बिजनौर में गन्ना किसानों के लिए वैज्ञानिक खेती पर जिलास्तरीय गोष्ठी आयोजित

बिजनौर : गन्ना उत्पादन में वृद्धि और किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने के उद्देश्य से आज जिलाधिकारी जसजीत कौर की अध्यक्षता में कृषि विज्ञान केंद्र, नगीना में जिलास्तरीय प्रशिक्षण एवं वृहद गोष्ठी का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम गन्ना विभाग के तत्वावधान में आयोजित हुआ, जिसमें कृषि विशेषज्ञों और वैज्ञानिकों ने किसानों को उन्नत खेती के विभिन्न पहलुओं पर जागरूक किया।

गोष्ठी में उन्नत कृषि तकनीकों का प्रदर्शन
कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी जसजीत कौर ने फीता काटकर किया। इसके बाद कृषि अनुसंधान केंद्र, नगीना के वैज्ञानिकों ने गन्ना बुवाई की वैज्ञानिक, परंपरागत और त्रुटिपूर्ण विधियों का भौतिक प्रदर्शन किया। इस दौरान किसानों को “सेट ट्रीटमेंट डिवाइस” नामक वैक्यूम तकनीक आधारित मशीन के उपयोग की जानकारी दी गई, जिससे गन्ने को रोगमुक्त बनाया जा सकता है।
कृषकों को वैज्ञानिक खेती अपनाने का संदेश
जिलाधिकारी ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि इस गोष्ठी का मुख्य उद्देश्य उन्हें वैज्ञानिक खेती की ओर प्रेरित करना है। उन्होंने बताया कि बिजनौर प्रदेश का गन्ना उत्पादन में अग्रणी जिला है, और यहां के किसानों को उन्नत तकनीकों का प्रयोग करके उत्पादन बढ़ाना चाहिए। उन्होंने किसानों को 238 वैरायटी की बजाय वैज्ञानिकों द्वारा अनुशंसित नई वैरायटी अपनाने की सलाह दी, जिससे अधिक उत्पादन और बेहतर गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके।
मिट्टी की उर्वरता और फसल अवशेष प्रबंधन पर जोर
जिलाधिकारी ने कहा कि गन्ने की उत्पादकता बढ़ाने के लिए स्वस्थ मिट्टी का होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कृषि एवं गन्ना विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे किसानों को संतुलित मात्रा में उर्वरकों के उपयोग के प्रति जागरूक करें और इसके लिए मिट्टी परीक्षण अभियान चलाएं। इसके साथ ही, उन्होंने किसानों से फसल अवशेष प्रबंधन के उन्नत तरीकों को अपनाने का आग्रह किया, जिससे मिट्टी की उर्वरता बनी रहे और कृषि उत्पादन में निरंतरता बनी रहे।
किसानों की सक्रिय भागीदारी
इस कार्यक्रम में जिला गन्ना अधिकारी पीएन सिंह, कृषि अनुसंधान केंद्र के वैज्ञानिकों और भारी संख्या में किसान उपस्थित रहे। किसानों ने वैज्ञानिकों द्वारा दी गई जानकारी को ध्यानपूर्वक सुना और उन्नत कृषि तकनीकों के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। इसके अलावा, गोष्ठी स्थल पर लगाए गए स्टालों पर भी किसानों ने गन्ने की नई प्रजातियों, उर्वरकों और कृषि उपकरणों की जानकारी प्राप्त की।
यह जिलास्तरीय गोष्ठी बिजनौर के गन्ना किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो सकती है, यदि वे यहां से प्राप्त ज्ञान को अपने खेतों में लागू करें। वैज्ञानिक खेती की तकनीकों को अपनाने से न केवल उत्पादन में वृद्धि होगी, बल्कि किसानों की आय भी बढ़ेगी। इस प्रकार के आयोजनों से कृषि क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा मिलेगा और किसानों की जागरूकता में वृद्धि होगी, जिससे वे भविष्य में अधिक आत्मनिर्भर बन सकेंगे।












