बाढ़ राहत
बिजनौर में मृतकों के 47 परिजनों को 2.36 करोड़, किसानों की फसल हानि पर सर्वे जारी
प्रशासन की प्राथमिकता, जीवन, पशुधन और मकानों की क्षति की भरपाई
बिजनौर | 01 सितंबर 2025
भारी बारिश और गंगा की बाढ़ से बेहाल बिजनौर जिले में प्रशासन ने पीड़ित परिवारों को राहत देने की प्रक्रिया तेज़ कर दी है। जिलाधिकारी जसजीत कौर ने बताया कि मृतकों के आश्रितों, मकान और पशु हानि झेलने वाले परिवारों को आर्थिक मदद दी गई है, जबकि किसानों की फसल हानि का विस्तृत सर्वे अभी जारी है।
अब तक का राहत वितरण
- मानव हानि: 47 मृतकों के आश्रितों को कुल ₹2 करोड़ 36 लाख की आर्थिक सहायता।
- पशु हानि: प्रभावित पशुपालकों को ₹2 लाख 55 हजार 500 का मुआवज़ा।
- मकान क्षति: 318 क्षतिग्रस्त मकानों के लिए ₹15 लाख 69 हजार 500 की मदद।
किसानों की सबसे बड़ी चिंता: फसल हानि
- बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित किसान हुए हैं।
- बीमित और अबीमित दोनों फसलों का नुकसान दर्ज किया जा रहा है।
- सर्वे पूरा होने के बाद किसानों तक राहत राशि पहुंचाई जाएगी।
प्रशासन की चुनौतियां
- प्रभावित गांवों तक राहत सामग्री और सहायता पहुंचाना।
- फसल हानि का सटीक सर्वे करना और उसमें पारदर्शिता बनाए रखना।
- ग्रामीण इलाकों में राहत की समयबद्धता सुनिश्चित करना।
बिजनौर में प्रशासन की अब तक की राहत व्यवस्था त्वरित और प्रभावी मानी जा सकती है। मृतकों के परिजनों और अन्य प्रभावितों तक आर्थिक सहायता पहुंचना एक राहत की बात है, लेकिन किसानों की आजीविका पर आई चोट अभी भी सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है।
आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि फसल हानि का सर्वे कितनी तेजी और पारदर्शिता से पूरा होता है तथा क्या किसानों को समय पर आर्थिक सहारा मिल पाता है।












