बिजनौर में दिल दहला देने वाला हादसा, पंपिंग सेट का पट्टा चढ़ाने उतरे तीन भाई कुएं में दम तोड़ा, गांव में पसरा मातम

बिजनौर, 10 अगस्त | उत्तर प्रदेश के बिजनौर जनपद के नूरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम सरकथल में रविवार की दोपहर एक ऐसा हादसा हुआ जिसने पूरे इलाके को झकझोर दिया। पंपिंग सेट का पट्टा चढ़ाने के लिए कुएं में उतरे तीन भाइयों की जहरीली गैस से दम घुटकर मौत हो गई। तीन-तीन जवान बेटों को खोने का गम परिजनों के लिए असहनीय बन गया, वहीं पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
हादसे की विस्तृत कहानी
- किस तरह हुई घटना?
रविवार को छत्रपाल सिंह (25) अपने चचेरे भाई हिमांशु और सगे भाई कशिश उर्फ छोटू के साथ खेत पर स्थित ट्यूबवेल पर पहुंचा। मोटर कुएं के ऊपर रखी थी और पंप नीचे। पंप का पट्टा उतर जाने के बाद छत्रपाल कुएं में उतरा। - पहला झटका – करीब 20 फीट नीचे पहुंचते ही छत्रपाल बेहोश होकर गिर पड़ा।
- दूसरा और तीसरा हादसा – भाई को बचाने के लिए पहले हिमांशु और फिर कशिश भी उतरे, लेकिन कुएं में मौजूद जहरीली गैस के कारण दोनों भी बेहोश होकर गिर गए।
रेस्क्यू मिशन, एक ग्रामीण की बहादुरी
- घटना के बाद मौके पर मौजूद धर्मवीर सिंह ने शोर मचाकर मदद के लिए ग्रामीणों को बुलाया।
- गांव के ही चेतन ने बिना समय गंवाए मुंह पर भीगा कपड़ा बांधा और कुएं में उतर गया।
- चेतन ने तीनों भाइयों को रस्सी से बांधा, फिर ग्रामीणों की मदद से उन्हें ऊपर खींचा गया।
- तुरंत सीएचसी नूरपुर ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया।
शोक में डूबा गांव
- परिजनों की स्थिति – मां-बाप और परिवारजन का रो-रोकर बुरा हाल, गांव के लोग उन्हें ढांढस बंधा रहे हैं।
- गांव का माहौल – सन्नाटा और मातम, लोग घटना को ‘अचानक आई बिजली’ जैसा झटका बता रहे हैं।
- तीन युवकों की एक साथ मौत से गांव में दशकों बाद ऐसा गमगीन माहौल देखा गया।
सुरक्षा की सीख
- गहरे कुएं या ट्यूबवेल में उतरने से पहले ऑक्सीजन की जांच जरूरी।
- जहरीली गैस का पता लगाने के लिए पारंपरिक तरीकों (दीपक जलाकर देखना) और आधुनिक गैस डिटेक्टर का इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
- बिना सुरक्षा उपकरण और प्रशिक्षण के ऐसे कार्यों से बचें।
स्थानीय प्रशासन की अपील – “ऐसे हादसे पूरी तरह टाले जा सकते हैं अगर सावधानी और सुरक्षा नियमों का पालन किया जाए।”












