बिजनौर DIOS ऑफिस में रिश्वतखोरी का भंडाफोड़: एंटी करप्शन टीम ने रंगे हाथों पकड़ा
बिजनौर। जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) कार्यालय में भ्रष्टाचार का एक और मामला सामने आया है। एंटी करप्शन टीम ने छापेमारी कर वरिष्ठ सहायक देवेंद्र चौहान को ₹10,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई आर्य कन्या इंटर कॉलेज के चपरासी की शिकायत पर की गई, जिसने आरोप लगाया था कि निलंबित होने के बाद दोबारा जॉइनिंग के लिए उससे रिश्वत मांगी गई थी।
कैसे हुआ खुलासा ?
आर्य कन्या इंटर कॉलेज में कार्यरत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी राधेश्याम को प्रबंधन द्वारा कुछ समय पहले निलंबित कर दिया गया था। जब उसने फिर से ज्वाइनिंग के लिए प्रयास किया, तो जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में तैनात वरिष्ठ सहायक देवेंद्र और लिपिक चौहान ने उससे घूस की मांग की। इस भ्रष्टाचार से परेशान होकर राधेश्याम ने एंटी करप्शन टीम को इसकी सूचना दी।
सूचना मिलते ही टीम ने जाल बिछाया और जैसे ही रिश्वत की रकम सौंपी गई, अधिकारियों ने तुरंत छापा मारकर दोनों को पकड़ लिया।
शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार का मामला
शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार के मामले पहले भी सामने आते रहे हैं, लेकिन इस बार सीधे जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के अधिकारी शामिल पाए गए हैं। यह मामला बताता है कि किस तरह सरकारी विभागों में निचले स्तर के कर्मचारियों को परेशान कर अवैध वसूली की जाती है।
प्रशासनिक कार्रवाई और प्रभाव
इस छापेमारी के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। प्रशासन अब इस बात की जांच कर रहा है कि क्या इस भ्रष्टाचार में और अधिकारी भी शामिल हैं। यह मामला विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार की जड़ों को उजागर करता है और इससे यह सवाल उठता है कि क्या अन्य मामलों में भी इसी तरह रिश्वत ली जाती रही है?
यह घटना सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार की गंभीरता को दर्शाती है। जरूरत इस बात की है कि एंटी करप्शन जैसी टीमें नियमित रूप से ऐसे मामलों पर नजर रखें और कठोर कार्रवाई करें। साथ ही, पीड़ित कर्मचारियों को भी चाहिए कि वे बिना डरे भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाएं ताकि ऐसे मामलों पर अंकुश लगाया जा सके।












