“एटा का औद्योगिक बढ़ता चेहरा: सीएम योगी ने किया 800 करोड़ के श्री सीमेंट प्लांट का उद्घाटन”

- 800 करोड़ की ताक़त से मिल रहा एटा को पहचान
- प्रतिदिन 8,000 टन सीमेंट उत्पादन, रोजगार में व्यापक विस्तार
- पर्यावरण-स्नेही तकनीक और सामाजिक प्रतिबद्धता का संगम
उत्तर प्रदेश के जनपद एटा को आज औद्योगिक विकास की नई सौगात मिली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मलावन क्षेत्र के ग्राम निगोह हसनपुर (जवाहरपुर थर्मल पावर प्लांट के समीप) में श्री सीमेंट लिमिटेड द्वारा स्थापित इस 800 करोड़ रुपये लागत वाले ग्राइंडिंग प्लांट का लोकार्पण किया ।
इस संयंत्र की वार्षिक क्षमता 3 मिलियन टन (3 MTPA) है, जो प्रतिदिन लगभग 8,000 टन सीमेंट उत्पादन करने में सक्षम होगा ।
विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण:
रोजगार एवं आर्थिक परिवर्तन
- उद्घाटन समारोह की रिपोर्ट के अनुसार, इस फैक्ट्री से ** प्रत्यक्ष रूप से लगभग 400–500 लोगों** को रोजगार मिल सकेगा, वहीं ** अप्रत्यक्ष रूप से 600–800 लोगों** तक रोजगार के अवसर बढ़ेंगे ।
- साथ ही, संबंधित लॉजिस्टिक्स, परिवहन, और अन्य सहायक उद्योगों को ज़ोरदार बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी ।
निर्माण, आपूर्ति और विकास
- उत्पादित सीमेंट की आपूर्ति न केवल उत्तर प्रदेश, बल्कि पड़ोसी राज्यों तक की जाएगी, जिससे क्षेत्र का औद्योगिक महत्व और बढ़ेगा ।
- निर्माण सामग्रियों की स्थानीय उपलब्धता विकास परियोजनाओं—जैसे सड़क, आवास और बुनियादी ढाँचे—को तेज़ गति से आगे बढ़ाएगी।
पर्यावरण-स्मार्ट तकनीक
- यह संयंत्र जीरो-वेस्ट ऑपरेशन, वायु-शीतलित स्क्रू कम्प्रेसर और उन्नत देब्री कंट्रोल तकनीक से लैस है, जिससे पर्यावरणीय प्रभाव न्यूनतम रहेगा ।
- संयंत्र का एक अनूठा पहलू यह है कि यह जवाहरपुर थर्मल पावर प्लांट के 5,000 टन प्रतिदिन फ्लाई ऐश को सीमेंट उत्पादन में उपयोग करेगा—एक प्रभावशाली पर्यावरणीय सहयोग ।
सामाजिक और बुनियादी ढाँचे का विकास
- शॉर्ट-टर्म में फैक्ट्री के संचालन से लगभग 2500 स्थानीय निवासियों को बुनियादी सुविधाओं और शिक्षा जैसी सामाजिक सुविधाओं से लाभ मिलेगा ।
रणनीतिक औद्योगिक महत्व
- यह संयंत्र, यूपी निवेशक शिखर सम्मेलन 2023 में प्रस्तावित आर्थिक पहल का एक हिस्सा है, जिसने एटा को औद्योगिक मानचित्र पर स्थापित किया था ।
व्यवस्थित बुलेट-पॉइंट सारांश:
- CM योगी ने 21 अगस्त 2025 को एटा के मलावन क्षेत्र में श्री सीमेंट के नए ग्राइंडिंग प्लांट का उद्घाटन किया ।
- प्लांट की लागत लगभग ₹800 करोड़, वार्षिक क्षमताः 3 मिलियन टन (क़रीब 8,000 टन/दिन) ।
- प्रत्यक्ष रोजगार: ~400–500 लोग; अप्रत्यक्ष रोजगार: ~600–800 लोग ।
- लॉजिस्टिक्स व सहायक व्यवसायों में वृद्धि, स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती ।
- पर्यावरण के अनुकूल तकनीक, फ्लाई ऐश का उपयोग, और वेस्ट मैनेजमेंट पर जोर ।
- जवाहरपुर थर्मल पावर प्लांट से सहयोग, फ्लाई ऐश उपयोग योजना ~5,000 टन/दिन ।
- स्थानीय समुदाय को लाभ, ~2,500 निवासियों के लिए बुनियादी ढांचे में सुधार ।
एटा में श्री सीमेंट प्लांट का उद्घाटन एक औद्योगिक, आर्थिक और सामाजिक ट्रांसफ़ॉर्मेशन की शुरुआत है। यह सिर्फ उत्पादन केंद्र ही नहीं, बल्कि रोजगार, बुनियादी ढाँचा, पर्यावरण और आर्थिक पहचान का संगम है। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस परियोजना से जुड़ी सततता और सामाजिक जिम्मेदारी को कैसे संतुलित किया जाता है।











