीं, मरम्मत पर जोर

  • बाढ़ से कई सड़कों को नुकसान।
  • लोक निर्माण विभाग को तत्काल रिपोर्ट और मरम्मत का आदेश।
  • तटबंधों और नदियों के जलस्तर की स्थिति पर हर समय नज़र।

अब तक 2450 राशन किट वितरित

  • बाढ़ प्रभावित परिवारों तक 2450 राशन किट पहुंचाई जा चुकीं
  • पोर्टल पर फीडिंग का काम जारी।
  • मानव और पशु हानि व घरों के नुकसान का ब्यौरा भी ऑनलाइन अपलोड करने के निर्देश।

 स्वास्थ्य और पशुओं के लिए विशेष इंतज़ाम

  • स्वास्थ्य विभाग ने 11 मेडिकल कैंप सक्रिय किए।
  • सभी पीएचसी और सीएचसी में दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित।
  • 15 पशु स्वास्थ्य शिविर चल रहे हैं, बीमार पशुओं का समुचित इलाज।
  • चारे की आपूर्ति सुनिश्चित की गई ताकि कोई भी पशु भूखा न रहे।

 रोगों पर रोकथाम की तैयारी

  • प्रभावित इलाकों में फॉगिंग, एंटी-लार्वा छिड़काव और सफाई अभियान जारी।
  • नगर निकाय और पंचायत विभाग को साफ-सफाई पर कड़ी निगरानी रखने का निर्देश।

 जिलाधिकारी का सख्त संदेश

जिलाधिकारी जसजीत कौर ने कहा –
“बाढ़ प्रभावित हर किसान और परिवार तक राहत पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी को भी नुकसान की भरपाई से वंचित नहीं किया जाएगा।”

 

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