नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर गायत्री शक्तिपीठ में रक्तदान शिविर का आयोजन

बलरामपुर। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर गायत्री शक्तिपीठ बलरामपुर में 23 जनवरी 2025 को एक विशेष रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। यह आयोजन गायत्री परिवार की सुपर 50 टीम की संकल्प गोष्ठी के अंतर्गत संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ भक्तराज व परिवाजक राजकरण द्वारा गुरुवंदना से किया गया।
कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत सदर विधायक पलटूराम, उपप्रबंध ट्रस्टी डॉ. के.के. राणा, ट्रस्टी बिजलेश्वरी कसेरा, दिलीप कुमार श्रीवास्तव और व्यवस्थापक सतीश चंद्र मिश्रा द्वारा नेताजी सुभाष चंद्र बोस के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई।
मुख्य अतिथि सदर विधायक पलटूराम ने कहा कि गायत्री परिवार समाज और सनातन धर्म के उत्थान के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने रक्तदान को पुनीत कार्य बताते हुए कहा, “आज नेताजी की जयंती पर रक्तदान शिविर का आयोजन उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।” नगर के सम्मानित नागरिक आलोक अग्रवाल, जिन्होंने अब तक 32 बार रक्तदान किया है, ने रक्तदान को कन्यादान के बाद सबसे बड़ा दान बताया।
युवा मार्गदर्शक कृष्ण कुमार कश्यप ने गायत्री परिवार की सुपर 50 टीम को समाज और राष्ट्रहित में योगदान के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में रक्तदान करने वाले सभी लोगों का तिलक, चंदन और माल्यार्पण कर सम्मानित किया गया।
वरिष्ठ सदस्य दिलीप कुमार श्रीवास्तव ने कहा, “रक्तदान महायज्ञ में सहभागी होकर सभी ने नेताजी को सच्ची श्रद्धांजलि दी है।” इस दौरान गायत्री परिवार के सदस्यों ने 35 यूनिट रक्तदान किया।
कार्यक्रम का संचालन जनपद युवा प्रभारी संदीप जायसवाल ने किया। उन्होंने बताया कि गायत्री परिवार प्रतिवर्ष नेताजी की जयंती पर रक्तदान शिविर आयोजित करता है। आयोजन में युवा प्रकोष्ठ के सुरेश वर्मा और राकेश साहू का विशेष योगदान रहा।
इस अवसर पर कृष्ण कुमार कश्यप, राकेश साहू, व्योम, खेमराज, सचिन सोनी, साहिल सोनी, वेद प्रकाश गुप्ता, अनुरोध पांडेय, कमलेश, दिलीप, अमित, विनय, शिव कुमार कश्यप, पुष्पेंद्र, विद्या प्रसाद, शिवाकांत, रानी मिश्रा, प्रीति कश्यप, नीलम वर्मा और कल्पना शुक्ला सहित कई अन्य लोगों ने रक्तदान किया।
कार्यक्रम में गौरव मिश्रा, कृष्ण गोपाल गुप्ता, घनश्याम, बृजेन्द्र तिवारी, रामदुलारी, विद्यावती, कृष्णा सिंह और पूनम श्रीवास्तव सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
यह आयोजन समाजसेवा और नेताजी के विचारों को साकार करने की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम साबित हुआ।












