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 खरीफ की फसलों पर मंडराया कीट-रोग का खतरा, बिजनौर कृषि विभाग ने जारी की जरूरी एडवाइजरी 

 खरीफ की फसलों पर मंडराया कीट-रोग का खतरा, बिजनौर कृषि विभाग ने जारी की जरूरी एडवाइजरी 

धान और गन्ने की फसल पर बढ़ रहा खतरा, किसानों से की अपील – तुरंत करें ये उपाय

बिजनौर।
खरीफ सीजन की फसलों पर मौसम की मार बढ़ रही है। तापमान और नमी में लगातार उतार-चढ़ाव के चलते धान और गन्ने की फसलें कीट और रोगों के निशाने पर हैं। इस हालात को देखते हुए जिला कृषि रक्षा अधिकारी जसवीर सिंह तेवतिया ने किसानों के लिए जरूरी एडवाइजरी जारी की है।

 धान की फसल में खतरे और उपाय

  • दीमक और जड़ की सूंडी : नियंत्रण के लिए क्लोरपायरीफॉस 20% ईसी की 2.5 लीटर मात्रा प्रति हेक्टेयर सिंचाई के पानी के साथ मिलाएं।
  • तना बेधक और पत्ती लपेटक : बचाव हेतु क्यूनालफॉस, क्लोरपायरीफॉस, फिप्रोनिल या कार्टाप हाइड्रोक्लोराइड का छिड़काव करें।

 गन्ने की फसल में रोग और बचाव

  • पोका बोइंग रोग : अधिक नमी से फैलने वाला यह रोग पत्तियों को पीला और संकरा कर देता है। रोकथाम के लिए कार्बेन्डाजिम+मैन्कोजेब या थायोफिनेट मिथाइल का छिड़काव करें।
  • शीर्ष भेदक कीट (टॉप बोरर) : पौधों की शीर्ष पत्तियों पर छेद दिखाई देने पर कार्बोसल्फान या क्लोरेंट्रानिलिप्रोल का उपयोग करें।
  • लाल सड़न रोग : गन्ने की सबसे खतरनाक बीमारी। पौधा सूख जाता है और गन्ने की गांठ में सिरके जैसी गंध आती है। बचाव हेतु कार्बेन्डाजिम या एज़ोक्सीस्ट्रोबिन+टेबुकोनाज़ोल का छिड़काव करें।

 किसानों के लिए 48 घंटे में समाधान

यदि आपकी फसल में कोई समस्या आ रही है तो किसान भाई अपना नाम, ग्राम, विकास खंड और जनपद लिखकर, साथ ही फसल की फोटो मोबाइल नंबर 9452247111 और 9452257111 पर SMS या व्हाट्सएप से भेजें।
👉 विभाग का दावा है कि आपकी समस्या का समाधान 48 घंटे के भीतर उपलब्ध कराया जाएगा।

किसान भाइयों के लिए सलाह : फसलों में रोग के शुरुआती लक्षण दिखते ही लापरवाही न करें, समय रहते दवा और उपाय अपनाने से भारी नुकसान से बचा जा सकता है।

 

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