मंडावली सैदू में भाकियू टिकैत की सदस्यता सभा: सैकड़ों ग्रामीण जुड़े संगठन से
“नो एंट्री” निजी स्वार्थ वालों के लिए, जिलाध्यक्ष चौधरी सुनील प्रधान
🔹 मुख्य बातें (बुलेट पॉइंट्स)
- ग्राम मंडावली सैदू में भाकियू (टिकैत) की सदस्यता सभा आयोजित
- सभा की अध्यक्षता मंसूर प्रधान, संचालन अशरफ अहमद एडवोकेट ने किया
- मुख्य अतिथि: भाकियू जिलाध्यक्ष चौधरी सुनील प्रधान
- विशिष्ट अतिथि: चौधरी कुलदीप सिंह
- सैकड़ों ग्रामीणों ने भाकियू टिकैत की सदस्यता ग्रहण की
- जिलाध्यक्ष ने कहा – “जो संगठन के मार्गदर्शन में ईमानदारी से कार्य करेंगे, उनका स्वागत; निजी स्वार्थियों के लिए संगठन में जगह नहीं”
- भाकियू का इतिहास संघर्ष और बलिदान से भरा – करमूखेड़ी बिजलीघर से भोपा तक के आंदोलनों का उल्लेख
- इस अवसर पर ब्लॉक सचिव मोहम्मद शाहिद समेत कई किसानों ने भाकियू सदस्यता ली
सभा का पूरा विवरण
बिजनौर।
भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) की एक विशेष सभा ग्राम मंडावली सैदू में आयोजित हुई। इस सभा की अध्यक्षता मंसूर प्रधान ने की जबकि संचालन का दायित्व अशरफ अहमद एडवोकेट ने संभाला।
सभा के मुख्य अतिथि भाकियू जिलाध्यक्ष चौधरी सुनील प्रधान और विशिष्ट अतिथि चौधरी कुलदीप सिंह रहे। दोनों नेताओं की मौजूदगी में सैकड़ों ग्रामीणों ने भाकियू टिकैत की सदस्यता ली।
जिलाध्यक्ष का संबोधन
सभा को संबोधित करते हुए चौधरी सुनील प्रधान ने कहा कि संगठन का दरवाजा केवल उन्हीं लोगों के लिए खुला है जो राष्ट्र, समाज और किसान वर्ग के उत्थान में योगदान देना चाहते हैं।
“भाकियू कोई मंच नहीं है जहाँ व्यक्तिगत राजनीतिक लाभ उठाने वाले लोग जगह पा सकें। ऐसे लोगों के लिए संगठन में नो एंट्री है।” – चौधरी सुनील प्रधान
उन्होंने भाकियू के 50 वर्षों के संघर्षों को याद करते हुए बताया कि करमूखेड़ी बिजलीघर आंदोलन से लेकर भोपा मार्ग तक कई किसान नेताओं ने अपने प्राणों की आहुति दी।
नए सदस्य जुड़े
इस अवसर पर मोहम्मद शाहिद (ब्लॉक सचिव, मोहम्मदपुर देवमल) ने अपने साथियों सहित भाकियू टिकैत की सदस्यता ली।
सभा में मास्टर विजयपाल सिंह, कुलदीप सिंह, प्रमोद कुमार, जितेंद्र कुमार, आशु चौधरी, गफ्फार, शुभम चौधरी, रजनीश अहलावत, ओमकार प्रधान, सगीर अहमद, सादिक अली प्रधान, जमीर अहमद, शाहनवाज ठेकेदार, मोहम्मद साबिर समेत बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
मंडावली सैदू की यह सभा इस बात का संकेत है कि भाकियू टिकैत का जनाधार लगातार मजबूत हो रहा है। किसानों के मुद्दों पर संघर्ष और स्वर्गीय महेंद्र सिंह टिकैत की विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प इस सभा में स्पष्ट रूप से झलका।











