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किसानों की समस्याओं पर भाकियू की अहम बैठक, 17 फरवरी को महापंचायत में शक्ति प्रदर्शन

किसानों की समस्याओं पर भाकियू की अहम बैठक, 17 फरवरी को महापंचायत में शक्ति प्रदर्शन

बिजनौर। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) की एक महत्वपूर्ण बैठक आज जिला अध्यक्ष सोनू चौधरी के आवास पर संपन्न हुई। बैठक में किसानों की विभिन्न समस्याओं पर गहन चर्चा हुई और प्रशासन की लापरवाही पर नाराजगी जताई गई। बैठक में तय किया गया कि 17 फरवरी को बिजनौर के हजारों किसान मुजफ्फरनगर की गुड़ मंडी में होने वाली महापंचायत में भाग लेंगे और राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्देशों का पालन करेंगे।

प्रशासन पर किसानों की अनदेखी का आरोप

भाकियू जिला अध्यक्ष सोनू चौधरी ने अधिकारियों पर किसानों की समस्याओं की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि जिले में प्रशासन बेलगाम हो गया है। तहसीलों में अंश संशोधन के नाम पर किसानों के नाम गलत अंकित किए जा रहे हैं और उन्हें सही कराने के नाम पर किसानों को परेशान किया जा रहा है।

बिजली विभाग पर उगाही और डिजिटल मीटरों का विरोध

बैठक में बिजली विभाग की नीतियों की कड़ी आलोचना की गई। किसानों का आरोप है कि बिजली विभाग चेकिंग के नाम पर अवैध वसूली कर रहा है। साथ ही, डिजिटल मीटर लगाए जा रहे हैं, जिसका भाकियू ने पूर्ण विरोध किया है। यूनियन का कहना है कि किसानों की सहमति के बिना इन मीटरों को नहीं लगाने दिया जाएगा।

इसके अलावा, किसानों के नलकूपों का बिजली बिल माफ होने के बावजूद विभाग द्वारा जबरन वसूली की शिकायतें भी सामने आई हैं। किसानों की मांग है कि सरकार इस पर तुरंत संज्ञान ले और बिजली विभाग की मनमानी पर रोक लगाए।

गन्ना किसानों की समस्याएं और मिलों की मनमानी

बैठक में गन्ना किसानों की समस्याओं पर भी चर्चा हुई। भाकियू का कहना है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने गन्ने के लिए अलग-अलग श्रेणियां (आर्ली गन्ना प्रजाति, सामान्य गन्ना प्रजाति, अस्वीकृत गन्ना प्रजाति) निर्धारित कर दी हैं, जिससे मिलों को मनमानी का मौका मिल गया है। किसानों का तर्क है कि उन्हें किसी भी प्रकार के गन्ने की खेती करने की स्वतंत्रता होनी चाहिए और मिलों को उनकी फसल खरीदने के लिए बाध्य किया जाए।

ग्रामीण सड़कों और आवारा पशुओं का मुद्दा

बैठक में जल जीवन मिशन के तहत की गई खुदाई के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में खराब हो चुकी सड़कों की मरम्मत की मांग की गई। किसान नेताओं का कहना है कि टूटी सड़कों के कारण ग्रामीणों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

इसके अलावा, आवारा पशुओं द्वारा किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाने का मुद्दा भी जोर-शोर से उठाया गया। भाकियू ने सरकार से मांग की कि प्रभावित किसानों की फसलों का सर्वे कराकर उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए।

महापंचायत में होगा बड़ा फैसला

बैठक के अंत में भाकियू ने स्पष्ट किया कि 17 फरवरी को बिजनौर जिले के हजारों किसान मुजफ्फरनगर की गुड़ मंडी में आयोजित महापंचायत में शामिल होंगे। इस महापंचायत में भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत किसानों के आंदोलन की अगली रणनीति का ऐलान करेंगे।

भाकियू ने ऐलान किया— “लड़ेंगे, जीतेंगे!”

 

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