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बिजनौर में शराब और भांग की बिक्री पर अस्थायी रोक

होली पर शांति और सौहार्द के लिए प्रशासन का सराहनीय कदम: बिजनौर में शराब और भांग की बिक्री पर अस्थायी रोक

बिजनौर : होली के पावन पर्व पर समाज में शांति, सौहार्द और सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला मजिस्ट्रेट जसजीत कौर ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। प्रशासन ने संयुक्त प्रांत आबकारी अधिनियम-1910 की धारा-59 के तहत जिले की सभी शराब, बीयर, मॉडल शॉप, बार और भांग की फुटकर एवं थोक दुकानों को 13 मार्च की रात 10 बजे से 14 मार्च की शाम 5 बजे तक बंद रखने का आदेश जारी किया है।

समाज की भलाई के लिए ठोस पहल
होली उत्सव प्रेम, उल्लास और भाईचारे का प्रतीक है, लेकिन कभी-कभी नशे की वजह से होने वाली अप्रिय घटनाएं इस खुशियों के पर्व को काला कर देती हैं। शराब या अन्य मादक पदार्थों के सेवन से सड़क दुर्घटनाएं, आपसी झगड़े, और सामुदायिक तनाव जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। प्रशासन का यह कदम समाज के हर वर्ग के लिए सुरक्षा की भावना पैदा करेगा और लोगों को बिना किसी डर के खुलकर त्योहार मनाने का मौका देगा।

परिवारों और बच्चों के लिए सुरक्षित माहौल
त्योहारों पर मादक पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाने से घर-परिवार का माहौल भी सुरक्षित रहेगा। अक्सर नशे की वजह से घरों में कलह और हिंसा की घटनाएं सामने आती हैं, जिससे महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को मानसिक तनाव झेलना पड़ता है। प्रशासन के इस फैसले से ऐसी घटनाओं में कमी आएगी, और परिवारजन होली के रंगों को सच्चे अर्थों में जी सकेंगे।

सामाजिक जागरूकता और सामूहिक जिम्मेदारी
समाज के प्रबुद्ध वर्ग और स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस फैसले का स्वागत किया है। उनका मानना है कि त्योहारों पर संयम और अनुशासन से ही वास्तविक खुशी मिलती है। समाज को मिलकर प्रशासन के इस फैसले का समर्थन करना चाहिए ताकि होली का पर्व आपसी प्रेम और एकता का सच्चा प्रतीक बन सके।

समापन संदेश: जिम्मेदार नागरिकता की ओर एक कदम
जिला प्रशासन की यह पहल समाज की भलाई के लिए एक सकारात्मक कदम है। इस फैसले को सफल बनाने की जिम्मेदारी हम सभी की है। अगर हम नशे से दूर रहकर, एक-दूसरे का सम्मान करते हुए, और शांति बनाए रखते हुए होली मनाएं, तो यह पर्व सचमुच “बुराई पर अच्छाई की जीत” का संदेश देगा। आइए, इस होली पर रंगों के साथ खुशियों और मानवता के रंग भी बिखेरें!

 

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