DM ने किया,महिला अस्पताल में औचक निरीक्षण: 17 कर्मचारी अनुपस्थित, सुधार के निर्देश

BIJNOR. डीएम जसजीत कौर ने आज जिला चिकित्सालय के महिला अस्पताल का औचक निरीक्षण कर चिकित्सा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल की व्यवस्था, चिकित्सा सुविधाओं और कर्मचारियों की उपस्थिति का बारीकी से निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान 6 चिकित्सकों और 17 पैरामेडिकल स्टाफ के कर्मचारियों की अनुपस्थिति ने व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए।
मरीजों की संतुष्टि और शिकायतें
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने वार्डों में भर्ती महिलाओं से संवाद किया। मरीजों ने दवाओं और चिकित्सा सेवाओं की निःशुल्क उपलब्धता पर संतोष व्यक्त किया, लेकिन खाने की गुणवत्ता को असंतोषजनक बताया। इस पर जिलाधिकारी ने भोजन की गुणवत्ता की जांच कर उसमें सुधार लाने के निर्देश दिए।
सीएनसीयू में व्यवस्थाओं पर संतोष
विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (सीएनसीयू) का निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी ने सफाई और अन्य व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया। साथ ही, उन्होंने पैरामेडिकल स्टाफ की संख्या बढ़ाने का सुझाव दिया ताकि नवजात शिशुओं की बेहतर देखभाल सुनिश्चित की जा सके।
दवा भंडार और सफाई व्यवस्था के निर्देश
जिलाधिकारी ने दवा भंडार का निरीक्षण करते हुए मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को सभी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने और उनकी समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने अस्पताल में सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने और किसी भी स्थान पर गंदगी न मिलने देने पर जोर दिया।

रैन बसेरा की स्थिति और सुधार के आदेश
अस्पताल के मुख्य द्वार पर बने रैन बसेरा का भी निरीक्षण किया गया। जिलाधिकारी ने वहां 10 बिस्तरों की व्यवस्था पाई, जिनका उपयोग बाहरी मरीजों और तीमारदारों द्वारा किया जा रहा था। उन्होंने रैन बसेरा की देखभाल के लिए एक कर्मचारी नियुक्त करने का आदेश दिया।
अनुपस्थित कर्मचारी और कार्रवाई की चेतावनी
निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित पाए गए चिकित्सकों में डॉ. अभिमन्यु, डॉ. अर्षिया, डॉ. रोमाना, डॉ. कपिल, डॉ. सुलेमान और डॉ. निदा शामिल थे। वहीं, अनुपस्थित पैरामेडिकल स्टाफ में 17 कर्मचारी थे, जिनमें स्टाफ नर्सें और डाटा ऑपरेटर शामिल थीं। जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को निर्देश दिया कि सभी कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित की जाए।
समस्या के समाधान की पहल
यह निरीक्षण जिला चिकित्सा व्यवस्था में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जिलाधिकारी ने जहां खामियों को दूर करने के निर्देश दिए, वहीं मरीजों को बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने के लिए प्रशासन की प्रतिबद्धता भी जाहिर की। अब यह देखना होगा कि प्रशासन द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन कितना प्रभावी ढंग से होता है।
(रिपोर्ट: विशेष संवाददाता)












