राष्ट्रीय धूम्रपान निषेध दिवस पर जीआईएमएस ने चलाया जागरूकता अभियान, तंबाकू मुक्त समाज का दिया संदेश

ओम प्रकाश चौहान,
ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा के राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जीआईएमएस) के सामुदायिक चिकित्सा विभाग ने राष्ट्रीय धूम्रपान निषेध दिवस के अवसर पर एक व्यापक जागरूकता अभियान का आयोजन किया। इस अभियान का उद्देश्य तंबाकू के दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को जागरूक करना और धूम्रपान मुक्त समाज की आवश्यकता को रेखांकित करना था।
अस्पताल परिसर में जागरूकता गतिविधियां
जीआईएमएस अस्पताल परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मरीजों और कर्मचारियों को तंबाकू के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले हानिकारक प्रभावों के बारे में जानकारी दी गई। सूचनात्मक स्वास्थ्य वार्ताएं, इंटरैक्टिव सत्र और शैक्षिक सामग्री के वितरण के माध्यम से लोगों को तंबाकू छोड़ने के व्यावहारिक उपाय भी बताए गए।
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में भी फैलाई जागरूकता
जीआईएमएस ने केवल अस्पताल परिसर तक ही नहीं, बल्कि अपने ग्रामीण स्वास्थ्य प्रशिक्षण केंद्र (आरएचटीसी) दाधा और शहरी स्वास्थ्य प्रशिक्षण केंद्र (यूएचटीसी) कसना के माध्यम से समुदाय तक भी अपनी पहुंच बनाई। वहां आयोजित सत्रों में लोगों को तंबाकू से होने वाली बीमारियों और तंबाकू छोड़ने में मदद करने वाली सहायता सेवाओं के बारे में जागरूक किया गया।
तंबाकू निषेध केंद्र: मदद की एक नई उम्मीद
अभियान के तहत जीआईएमएस तंबाकू निषेध केंद्र का भी प्रचार किया गया, जो अस्पताल के प्रवेश द्वार पर स्थित है। यह केंद्र नि:शुल्क परामर्श सेवाएं और पुनर्वास सहायता प्रदान करता है, जिससे तंबाकू छोड़ने की इच्छाशक्ति रखने वाले लोगों को उचित मार्गदर्शन मिल सके।
कार्यक्रम के प्रमुख आयोजक डॉ. सुप्राकाश मंडल ने कहा, “हम चाहते हैं कि लोग इन नि:शुल्क संसाधनों का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। जीआईएमएस का तंबाकू निषेध केंद्र, तंबाकू की लत से मुक्त होने की राह पर एक महत्वपूर्ण कदम है।”
संगठन की टीम और नेतृत्व
इस अभियान को सफल बनाने में डॉ. अनुराग श्रीवास्तव (नोडल अधिकारी, टीसीसी) और ब्रिगेडियर डॉ. राकेश कुमार गुप्ता (निदेशक, जीआईएमएस) का मार्गदर्शन अहम रहा। ग्रामीण और शहरी केंद्रों की गतिविधियों का आयोजन डॉ. श्रुति सिंह और डॉ. कृति सिंह ने किया, जबकि अस्पताल परिसर की गतिविधियों की जिम्मेदारी डॉ. अनुराग श्रीवास्तव और डॉ. सुप्राकाश मंडल ने संभाली। सामुदायिक स्तर पर अभियान का नेतृत्व डॉ. नारायण किशोर और डॉ. मयंक ने किया, जिन्होंने यह सुनिश्चित किया कि जागरूकता का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे।
स्वस्थ भविष्य की ओर एक मजबूत कदम
जीआईएमएस के सामुदायिक चिकित्सा विभाग का यह सक्रिय दृष्टिकोण उनकी निवारक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और समाज के लिए एक स्वस्थ और तंबाकू मुक्त भविष्य सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
इस जागरूकता अभियान ने लोगों को तंबाकू के खिलाफ लड़ने की प्रेरणा दी और यह संदेश दिया कि स्वस्थ जीवन के लिए आज ही तंबाकू छोड़ना जरूरी है।











