स्वामित्व योजना के तहत 1.29 लाख ग्रामीणों को मिला मकान का मालिकाना हक

एमएलके पीजी कॉलेज में जिला स्तरीय घरौनी वितरण कार्यक्रम आयोजित
बलरामपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशन में ग्रामीण क्षेत्रों के सशक्तिकरण और भूमि रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण के उद्देश्य से स्वामित्व योजना के तहत गुरुवार को जिले में घरौनी वितरण कार्यक्रम का आयोजन हुआ। जनपद के एमएलके पीजी कॉलेज में आयोजित इस जिला स्तरीय कार्यक्रम में 1 लाख 29 हजार घरौनियों का वितरण किया गया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि विधान परिषद सदस्य विजय बहादुर पाठक, बलरामपुर विधायक पल्टूराम, तुलसीपुर विधायक कैलाश नाथ शुक्ला और जिलाधिकारी पवन अग्रवाल ने ग्रामीणों को मकान के मालिकाना हक के कागज “घरौनी” प्रदान किए।
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का वर्चुअल संबोधन
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का वर्चुअल संबोधन सुना। उन्होंने इस योजना को ग्रामीण क्षेत्रों की आर्थिक और सामाजिक स्थिति सुधारने का एक क्रांतिकारी कदम बताया। मुख्यमंत्री ने लखनऊ से भौतिक रूप से घरौनी वितरण की शुरुआत की।
घरौनी से ग्रामीणों को मिलेगी नई ताकत
मुख्य अतिथि विजय बहादुर पाठक ने अपने संबोधन में कहा कि स्वामित्व योजना से ग्रामीणों को उनके मकानों का मालिकाना हक मिल रहा है, जो पहले उनके पास नहीं था। यह दस्तावेज न केवल उनकी संपत्ति को कानूनी मान्यता देता है, बल्कि बैंकों से ऋण लेने में भी सहायता करेगा। इससे ग्रामीण साहूकारों के चंगुल से मुक्त हो सकेंगे और सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठा पाएंगे।
पूरे जिले में कार्यक्रम का आयोजन
डीएम पवन अग्रवाल ने बताया कि घरौनी वितरण कार्यक्रम जनपद स्तर के साथ-साथ विकासखंड और ग्राम पंचायत स्तर पर भी आयोजित किया गया। उन्होंने कहा कि यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों के डिजिटलीकरण और पारदर्शिता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
कार्यक्रम में शामिल जनप्रतिनिधि और अधिकारी
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु गुप्त, जिलाध्यक्ष प्रदीप सिंह, एडीएम वित्त एवं राजस्व प्रदीप कुमार, जिला विकास अधिकारी, डीपीआरओ बृजेंद्र तिवारी, एमएलके पीजी कॉलेज के प्राचार्य जनार्दन पांडेय सहित अन्य अधिकारी, कर्मचारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
जिले में इस ऐतिहासिक कार्यक्रम के तहत 1 लाख 29 हजार ग्रामीणों को घरौनी प्राप्त हुई। यह योजना ग्रामीणों की संपत्ति को कानूनी सुरक्षा प्रदान करने और उनके जीवन में नई संभावनाओं का द्वार खोलने का काम करेगी।












