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पुलिस मुठभेड़: अन्तर्जनपदीय बदमाश घायल, तमंचा और बाइक बरामद, साथी फरार

 प्रतापगढ़ पुलिस मुठभेड़: अन्तर्जनपदीय बदमाश घायल, तमंचा और बाइक बरामद, साथी फरार

✍🏻 अद्वैत दशरथ तिवारी

प्रतापगढ़। अपराध पर नकेल कसने में जुटी प्रतापगढ़ पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। थाना सांगीपुर पुलिस ने एक अन्तर्जनपदीय अपराधी को मुठभेड़ के दौरान गोली मारकर घायल कर दबोच लिया। वहीं उसका एक साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। मुठभेड़ के दौरान पुलिस टीम ने तमंचा, खोखा कारतूस और एक बिना नंबर प्लेट की बाइक बरामद की है।

घटना का सार

  • स्थान: जंगल वसुआपुर, थाना सांगीपुर, जनपद प्रतापगढ़

  • दिनांक: हाल ही की घटना (2025)

  • अभियुक्त: छैला बाबू पुत्र सुरेश सरोज, निवासी ग्राम बरेज, थाना नवाबगंज, जनपद प्रयागराज

  • स्थिति: मुठभेड़ में गोली लगने से घायल, गिरफ्तार

  • साथी अभियुक्त: फरार

बरामदगी

  • एक तमंचा 315 बोर
  • दो खोखा कारतूस
  • एक बिना नंबर प्लेट मोटरसाइकिल

अभियुक्त का आपराधिक इतिहास

  1. मु0अ0सं0 170/2024 – थाना सरायइनायत, प्रयागराज (धारा 317(4) BNS व 3/25 Arms Act)
  2. मु0अ0सं0 179/2025 – थाना नवाबगंज, प्रयागराज (धारा 310(2), 317(3) BNS व 3/25 Arms Act)

पुलिस टीम की भूमिका

इस मुठभेड़ को पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में तथा अपर पुलिस अधीक्षक संजय राय और सीओ लालगंज आशुतोष मिश्रा के पर्यवेक्षण में अंजाम दिया गया।
थानाध्यक्ष मनीष त्रिपाठी के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम में शामिल रहे –
उपनिरीक्षक रोहित कुमार, आकाश शुक्ला, इन्द्रेश कुमार, विनय प्रताप सिंह, ज्ञानेन्द्र कुमार, सुमित सिंह, सिपाही अवतार सिंह, मुकुल अग्रे, नेपाल सिंह, नरेश कुमार, पंकज कुमार, आकाश राय।

पंजीकृत धाराएं

  • मु0अ0सं0 134/2025
  • धाराएं – 109(1), 352, 351(3) BNS व 3/25 आयुध अधिनियम

पुलिस का बयान

“जनपद में अपराध व अराजकता के विरुद्ध शून्य सहनशीलता की नीति लागू है। अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा। आमजन से अपील है कि संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तत्काल पुलिस को दें, आपकी पहचान गोपनीय रखी जाएगी।”

विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण

प्रतापगढ़ पुलिस द्वारा की गई यह मुठभेड़ दर्शाती है कि जिले में अपराध नियंत्रण को लेकर ज़मीनी स्तर पर कठोर कदम उठाए जा रहे हैं। एक सक्रिय बदमाश को पकड़ना न सिर्फ़ कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करता है, बल्कि आम जनता के बीच सुरक्षा का विश्वास भी बढ़ाता है। हालांकि, साथी अभियुक्त का फरार होना इस बात का संकेत है कि पुलिस को अभी सतर्कता और तेज़ी दोनों बनाए रखनी होगी।

लोकरुचिक टिप्पणी:
“प्रतापगढ़ की ज़मीन पर अपराधियों की अब खैर नहीं। पुलिस की यह कार्यवाही ‘एक्शन मोड’ में लौटे सिस्टम का संकेत है।”

 

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