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पीसीपीएनडीटी सलाहकार समिति की बैठक: अल्ट्रासाउंड सेंटरों की निगरानी होगी सख्त

बिजनौर में पीसीपीएनडीटी सलाहकार समिति की बैठक: अल्ट्रासाउंड सेंटरों की निगरानी होगी सख्त

बिजनौर। भ्रूण हत्या रोकथाम और अल्ट्रासाउंड सेंटरों की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आज जिलाधिकारी जसजीत कौर की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में पीसीपीएनडीटी (प्री-कॉन्सेप्शन एंड प्री-नेटल डायग्नोस्टिक टेक्निक्स) सलाहकार समिति की बैठक आयोजित हुई। इस बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. कौशलेंद्र सिंह, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रभा रानी, नोडल अधिकारी डॉ. के.के. राहुल, शासकीय अधिवक्ता मुकेश त्यागी, रेडियोलॉजिस्ट डॉ. आर.बी. त्यागी और अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

सख्ती के निर्देश

बैठक में जिलाधिकारी ने पीसीपीएनडीटी से जुड़े मामलों के त्वरित निपटान पर जोर देते हुए नोडल अधिकारी को मासिक बैठक नियमित रूप से आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि मामलों की अनावश्यक लंबितता को रोकने के लिए प्रत्येक केस को व्यवस्थित रूप से टेबल फॉर्म में प्रस्तुत किया जाए और विचार बिंदुओं को स्पष्ट कॉलम में अंकित किया जाए।

अल्ट्रासाउंड मशीन संचालन से जुड़े मामलों में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए जिलाधिकारी ने कहा कि प्रदेश के बाहर से आने वाले डॉक्टरों से यह शपथ पत्र लिया जाए कि वे अन्य किसी स्थान पर अल्ट्रासाउंड मशीन का संचालन नहीं कर रहे हैं और वे उसी शहर में निवास कर रहे हैं, जहां वे कार्यरत हैं।

अल्ट्रासाउंड सेंटरों की नियमित जांच पर जोर

बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि अल्ट्रासाउंड मशीनों के संचालन हेतु नामित डॉक्टरों की पोस्ट ग्रेजुएट योग्यता का सत्यापन किया जाए। जिलाधिकारी कौर ने इस कार्य को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि किसी भी नए अल्ट्रासाउंड सेंटर की स्थापना से पहले सभी आवश्यक पैरामीटर्स की सक्षम अधिकारी से जांच कराई जाए और पूरी संतुष्टि के बाद ही पंजीकरण या नवीनीकरण की अनुमति दी जाए।

इसके अतिरिक्त, उन्होंने कहा कि समय-समय पर सभी अल्ट्रासाउंड सेंटरों की नियमित जांच सुनिश्चित की जाए, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि कहीं भी तकनीक का दुरुपयोग न हो रहा हो।

सख्ती का संकेत, पारदर्शिता की ओर बढ़ते कदम

यह बैठक संकेत देती है कि प्रशासन अब भ्रूण लिंग जांच और अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह सख्त रुख अपनाने के लिए तैयार है। अल्ट्रासाउंड मशीनों की निगरानी बढ़ाकर और चिकित्सकों की प्रमाणिकता की जांच कर, प्रशासन पीसीपीएनडीटी कानून को प्रभावी रूप से लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। बैठक में लिए गए निर्णयों से यह साफ हो गया कि बिजनौर प्रशासन महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा और अधिकारों को लेकर गंभीर है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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